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Sonipat News: लोन दिलाकर 2.47 लाख रुपये ठगे
Thu, 18 Dec 2025 01:36 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 18 Dec 2025 01:36 AM IST
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सोनीपत। गोहाना में राजमिस्त्री को लोन दिलाकर करीब 2.47 लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर शहर थाना गोहाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
हांसी की बाबा बंदा बहादुर कॉलोनी निवासी राजमिस्त्री अखलेश ने एफआईआर दर्ज कराई है कि वह अप्रैल 2024 में काम के सिलसिले में गोहाना क्षेत्र में किराये पर रह रहे थे। इस दौरान उनको रुपये की जरूरत थी। उन्होंने रोहतक के माता दरवाजा क्षेत्र की रहने वाली अपनी परिचित सूजी से संपर्क किया।
सूजी ने उन्हें बताया कि उनका परिचित दीपक लोन दिलवाने में मदद कर सकता है। 20 जुलाई, 2024 को गोहाना में उनकी मुलाकात दीपक से हुई थी। दीपक ने उनसे आवश्यक कागजात लेकर 3.23 लाख रुपये का लोन स्वीकृत करवा दिया था। राशि मिलने पर उसने 12 हजार रुपये दीपक को कमीशन के तौर पर उसके खाते में ट्रांसफर कर दिए थे। अखलेश का आरोप है कि एक दिन बाद दीपक ने लोन में गलती होने की बात कहकर पूरी राशि वापस करने का दबाव बनाया। उसने मोबाइल से करीब 2.47 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए। कुछ समय बाद जब लोन कंपनी की ओर से किस्त जमा न होने को लेकर कॉल आई तो उसे ठगी का शक हुआ।
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जांच में सामने आया कि आरोपी ने लोन की राशि कंपनी के खाते में जमा कराने के बजाय अपने निजी खाते में ट्रांसफर करवा ली थी। बाद में रकम लौटाने के लिए दिए गए दो चेक भी बाउंस हो गए। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
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हांसी की बाबा बंदा बहादुर कॉलोनी निवासी राजमिस्त्री अखलेश ने एफआईआर दर्ज कराई है कि वह अप्रैल 2024 में काम के सिलसिले में गोहाना क्षेत्र में किराये पर रह रहे थे। इस दौरान उनको रुपये की जरूरत थी। उन्होंने रोहतक के माता दरवाजा क्षेत्र की रहने वाली अपनी परिचित सूजी से संपर्क किया।
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सूजी ने उन्हें बताया कि उनका परिचित दीपक लोन दिलवाने में मदद कर सकता है। 20 जुलाई, 2024 को गोहाना में उनकी मुलाकात दीपक से हुई थी। दीपक ने उनसे आवश्यक कागजात लेकर 3.23 लाख रुपये का लोन स्वीकृत करवा दिया था। राशि मिलने पर उसने 12 हजार रुपये दीपक को कमीशन के तौर पर उसके खाते में ट्रांसफर कर दिए थे। अखलेश का आरोप है कि एक दिन बाद दीपक ने लोन में गलती होने की बात कहकर पूरी राशि वापस करने का दबाव बनाया। उसने मोबाइल से करीब 2.47 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए। कुछ समय बाद जब लोन कंपनी की ओर से किस्त जमा न होने को लेकर कॉल आई तो उसे ठगी का शक हुआ।
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जांच में सामने आया कि आरोपी ने लोन की राशि कंपनी के खाते में जमा कराने के बजाय अपने निजी खाते में ट्रांसफर करवा ली थी। बाद में रकम लौटाने के लिए दिए गए दो चेक भी बाउंस हो गए। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है।