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Sonipat News: 900 करोड़ में बनाए नेशनल हाईवे पर बिगड़े हालात, संपर्क मार्ग करना पड़ा बंद
Sat, 14 Sep 2024 06:42 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 14 Sep 2024 06:42 AM IST
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फोटो 46. सोनीपत के बहालगढ़ के पास जीटी रोड की सर्विस लेन पर बने गड्ढों में बारिश का पानी भरने क
राई। नेशनल हाईवे-44 पर बारिश के पानी की निकासी का अभाव वाहन चालकों के लिए परेशानी बन गया है। यहां बारिश में सड़क जलमग्न हो जाती है। ड्रेनेज को बनाए नालों का अधूरा निर्माण व जगह-जगह खुला छोड़ने से हादसे का भय बना रहता है। सीमेंटिड नाले कई स्थानों पर ढके तक नहीं गए हैं। उपायुक्त के आदेश के बाद भी बहालगढ़ के पास नेशनल हाईवे-44 के संपर्क मार्ग से पानी की निकासी का स्थाई हल नहीं निकल सका है।
कुंडली से पानीपत तक चौड़ीकरण के बाद 900 करोड़ में तैयार हुए 24 किलोमीटर लंबे हाईवे व चार लेन के संपर्क मार्ग को 20 जून, 2023 को लोकार्पित किया गया था। हाईवे से दिल्ली, हरियाणा के अलावा चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू व कश्मीर को जोड़ा गया है। कुंडली से मुरथल तक इस नेशनल हाईवे के संपर्क मार्ग पर कई जगह पानी भरने के साथ ही संपर्क मार्ग के जगह-जगह टूटने से गड्ढे बन गए हैं। राई व बहालगढ़ के पास तो संपर्क मार्ग बुरी तरह टूट गया है। इसके चलते बहालगढ़ में पेट्रोल पंप के सामने संपर्क मार्ग को बंद करना पड़ा है। यहां बारिश में हालात तालाब जैसे बन जाते हैं।
नाले बन सकते हैं हादसे का सबब
हाईवे के दोनों तरफ व बीच में भी जरूरत अनुसार ड्रेनेज चैनल बने हैं। यह नाले जगह-जगह खुले पड़े हैं। आरटीए की जिला रोड सेफ्टी शाखा ने इसे खतरनाक बता चुकी है। इससे वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो सकते हैं। नियमित सफाई नहीं होने की वजह से पानी सड़क पर आता है। इसे एनएचएआई को पूरी तरह कवर करवाना होगा ताकि हादसे न हों। स्वयं उपायुक्त ने भी सड़क सुरक्षा को लेकर हुई बैठक में हाईवे पर पानी नहीं भरने देने के आदेश दिए थे। यहां टैंकर से पानी तो निकाला जाता है, लेकिन स्थाई समाधान नहीं हो सका है।
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हाईवे से गुजरते है 80 हजार से अधिक वाहन
एनएच-44 पर हर दिन 80 हजार से अधिक वाहन निकलते हैं। इससे टोल टैक्स के माध्यम से मोटी राशि मिलती है। उसके बावजूद सुविधाओं का अभाव है। लोगों ने ठोस पहल करते हुए कार्रवाई की मांग की है।
नेशनल हाईवे-44 की सर्विस लेन पर भरे बारिश के पानी की निकासी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। पानी निकासी के लिए छह टीमें और पांच डी वाटरिंग पंप लगा रखे हैं। पानी निकासी के लिए ठोस योजना भी तैयार की जा रही है।
- प्रांजल मिश्रा, साइट इंजीनियर, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण
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कुंडली से पानीपत तक चौड़ीकरण के बाद 900 करोड़ में तैयार हुए 24 किलोमीटर लंबे हाईवे व चार लेन के संपर्क मार्ग को 20 जून, 2023 को लोकार्पित किया गया था। हाईवे से दिल्ली, हरियाणा के अलावा चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू व कश्मीर को जोड़ा गया है। कुंडली से मुरथल तक इस नेशनल हाईवे के संपर्क मार्ग पर कई जगह पानी भरने के साथ ही संपर्क मार्ग के जगह-जगह टूटने से गड्ढे बन गए हैं। राई व बहालगढ़ के पास तो संपर्क मार्ग बुरी तरह टूट गया है। इसके चलते बहालगढ़ में पेट्रोल पंप के सामने संपर्क मार्ग को बंद करना पड़ा है। यहां बारिश में हालात तालाब जैसे बन जाते हैं।
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नाले बन सकते हैं हादसे का सबब
हाईवे के दोनों तरफ व बीच में भी जरूरत अनुसार ड्रेनेज चैनल बने हैं। यह नाले जगह-जगह खुले पड़े हैं। आरटीए की जिला रोड सेफ्टी शाखा ने इसे खतरनाक बता चुकी है। इससे वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो सकते हैं। नियमित सफाई नहीं होने की वजह से पानी सड़क पर आता है। इसे एनएचएआई को पूरी तरह कवर करवाना होगा ताकि हादसे न हों। स्वयं उपायुक्त ने भी सड़क सुरक्षा को लेकर हुई बैठक में हाईवे पर पानी नहीं भरने देने के आदेश दिए थे। यहां टैंकर से पानी तो निकाला जाता है, लेकिन स्थाई समाधान नहीं हो सका है।
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हाईवे से गुजरते है 80 हजार से अधिक वाहन
एनएच-44 पर हर दिन 80 हजार से अधिक वाहन निकलते हैं। इससे टोल टैक्स के माध्यम से मोटी राशि मिलती है। उसके बावजूद सुविधाओं का अभाव है। लोगों ने ठोस पहल करते हुए कार्रवाई की मांग की है।
नेशनल हाईवे-44 की सर्विस लेन पर भरे बारिश के पानी की निकासी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। पानी निकासी के लिए छह टीमें और पांच डी वाटरिंग पंप लगा रखे हैं। पानी निकासी के लिए ठोस योजना भी तैयार की जा रही है।
- प्रांजल मिश्रा, साइट इंजीनियर, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण