फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   There is more demand for earthen lamps than Chinese lamps.

Sonipat News: चाइनीज लड़ियों से ज्यादा मिट्टी के दीयों की मांग

Thu, 24 Oct 2024 01:16 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Thu, 24 Oct 2024 01:16 AM IST
विज्ञापन
There is more demand for earthen lamps than Chinese lamps.
सोनीपत। दीपावली को लेकर बाजार में रौनक आ गई है। प्रकाशोत्सव के लिए शहर में 48 परिवार मिट्टी की दीये तैयार कर रहे हैं। इस बार चाइनीज लड़ियों की अपेक्षा मिट्टी के दीयों की अधिक मांग है। ऐसे में इस बार पिछले वर्ष की अपेक्षा 20 फीसदी अधिक मिट्टी के दीयों का व्यापार होने की उम्मीद जताई जा रही है।
विज्ञापन

इस बार दीयों के आलवा फ्लावर पाट व पानी वाले दीये आकर्षण का केंद्र बने हैं। दीये बनाने वाले लोग परिवार के साथ मिलकर दिन-रात काम कर रहे हैं। दीपोत्सव पर करीब 1.20 करोड़ दीयों से शहर व ग्रामीण क्षेत्र जगमग होंगे। दुकानदार रामकुमार, अनिल व भतेरी ने बताया कि वह 17 वर्ष से यहां रहकर परिवार के साथ मिट्टी के दीये, करवा, अहोई व मटके बनाने का कार्य कर रहे हैं। 48 परिवार मिट्टी के दीपक तैयार करते हैं। हर बार दीयों व मटकों के डिजाइन में थोड़ा परिवर्तन किया जाता है। पिछले वर्ष करीब 2-2 लाख दीये तैयार किए गए थे, लेकिन इस बार प्रत्येक दुकानदार ने 2.5 लाख मिट्टी के दीये तैयार करने का लक्ष्य रखा है। दिवाली उत्सव से चार दिन पहले चाइनीज लड़ियों से ज्यादा मिट्टी के दीयों की मांग है। दीयों के दाम में कोई अंतर नहीं किया गया है। 10 रुपये में एक दर्जन दीये बेचे जा रहे हैं। इसके अलावा फ्लावर, मैजिक, शोपीस व पानी वाला दीया साइज अनुसार 10 से 50 रुपये प्रति पीस के हिसाब से उपलब्ध है।
विज्ञापन


इस बार दीपोत्सव पर दीयों की डिमांड बढ़ सकती है। पांच दिन तक मुख्य बाजारों सहित शहर में कई जगह स्टॉल लगाकर दीयों को बेचे जाते हैं। उनके बनाए गए दीयों को कई दुकानदार भी बेचने के लिए ले जाते हैं। इसके अलावा गोहाना, गन्नौर, खरखौदा, राई सहित पानीपत के समालखा में भी सोनीपत के दीयों की ज्यादा मांग है। यहां दीये बनाकर सभी जगह आपूर्ति की जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अहोई कैलेंडर व मटकों की बढ़ी बिक्री

एक दुकानदार ने बताया कि 24 अक्तूबर को अहोई अष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। घरों में महिलाओं अपने बेटों के लिए अहोई माता का व्रत रखेंगी। ऐसे में शनिवार को अहोई के कैलेंडर सहित मटकों की खूब बिक्री हुई। ग्राहकों को 60 से 120 रुपये में मटका व 10 से 20 रुपये में अहोई का कैलेंडर बेचा जा रहा है।

बंदनवार व झालरों की दुकानें सजीं
दीपोत्सव को लेकर दुकानों के बाहर बंदनबार व झालरों की दुकानें सज चुकी हैं। शहर के कच्चे क्वार्टर बाजार, मामा-भांजा चौक, गंज बाजार, गोहाना रोड, गुड़ मंडी बाजार सहित सेक्टर-14 मार्केट में ग्राहकों के लिए दुकानें सजाई गई हैं। बंदनवार, झालरों व फैंसी लड़ियों से लेकर अन्य साज-सज्जा का सामान ग्राहकों को लुभा रहा है। दुकानदार मोहित कुमार ने बताया कि अधिकतर साज-सज्जा का सामान दिल्ली, मेरठ व मुंबई से मंगवाया गया है। बाजार में दिवाली उत्सव पर ग्राहकों की रौनक बढ़ने लगी है। मेरठ से मंगवाई गई फूलों वाली बंदनवार की ज्यादा डिमांड है। दुकानों पर 80 रुपये से 450 रुपये तक की बंदनवार मंगवाई गई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed