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भूख हड़ताल पर बैठे किसान बोले: सभी मांग पूरी हुए बिना आंदोलन को वापस न ले एसकेएम
Wed, 08 Dec 2021 10:23 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Wed, 08 Dec 2021 10:23 PM IST
सार
एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे छह किसानों की भूख हड़ताल चौथे दिन भी जारी है। भूख हड़ताल में कई कई नए सदस्य भी जुड़े हैं। किसानों का कहना है कि आंदोलन समाप्त करने के लिए सभी किसानों की सहमति ली जाए।
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कुंडली बॉर्डर पर भूख हड़ताल पर बैठे किसान।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
हरियाणा के सोनीपत में कुंडली बॉर्डर पर मुख्य मंच के पास एमएसपी गारंटी कानून समेत कई मांगों को लेकर लगातार 4 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे किसानों ने संयुक्त किसान मोर्चा को सलाह दी है कि सभी मांगें पूरी हुए बिना आंदोलन समाप्त करने का फैसला न लें। केवल आश्वासन पर आंदोलन खत्म करने पर इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। आश्वासन पर बाद में सरकार मुकर सकती है।
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कुंडली बॉर्डर पर 5 दिसंबर को मुख्य मंच के पास छह किसानों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी थी। भूख हड़ताल पर बैठे किसानों ने तय किया था कि एमएसपी गारंटी कानून लागू होने व केस वापसी तक वह अन्न ग्रहण नहीं करेंगे। साथ ही यह भी कहा था कि संयुक्त किसान मोर्चा की अगली बैठक के बाद आगामी रणनीति तय की जाएगी, लेकिन मोर्चा की बैठकों के बीच इन किसानों की भूख हड़ताल बुधवार को भी जारी रही।
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भूख हड़ताल पर बैठे किसान रोहतक से जयबीर सिंह, अंबाला से नरेश सांगवान, पटियाला से सरदार सतनाम सिंह ने कहा कि सरकार व मोर्चा की कमेटी के बीच अब तक चली बातचीत से साफ है कि सरकार कई मसलों पर पहले आंदोलन वापस लेने की बात कर रही है।
उनकी मोर्चा को सलाह है कि सरकार की यह शर्त न मानी जाए। सरकार सीधे किसानों की मांगें मानते हुए एमएसपी गारंटी कानून बनाए और साथ ही मुकदमे वापस लें। इसके बाद ही एसकेएम को आंदोलन वापस लेने का फैसला लेना चाहिए। किसानों ने कहा कि मोर्चा की बैठक में होने वाला फैसला उन्हें स्वीकार होगा और उसी आधार पर वह भूख हड़ताल को जारी रखने से संबंधित निर्णय लेंगे।