{"_id":"69bc5544e7d36310440e826d","slug":"the-cctv-camera-was-purchased-from-chandni-chowk-and-installed-18-days-ago-sonipat-news-c-197-1-snp1015-151175-2026-03-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: चांदनी चौक से खरीदा सीसीटीवी कैमरा 18 दिन पहले लगाया था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: चांदनी चौक से खरीदा सीसीटीवी कैमरा 18 दिन पहले लगाया था
विज्ञापन
सोनीपत। रेलवे स्टेशन के पास लगे संदिग्ध सोलर आधारित सीसीटीवी कैमरे ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। पूछताछ में सामने आया है कि कैमरा करीब 18 दिन पहले लगा था। उसे दिल्ली के चांदनी चौक से खरीदा गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभिन्न केंद्रीय और राज्य स्तरीय सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुट गई हैं।
गाजियाबाद पुलिस की तरफ से दबोचे गए आरोपी प्रवीण को जब जांच के सिलसिले में सोनीपत लाया गया तो उसने कैमरा लगाने की बात स्वीकार की। हालांकि, वह तारीख को लेकर स्पष्ट नहीं था। कभी 22 तो कभी 26 फरवरी का जिक्र कर रहा था।
बताया जा रहा है कि यह कैमरा करीब 18 दिन पहले लगाया गया था। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने दिल्ली के चांदनी चौक क्षेत्र से सोलर प्लेट युक्त आईपी कैमरे खरीदे थे। इसके बाद षड्यंत्र के तहत प्रवीण अपने साथियों के साथ सोनीपत पहुंचा और रात के समय मौका पाकर ओएचई पोल पर उसे लगा दिया। पूरा काम कुछ ही घंटों में अंजाम देकर आरोपी वापस दिल्ली लौट गए।
विज्ञापन
इस पूरे मामले ने सुरक्षा एजेंसियों को इसलिए भी सतर्क कर दिया है क्योंकि प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि आरोपियों के तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े हो सकते हैं।
गाजियाबाद पुलिस ने 14 मार्च को एक महिला सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था। ये आरोपी देश के विभिन्न संवेदनशील स्थलों रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डे और मेट्रो स्टेशन पर इस तरह के कैमरे लगाने की फिराक में थे।
कैमरे को कब्जे में लेकर उसकी तकनीकी जांच कराई जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसके माध्यम से किस प्रकार की जानकारी एकत्र की जा रही थी। उसका उपयोग किस उद्देश्य के लिए किया जा रहा था। आरोपियों ने पहचान छिपाने के लिए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कई सिम कार्ड खरीदे थे।
महत्वपूर्ण है सोनीपत स्टेशन
सोनीपत रेलवे स्टेशन राष्ट्रीय रेल नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो दिल्ली को अंबाला, चंडीगढ़, पंजाब और जम्मू-कश्मीर जैसे क्षेत्रों से जोड़ता है। प्रतिदिन हजारों यात्री इस मार्ग से आवागमन करते हैं। ऐसे में स्टेशन के समीप संदिग्ध उपकरण का मिलना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
विज्ञापन
गाजियाबाद पुलिस की तरफ से दबोचे गए आरोपी प्रवीण को जब जांच के सिलसिले में सोनीपत लाया गया तो उसने कैमरा लगाने की बात स्वीकार की। हालांकि, वह तारीख को लेकर स्पष्ट नहीं था। कभी 22 तो कभी 26 फरवरी का जिक्र कर रहा था।
विज्ञापन
बताया जा रहा है कि यह कैमरा करीब 18 दिन पहले लगाया गया था। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने दिल्ली के चांदनी चौक क्षेत्र से सोलर प्लेट युक्त आईपी कैमरे खरीदे थे। इसके बाद षड्यंत्र के तहत प्रवीण अपने साथियों के साथ सोनीपत पहुंचा और रात के समय मौका पाकर ओएचई पोल पर उसे लगा दिया। पूरा काम कुछ ही घंटों में अंजाम देकर आरोपी वापस दिल्ली लौट गए।
विज्ञापन
इस पूरे मामले ने सुरक्षा एजेंसियों को इसलिए भी सतर्क कर दिया है क्योंकि प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि आरोपियों के तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े हो सकते हैं।
गाजियाबाद पुलिस ने 14 मार्च को एक महिला सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था। ये आरोपी देश के विभिन्न संवेदनशील स्थलों रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डे और मेट्रो स्टेशन पर इस तरह के कैमरे लगाने की फिराक में थे।
कैमरे को कब्जे में लेकर उसकी तकनीकी जांच कराई जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसके माध्यम से किस प्रकार की जानकारी एकत्र की जा रही थी। उसका उपयोग किस उद्देश्य के लिए किया जा रहा था। आरोपियों ने पहचान छिपाने के लिए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कई सिम कार्ड खरीदे थे।
महत्वपूर्ण है सोनीपत स्टेशन
सोनीपत रेलवे स्टेशन राष्ट्रीय रेल नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो दिल्ली को अंबाला, चंडीगढ़, पंजाब और जम्मू-कश्मीर जैसे क्षेत्रों से जोड़ता है। प्रतिदिन हजारों यात्री इस मार्ग से आवागमन करते हैं। ऐसे में स्टेशन के समीप संदिग्ध उपकरण का मिलना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।