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किसान आंदोलन: शहीद हुए 734 किसानों को मोमबत्तियां जलाकर दी श्रद्धांजलि, बोले– इनकी कुर्बानी को कभी भुला नहीं सकते
Mon, 13 Dec 2021 04:21 AM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Mon, 13 Dec 2021 04:21 AM IST
सार
कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर किसान मजदूर एकता के नाम से लाइफ केयर सोसायटी की ओर से अस्पताल चलाया जा रहा था। वे रविवार को शहीद किसनों को श्रद्धांजलि देकर रवाना हुए।
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शहीद हुए 734 किसानों को मोमबत्तियां जलाकर दी श्रद्धांजलि
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर किसानों के लिए अस्पताल चला रहे पंजाब के लोगों ने रविवार को रवाना होने से पहले शहीद किसानों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान शहीद हुए 734 किसानों की याद में मोमबत्तियां जलाईं गईं। साथ ही कहा कि शहीद किसानों की कुर्बानी को कभी भुला नहीं सकते।
पंजाब के पटियाला निवासी भरपूर सिंह ने बताया कि कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर किसान मजदूर एकता के नाम से लाइफ केयर सोसायटी की ओर से अस्पताल चलाया जा रहा था। 11 दिसंबर को यहां से किसानों का मोर्चा जा चुका है। जब तक बॉर्डर पर आखिरी में बचे किसान मौजूद हैं, वह यहां रुकेंगे। अब जबकि किसान जा चुके हैं तो उन्होंने अपना सामान समेट लिया है।
इससे पहले शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई है। उन्होंने बताया कि किसान आंदोलन में अब तक तक कुल 734 किसान शहीद हुए हैं। जिसमें कल हादसे का शिकार हुए दो किसान भी शामिल हैं। ऐसे में उन्होंने सभी शहीद किसानों को श्रद्धांजलि देने के लिए अस्पताल स्थल पर 734 मोमबत्ती जलाई हैं।
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पंजाब के पटियाला निवासी भरपूर सिंह ने बताया कि कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर किसान मजदूर एकता के नाम से लाइफ केयर सोसायटी की ओर से अस्पताल चलाया जा रहा था। 11 दिसंबर को यहां से किसानों का मोर्चा जा चुका है। जब तक बॉर्डर पर आखिरी में बचे किसान मौजूद हैं, वह यहां रुकेंगे। अब जबकि किसान जा चुके हैं तो उन्होंने अपना सामान समेट लिया है।
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इससे पहले शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई है। उन्होंने बताया कि किसान आंदोलन में अब तक तक कुल 734 किसान शहीद हुए हैं। जिसमें कल हादसे का शिकार हुए दो किसान भी शामिल हैं। ऐसे में उन्होंने सभी शहीद किसानों को श्रद्धांजलि देने के लिए अस्पताल स्थल पर 734 मोमबत्ती जलाई हैं।
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