{"_id":"69ea81ed0a716711d10ec377","slug":"two-people-will-see-the-dazzling-world-through-the-eyes-of-jile-singh-sonipat-news-c-197-1-snp1014-152908-2026-04-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: जिले सिंह की आंख से दो लोग देखेंगे चकाचौंध दुनिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: जिले सिंह की आंख से दो लोग देखेंगे चकाचौंध दुनिया
Fri, 24 Apr 2026 02:02 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 24 Apr 2026 02:02 AM IST
विज्ञापन
नेत्रदाता जिले सिंह निगलिया। फाइल फोटो
- फोटो : Samvad
गोहाना। शहर के मेन बाजार निवासी 83 वर्षीय जिले सिंह निगलिया ने नेत्रदान कर समाज मिसाल पेश की है। उनके नेत्रदान से दो जरूरतमंद लोगों को रोशनी मिली है। जिले सिंह, इंद्र सिंह के पुत्र थे और रोहतक गेट के अंदर स्थित गली में रहते थे।
परिवार में पहले भी नेत्रदान की परंपरा रही है। करीब 14 साल पहले पत्नी शांति देवी भी नेत्रदान कर चुकी हैं। उनके इस कदम को परिवार ने आगे बढ़ाया है। परिवार में उनके पुत्र नरेश-सीमा, देवेंद्र-ममता और पुत्री पुष्पा व दामाद जयदीप सिंह मौजूद रहे।
नेत्रदान की प्रक्रिया में स्टार रक्तदाता सतीश सरदाना ने आहुति संस्था को सूचना दी। श्रॉफ आई इंस्टीट्यूट के टेक्नीशियन नरेंद्र लोहार ने नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी करवाई। आहुति संस्था से बंटी निरंकारी और अशोक हंस ने भी इस कार्य में सहयोग दिया। संस्था के सहयोग से अब तक 1085 व्यक्तियों के मरणोपरांत नेत्रदान हो चुके थे और जिले सिंह निगलिया का यह 1086वां नेत्रदान रहा। परिजनों और संस्था के सदस्यों ने लोगों से अपील की कि वे भी नेत्रदान जैसे पुण्य कार्य के लिए आगे आएं, ताकि जरूरतमंदों को नई जिंदगी मिल सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
परिवार में पहले भी नेत्रदान की परंपरा रही है। करीब 14 साल पहले पत्नी शांति देवी भी नेत्रदान कर चुकी हैं। उनके इस कदम को परिवार ने आगे बढ़ाया है। परिवार में उनके पुत्र नरेश-सीमा, देवेंद्र-ममता और पुत्री पुष्पा व दामाद जयदीप सिंह मौजूद रहे।
विज्ञापन
नेत्रदान की प्रक्रिया में स्टार रक्तदाता सतीश सरदाना ने आहुति संस्था को सूचना दी। श्रॉफ आई इंस्टीट्यूट के टेक्नीशियन नरेंद्र लोहार ने नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी करवाई। आहुति संस्था से बंटी निरंकारी और अशोक हंस ने भी इस कार्य में सहयोग दिया। संस्था के सहयोग से अब तक 1085 व्यक्तियों के मरणोपरांत नेत्रदान हो चुके थे और जिले सिंह निगलिया का यह 1086वां नेत्रदान रहा। परिजनों और संस्था के सदस्यों ने लोगों से अपील की कि वे भी नेत्रदान जैसे पुण्य कार्य के लिए आगे आएं, ताकि जरूरतमंदों को नई जिंदगी मिल सके।
विज्ञापन