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Sonipat News: दिवाली पर एक दीया प्रज्वलित कर शहीदों को दी श्रद्धांजलि
Sat, 02 Nov 2024 02:45 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 02 Nov 2024 02:45 AM IST
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फोटो 16- सोनीपत के बीसवां मील स्थित स्मारक पर शहीद कुशाल सिंह को श्रद्धांजलि देते शहीद सम्मान अ
संवाद न्यूज एजेंसी
राई। बीसवां मील स्थित शहीद कुशाल सिंह स्मारक पर दिवाली पर एक दीया प्रज्वलित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। शहीद सम्मान अभियान के अध्यक्ष डॉ. हरपाल सिंह जटराणा ने कहा कि शहीद गुरु तेग बहादुर ने मुगल शासकों का विरोध करते हुए वर्ष 1675 में चांदनी चौक वर्तमान शीशगंज गुरुद्वारे पर अपना शीश कटवा दिया था। उनकी शहादत से बड़ा इतिहास सोनीपत से भी जुड़ा है।
डॉ. हरपाल सिंह जटराणा कहा कि यहां के रहने वाले कुशाल सिंह ने गुरु तेग बहादुर के पवित्र शीश की रक्षा करने के लिए अपना शीश कटा दिया था। तब गुरु तेग बहादुर का शीश आनंदपुर साहिब पहुंच गया था। वहीं, सोनीपत के गांव का नाम बड़खालसा हो गया था। देश के नागरिक का कर्तव्य है कि वह हर पर्व पर एक दीया शहीदों के नाम प्रज्वलित कर उन्हें श्रद्धांजलि दें। स्मारक पर सीमा राणा, पूजा, संगीता, श्वेता त्यागी, जगदीश, प्रेमपाल, शहीद कुशाल सिंह संस्था से जोगिंद्र दहिया, रणधीर खापरा, रामचंद्र खत्री, प्रवीण त्यागी, अखिल राणा, गांव बढ़खालसा के ग्रामीण व विद्यार्थी मौजूद रहे।
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राई। बीसवां मील स्थित शहीद कुशाल सिंह स्मारक पर दिवाली पर एक दीया प्रज्वलित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। शहीद सम्मान अभियान के अध्यक्ष डॉ. हरपाल सिंह जटराणा ने कहा कि शहीद गुरु तेग बहादुर ने मुगल शासकों का विरोध करते हुए वर्ष 1675 में चांदनी चौक वर्तमान शीशगंज गुरुद्वारे पर अपना शीश कटवा दिया था। उनकी शहादत से बड़ा इतिहास सोनीपत से भी जुड़ा है।
डॉ. हरपाल सिंह जटराणा कहा कि यहां के रहने वाले कुशाल सिंह ने गुरु तेग बहादुर के पवित्र शीश की रक्षा करने के लिए अपना शीश कटा दिया था। तब गुरु तेग बहादुर का शीश आनंदपुर साहिब पहुंच गया था। वहीं, सोनीपत के गांव का नाम बड़खालसा हो गया था। देश के नागरिक का कर्तव्य है कि वह हर पर्व पर एक दीया शहीदों के नाम प्रज्वलित कर उन्हें श्रद्धांजलि दें। स्मारक पर सीमा राणा, पूजा, संगीता, श्वेता त्यागी, जगदीश, प्रेमपाल, शहीद कुशाल सिंह संस्था से जोगिंद्र दहिया, रणधीर खापरा, रामचंद्र खत्री, प्रवीण त्यागी, अखिल राणा, गांव बढ़खालसा के ग्रामीण व विद्यार्थी मौजूद रहे।
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