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प्रेम विवाह करने के बाद कभी गांव में नहीं लौटा युगल, युवक की हत्या से गांव में सन्नाटा
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थाना क्षेत्र के गांव से भागकर प्रेम विवाह करने के बाद दिल्ली के अमराही गांव में रह रहे प्रेमी युगल पर हमला कर युवक की हत्या व युवती को घायल करने की घटना के बाद से उनके गांव में सन्नाटा पसरा है। बताया गया है कि प्रेम विवाह करने के बाद से दोनों कभी गांव में नहीं लौटे। दोनों एक ही गांव के होने के साथ ही उनका गोत्र भी एक था और इसके चलते परिजनों को उनकी शादी से एतराज था। गांव में हुई पंचायत में दोनों परिवारों के सदस्यों ने उनसे कोई रिश्ता नहीं रखने की बात कही थी।
खरखौदा थाना क्षेत्र के गांव से अगस्त 2020 में भागने के बाद प्रेमी युगल अब कुछ माह से द्वारका सेक्टर-23 थाना क्षेत्र स्थित अमराही गांव में रह रहे थे। वीरवार रात को हमलावरों ने उनके कमरे में जाकर दंपती पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिसमें युवक की मौत हो गई तो युवती की हालत गंभीर बनी हुई है। युवक के पिता ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने रात को उन्हें वारदात की सूचना दी थी। इसके बाद सुबह वह अस्पताल पहुंचे, लेकिन शुक्रवार देर शाम तक पोस्टमार्टम नहीं हो सका और उसका सिर्फ एक्स-रे हो सका। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद बेटे का शव मिल पाएगा। उनका कहना है कि उन्हें पता लगा है कि वीरवार को बेटा पत्नी के पेट में दर्द होने के चलते अस्पताल लेकर गया था, जहां पर उसका गर्भपात करना पड़ा था। इसके बाद वे दोनों अपने घर लौटे थे। दिल्ली पुलिस इस मामले में कई पहलुओं पर जांच कर रही है। इसमें हॉरर किलिंग को भी शामिल किया गया है। उधर, दिल्ली पुलिस के गांव में आने की बात कही जाती रही, लेकिन पुष्टि नहीं हो सकी।
जन्माष्टमी पर्व पर चंडीगढ़ में की थी शादी
बताया गया है कि युवक ने गांव की युवती से पिछले साल जन्माष्टमी के दिन चंडीगढ़ में जाकर शादी की थी। शादी के बाद से ही वह परिजनों से अलग रहते रहे। दोनों कभी गांव में नहीं आए थे। यह भी बताया जा रहा है कि उनके गांव से जाने के बाद पंचायत हुई थी और वहां उनके परिवार वालों ने उनसे कोई मतलब नहीं होने की बात कही थी।
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पुलिस ने सुरक्षा देने को किया तलाश, परिजनों ने जानकारी होने से किया मना
पुलिस का कहना है कि युवक-युवती के गांव से जाने के बाद पुलिस ने युवती की मां के बयान पर अज्ञात के खिलाफ उनकी बेटी को बहकाकर ले जाने का मुकदमा दर्ज किया था। हालांकि बाद में युवक-युवती के शादी करने व हाईकोर्ट में एफआईआर रद्द करने व सुरक्षा की मांग करने पर पुलिस ने एफआईआर को रद्द करा दिया था। उसके बाद युवक-युवती को सुरक्षा देने के लिए उनके बारे में पता लगाने का प्रयास किया, लेकिन इसकी जानकारी नहीं मिली। उन्होंने भी पुलिस से संपर्क नहीं किया। दोनों के परिजनों की काउंसिलिंग की गई। उन्होंने भी दोनों के बारे में जानकारी होने से मना किया था। युवक के पिता ने जानकारी मिलने पर पुलिस से साझा करने को कहा था। मामले को लेकर दिल्ली पुलिस ने खरखौदा पुलिस से संपर्क किया है। सोनीपत पुलिस ने मामले से जुड़ी सभी जानकारी दिल्ली पुलिस से साझा की है।
युवती के परिवार के युवक पर पहले भी दर्ज हो चुका है हत्या का मुकदमा
युवती के परिवार के युवक पर पहले भी गांव के युवक के अपहरण व हत्या का मुकदमा दर्ज हो चुका है। युवक पर मार्च 2017 में गांव के युवक की अपहरण के बाद हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था। मृतक के पिता ने अपहरण व हत्या का आरोप लगाया था।
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खरखौदा थाना क्षेत्र के गांव से अगस्त 2020 में भागने के बाद प्रेमी युगल अब कुछ माह से द्वारका सेक्टर-23 थाना क्षेत्र स्थित अमराही गांव में रह रहे थे। वीरवार रात को हमलावरों ने उनके कमरे में जाकर दंपती पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिसमें युवक की मौत हो गई तो युवती की हालत गंभीर बनी हुई है। युवक के पिता ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने रात को उन्हें वारदात की सूचना दी थी। इसके बाद सुबह वह अस्पताल पहुंचे, लेकिन शुक्रवार देर शाम तक पोस्टमार्टम नहीं हो सका और उसका सिर्फ एक्स-रे हो सका। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद बेटे का शव मिल पाएगा। उनका कहना है कि उन्हें पता लगा है कि वीरवार को बेटा पत्नी के पेट में दर्द होने के चलते अस्पताल लेकर गया था, जहां पर उसका गर्भपात करना पड़ा था। इसके बाद वे दोनों अपने घर लौटे थे। दिल्ली पुलिस इस मामले में कई पहलुओं पर जांच कर रही है। इसमें हॉरर किलिंग को भी शामिल किया गया है। उधर, दिल्ली पुलिस के गांव में आने की बात कही जाती रही, लेकिन पुष्टि नहीं हो सकी।
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जन्माष्टमी पर्व पर चंडीगढ़ में की थी शादी
बताया गया है कि युवक ने गांव की युवती से पिछले साल जन्माष्टमी के दिन चंडीगढ़ में जाकर शादी की थी। शादी के बाद से ही वह परिजनों से अलग रहते रहे। दोनों कभी गांव में नहीं आए थे। यह भी बताया जा रहा है कि उनके गांव से जाने के बाद पंचायत हुई थी और वहां उनके परिवार वालों ने उनसे कोई मतलब नहीं होने की बात कही थी।
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पुलिस ने सुरक्षा देने को किया तलाश, परिजनों ने जानकारी होने से किया मना
पुलिस का कहना है कि युवक-युवती के गांव से जाने के बाद पुलिस ने युवती की मां के बयान पर अज्ञात के खिलाफ उनकी बेटी को बहकाकर ले जाने का मुकदमा दर्ज किया था। हालांकि बाद में युवक-युवती के शादी करने व हाईकोर्ट में एफआईआर रद्द करने व सुरक्षा की मांग करने पर पुलिस ने एफआईआर को रद्द करा दिया था। उसके बाद युवक-युवती को सुरक्षा देने के लिए उनके बारे में पता लगाने का प्रयास किया, लेकिन इसकी जानकारी नहीं मिली। उन्होंने भी पुलिस से संपर्क नहीं किया। दोनों के परिजनों की काउंसिलिंग की गई। उन्होंने भी दोनों के बारे में जानकारी होने से मना किया था। युवक के पिता ने जानकारी मिलने पर पुलिस से साझा करने को कहा था। मामले को लेकर दिल्ली पुलिस ने खरखौदा पुलिस से संपर्क किया है। सोनीपत पुलिस ने मामले से जुड़ी सभी जानकारी दिल्ली पुलिस से साझा की है।
युवती के परिवार के युवक पर पहले भी दर्ज हो चुका है हत्या का मुकदमा
युवती के परिवार के युवक पर पहले भी गांव के युवक के अपहरण व हत्या का मुकदमा दर्ज हो चुका है। युवक पर मार्च 2017 में गांव के युवक की अपहरण के बाद हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था। मृतक के पिता ने अपहरण व हत्या का आरोप लगाया था।