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पंद्रह जर्जर मकानों को निगम ने जारी किए नोटिस
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धानकान बस्ती में मकान खाली करने के नोटिस मिलने के बाद बाहर खड़े लोग।
- फोटो : Sonipat
शहर के कोट मोहल्ला की धानक बस्ती में 15 मकानों के गिरने का खतरा मंडरा रहा है। धानक बस्ती में यह मकान सडक़ से काफी ऊंचाई पर स्थित टीले पर बने हुए है। जहां बारिश में मिट्टी खिसकने लगी है। जिस कारण मकान कभी भी ढह सकते हैं। नगर निगम की भवन शाखा टीम ने धानक बस्ती में निरीक्षण किया तो कई स्थानों पर मिट्टी खिसकी मिली। ऐसे में निगम की टीम ने 15 मकान मालिकों को नोटिस जारी कर दो दिन के अंदर मकान खुद गिराने व उसे खाली करने के साथ जिनमें हल्की दरार है उनकी तुुरंत मरम्मत करने के आदेश दिए हैं। अगर दो दिन के अंदर मकानों को खाली नहीं किया गया तो निगम की टीम पुलिस बल का सहारा लेकर मकानों को खाली कराएगी।
सितंबर माह में लगातार हुई बारिश ने 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस बार ज्यादा बारिश होने के कारण उन मकानों पर खतरा मंडराने लगा है जो शहर के कोट मोहल्ला की धानक बस्ती में मिट्टी के टीले पर बने हैं और काफी पुराने हैं। बस्ती में रहने वाले लोगों को बचाने के लिए नगर निगम की टीम ने कार्रवाई शुरू कर दी है। 15 मकानों में रह रहे लोगों को अपने मकान खाली करने व दो दिन में अंदर उसे गिराने का नोटिस जारी कर दिया है ताकि भविष्य में बड़ा हादसा होने से रोका जा सके। साथ ही कई लोगों को मकानों की मरम्मत करने की हिदायत भी दी है।
मुंबई के भगत नगर क्षेत्र में दो माह पहले भारी बारिश के कारण मिट्टी खिसकने के कारण कई लोगों की जान चली गई थी। उसी भरत नगर क्षेत्र की तर्ज पर शहर के कोट मोहल्ला में धानक बस्ती काफी समय से बसी हुई है। बस्ती में 10 हजार से ज्यादा लोग रहते हैं। कोट मोहल्ला क्षेत्र में मुंबई जैसा हादसा नहीं हो सके उसे लेकर नगर निगम की टीम ने एसडीओ देवेंद्र खासा के नेतृत्व में कोट मोहल्ला क्षेत्र का निरीक्षण किया। उसके बाद क्षेत्र में बारिश की वजह से जिन स्थानों पर मिट्टी खिसकी मिली है वहां आसपास बने मकानों को खाली करने व उनकी मरम्मत करने का नोटिस जारी कर दिया है। शहर का यह क्षेत्र मुख्य सड़क से काफी ऊंचाई पर है। ऐसे में यहां पर भूस्खलन का खतरा बना रहता है।
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धानक बस्ती में बारिश के दौरान मिट्टी खिसकने के बाद मेयर निखिल मदान निगम अधिकारियों के साथ निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि वर्षों पुराना मिट्टी का टीला लगातार अपने स्थान से खिसक रहा है जिस कारण उसके ऊपर बने हुए कई मकान गिरने के कगार पर है। साथ ही टीले के नीचे मौजूद मकानों के भी गिरने का अंदेशा लगातार बना हुआ है। इसी को देखते हुए इन सभी लोगों को नगर निगम द्वारा मकान खाली किए जाने के नोटिस दिए है ताकि जान माल की हानि को रोका जा सके।
मेयर ने बताया कि नगर निगम कार्यालय में वीरवार को मिट्टी खिसकने के मुद्दे पर बैठक की जाएगी और आपसी सहमति बनाकर इस समस्या का समाधान किया जाएगा। निगम पार्षद सुरेंद्र नैय्यर ने बताया कि यह जमीन लाल डोरा क्षेत्र में आती है और वह जल्द निगम आयुक्त से मिलकर लोगों की समस्या दूर करवाने का प्रयास करेंगे। इस दौरान उनके साथ संयुक्त आयुक्त नगर निगम सुभाष चंद्र, एक्सईएन निजेश कुमार, एसडीओ देवेंद्र खासा, जेई परविंद्र, बिल्डिंग इंस्पेक्टर नवरत्न मौजूद रहे।नगर निगम के अधिकारियों ने धानक बस्ती में आकर मकानों को खाली करने का नोटिस दिया है। ऐसे में मकान खाली कराने से पहले निगम अधिकारियों को मुआवजा देना चाहिए। ताकि वह यहां से किसी दूसरे स्थान पर जाकर रह सके। नोटिस देकर घर उजाड़ने की चेतावनी देना पूरी तरह से गलत है।
धानक बस्ती में बारिश के दौरान मिट्टी का टीला खिसक गई है। जिससे 15 मकानों के गिरने का खतरा मंडरा रहा है। ऐसी स्थिति में लोगों की जिंदगी को बचाने के लिए नगर निगम ने नोटिस जारी करके मकान खाली करने के निर्देश दिए है। जो मकान मरम्मत करने योग्य हैं, उन मकान मालिकों को नोटिस देकर दो दिन में मरम्मत करने के लिए कहा गया है।
-देवेंद्र खासा, एसडीओ नगर निगम सोनीपत
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सितंबर माह में लगातार हुई बारिश ने 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस बार ज्यादा बारिश होने के कारण उन मकानों पर खतरा मंडराने लगा है जो शहर के कोट मोहल्ला की धानक बस्ती में मिट्टी के टीले पर बने हैं और काफी पुराने हैं। बस्ती में रहने वाले लोगों को बचाने के लिए नगर निगम की टीम ने कार्रवाई शुरू कर दी है। 15 मकानों में रह रहे लोगों को अपने मकान खाली करने व दो दिन में अंदर उसे गिराने का नोटिस जारी कर दिया है ताकि भविष्य में बड़ा हादसा होने से रोका जा सके। साथ ही कई लोगों को मकानों की मरम्मत करने की हिदायत भी दी है।
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मुंबई के भगत नगर क्षेत्र में दो माह पहले भारी बारिश के कारण मिट्टी खिसकने के कारण कई लोगों की जान चली गई थी। उसी भरत नगर क्षेत्र की तर्ज पर शहर के कोट मोहल्ला में धानक बस्ती काफी समय से बसी हुई है। बस्ती में 10 हजार से ज्यादा लोग रहते हैं। कोट मोहल्ला क्षेत्र में मुंबई जैसा हादसा नहीं हो सके उसे लेकर नगर निगम की टीम ने एसडीओ देवेंद्र खासा के नेतृत्व में कोट मोहल्ला क्षेत्र का निरीक्षण किया। उसके बाद क्षेत्र में बारिश की वजह से जिन स्थानों पर मिट्टी खिसकी मिली है वहां आसपास बने मकानों को खाली करने व उनकी मरम्मत करने का नोटिस जारी कर दिया है। शहर का यह क्षेत्र मुख्य सड़क से काफी ऊंचाई पर है। ऐसे में यहां पर भूस्खलन का खतरा बना रहता है।
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धानक बस्ती में बारिश के दौरान मिट्टी खिसकने के बाद मेयर निखिल मदान निगम अधिकारियों के साथ निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि वर्षों पुराना मिट्टी का टीला लगातार अपने स्थान से खिसक रहा है जिस कारण उसके ऊपर बने हुए कई मकान गिरने के कगार पर है। साथ ही टीले के नीचे मौजूद मकानों के भी गिरने का अंदेशा लगातार बना हुआ है। इसी को देखते हुए इन सभी लोगों को नगर निगम द्वारा मकान खाली किए जाने के नोटिस दिए है ताकि जान माल की हानि को रोका जा सके।
मेयर ने बताया कि नगर निगम कार्यालय में वीरवार को मिट्टी खिसकने के मुद्दे पर बैठक की जाएगी और आपसी सहमति बनाकर इस समस्या का समाधान किया जाएगा। निगम पार्षद सुरेंद्र नैय्यर ने बताया कि यह जमीन लाल डोरा क्षेत्र में आती है और वह जल्द निगम आयुक्त से मिलकर लोगों की समस्या दूर करवाने का प्रयास करेंगे। इस दौरान उनके साथ संयुक्त आयुक्त नगर निगम सुभाष चंद्र, एक्सईएन निजेश कुमार, एसडीओ देवेंद्र खासा, जेई परविंद्र, बिल्डिंग इंस्पेक्टर नवरत्न मौजूद रहे।नगर निगम के अधिकारियों ने धानक बस्ती में आकर मकानों को खाली करने का नोटिस दिया है। ऐसे में मकान खाली कराने से पहले निगम अधिकारियों को मुआवजा देना चाहिए। ताकि वह यहां से किसी दूसरे स्थान पर जाकर रह सके। नोटिस देकर घर उजाड़ने की चेतावनी देना पूरी तरह से गलत है।
धानक बस्ती में बारिश के दौरान मिट्टी का टीला खिसक गई है। जिससे 15 मकानों के गिरने का खतरा मंडरा रहा है। ऐसी स्थिति में लोगों की जिंदगी को बचाने के लिए नगर निगम ने नोटिस जारी करके मकान खाली करने के निर्देश दिए है। जो मकान मरम्मत करने योग्य हैं, उन मकान मालिकों को नोटिस देकर दो दिन में मरम्मत करने के लिए कहा गया है।
-देवेंद्र खासा, एसडीओ नगर निगम सोनीपत