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Sonipat News: कोहरे ने बढ़ाई श्वास मरीजों की संख्या
Sun, 14 Dec 2025 02:38 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sun, 14 Dec 2025 02:38 AM IST
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फोटो 22: सोनीपत के नागरिक अस्पताल में चिकित्सक कक्ष के बाहर खड़े मरीज। संवाद
सोनीपत। कोहरे ने पहले दिन से ही श्वास रोगियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शनिवार को जिला नागरिक अस्पताल में काफी संख्या में अस्थमा रोगी उपचार कराने पहुंचे।
अस्थमा रोगियों को काेहरे के दौरान घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी जा रही है और उन्हें मास्क लगाने और भाप लेते रहने के लिए कहा है।
सर्दी के साथ अब कोहरा भी लोगों को परेशान करने लगा है। शनिवार को पहले ही दिन कोहरा इतना अधिक था कि सुबह 10 बजे धूप निकलने के बाद कोहरा नहीं छटा।
वहीं पहले जहां अस्थमा के 40 से 50 मरीज उपचार कराने आते थे अब 80 मरीज उपचार कराने के लिए पहुंचे। कोहरा और सर्दी बढ़ने से सांस के मरीजों को सांस लेने में परेशानी हुई।
छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. जेएस पूनिया ने बताया कि सर्दी और कोहरे में मरीजों की श्वास नली सिकुड़ने लगती है। इसकी वजह से पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन शरीर के अंदर नहीं पहुंच पाती है। कार्बन डाइऑक्साइड रक्त में ही घुलने लगती है। इससे कार्बोनिक एसिड बनता है। जिससे एसिडिटी की समस्या होती है।
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छाती रोग विशेषज्ञ ने बताया कि घर से बाहर निकलते समय कई परत वाले गर्म कपड़े, टोपी, दस्ताने और स्कार्फ पहनें, जो नाक-मुंह को भी ढकें। ठंडी हवा सीधे फेफड़ों में न जाए। मुंह के बजाय नाक से सांस लेने की कोशिश करें, नाक हवा को गर्म और फिल्टर करती है।
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अस्थमा रोगियों को काेहरे के दौरान घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी जा रही है और उन्हें मास्क लगाने और भाप लेते रहने के लिए कहा है।
सर्दी के साथ अब कोहरा भी लोगों को परेशान करने लगा है। शनिवार को पहले ही दिन कोहरा इतना अधिक था कि सुबह 10 बजे धूप निकलने के बाद कोहरा नहीं छटा।
वहीं पहले जहां अस्थमा के 40 से 50 मरीज उपचार कराने आते थे अब 80 मरीज उपचार कराने के लिए पहुंचे। कोहरा और सर्दी बढ़ने से सांस के मरीजों को सांस लेने में परेशानी हुई।
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छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. जेएस पूनिया ने बताया कि सर्दी और कोहरे में मरीजों की श्वास नली सिकुड़ने लगती है। इसकी वजह से पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन शरीर के अंदर नहीं पहुंच पाती है। कार्बन डाइऑक्साइड रक्त में ही घुलने लगती है। इससे कार्बोनिक एसिड बनता है। जिससे एसिडिटी की समस्या होती है।
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छाती रोग विशेषज्ञ ने बताया कि घर से बाहर निकलते समय कई परत वाले गर्म कपड़े, टोपी, दस्ताने और स्कार्फ पहनें, जो नाक-मुंह को भी ढकें। ठंडी हवा सीधे फेफड़ों में न जाए। मुंह के बजाय नाक से सांस लेने की कोशिश करें, नाक हवा को गर्म और फिल्टर करती है।