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Sonipat News: संघर्ष को मुकाम की दरकार, जिला बनने की बढ़ी उम्मीदों की लौ

Thu, 30 Oct 2025 10:48 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Thu, 30 Oct 2025 10:48 PM IST
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The struggle needs a destination, the flame of hope for becoming a district has increased.
फोटो :47: डॉ. गजराज कौशिक
सोनीपत। गोहाना जिला बनाओ की मांग लगातार प्रबल होती रही है। क्षेत्र की जनता, सामाजिक संगठनों और व्यापारिक समुदाय को उम्मीद लगी रहती है कि लंबे संघर्ष के बाद गोहाना को जिला बनाने का सपना साकार हो सकता है। प्रशासनिक और भौगोलिक दृष्टि से देखा जाए तो गोहाना अब हर उस कसौटी पर खरा उतरता है जो किसी नए जिले के गठन के लिए आवश्यक मानी जाती है।
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गोहाना और बरोदा विधानसभा क्षेत्र की सम्मिलित जनसंख्या पांच लाख के करीब है, जबकि क्षेत्रफल 1011 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। यह इलाका सोनीपत, पानीपत, रोहतक, जुलाना, सफीदों, गन्नौर और खरखौदा से जुड़ा हुआ है। एक बड़े क्षेत्र के बीचों बीच स्थित प्रशासनिक रूप से यह अहम केंद्र है।
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प्रशासनिक दृष्टि से गोहाना का बढ़ता महत्व

वर्तमान में गोहाना उपमंडल स्तर का प्रशासनिक केंद्र है, जहां एसडीएम और डीसीपी की तैनाती रहती है। डीसी जैसे उच्च स्तरीय कार्यालय के लिए लोगों को अब भी सोनीपत तक 38 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। गोहाना में एडीजे की कोर्ट नहीं होने के कारण वकीलों और केस से जुड़े लोगों को रोजाना सोनीपत कोर्ट के चक्कर लगाने पड़ते हैं। जिला बनने के बाद यही दिक्कतें दूर होंगी। लोगों को न तो समय गंवाना पड़ेगा, न पैसा। सबसे बड़ी बात यह कि प्रशासनिक कार्यों का निस्तारण स्थानीय स्तर पर ही संभव हो सकेगा।
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बजट और विकास की नई दिशा

जिला बनने के बाद गोहाना को अलग से विकास बजट मिलेगा, जिससे बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा सकेगा। अभी गोहाना सोनीपत जिले के हिस्से के रूप में बजट का सीमित भाग ही प्राप्त करता है, जिससे विकास कार्यों की गति प्रभावित होती है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि जिला बनने के बाद विकास कार्यों को गति और पारदर्शिता दोनों मिलेंगी।

यह स्पष्ट नहीं है कि गोहाना के साथ कौन-कौन से क्षेत्र जोड़े जाएंगे। सबसे अधिक चर्चा खरखौदा क्षेत्र को जोडऩे की होती है, लेकिन स्थानीय विरोध के चलते यह विचार अभी अनिश्चित है। ऐसे में संभावना है कि केवल गोहाना उपमंडल को ही जिला का दर्जा दिया जाए।
गोहाना की भौगोलिक स्थिति भी इसे जिला मुख्यालय के रूप में उपयुक्त बनाती है। गोहाना से कथूरा की दूरी 16 किमी, चिढ़ाना 15 किमी, भंभेवा 18 किमी, पिनाना 17 किमी दूर स्थित है। इन सभी क्षेत्रों की प्रशासनिक निगरानी गोहाना से सरलता से संभव है।
जब अधिकारी गोहाना में बैठेंगे तो जनता के समय और पैसे दोनों की बचत होगी, साथ ही विकास योजनाओं की निगरानी भी बेहतर होगी।

डॉ. गजराज कौशिक

गोहाना न केवल प्रशासनिक दृष्टि से बल्कि शिक्षा, परिवहन और भौगोलिक दृष्टि से भी एक सक्षम केंद्र बन चुका है। क्षेत्र में उत्तर भारत का पहला महिला विश्वविद्यालय और महिला मेडिकल कॉलेज, उत्कृष्ट रेल और सड़क संपर्क व बढ़ती जनसंख्या इसे जिला बनने के योग्य बनाते हैं।


अजमेर लठवाल
गोहाना की आबादी पांच लाख के आसपास है और क्षेत्रफल भी हजार वर्ग किलोमीटर से अधिक है। वर्ष 2006 में शुरू हुए इस आंदोलन को लगातार गति मिलती रही है। -मनोज दहिया

फोटो :47: डॉ. गजराज कौशिक

फोटो :47: डॉ. गजराज कौशिक

फोटो :47: डॉ. गजराज कौशिक

फोटो :47: डॉ. गजराज कौशिक

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