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औद्योगिक क्षेत्र में सबसे बड़ा भ्रष्टाचार, सीएलयू बिना प्लॉट काटकर तहसील में रजिस्ट्री हुई, अवैध निर्माण करके सरकार को 80 करोड़

Thu, 30 Jul 2020 12:33 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jul 2020 12:33 AM IST
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The biggest corruption in the industrial sector, CLU was registered in the tehsil without plot, 80 crore to the government by illegal construction
सोनीपत औद्योगिक क्षेत्र - फोटो : Sonipat
सोनीपत। अफसरों की नाक के नीचे ही सबसे बड़ा भ्रष्टाचार हो गया। इस भ्रष्टाचार के जरिए सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये की चपत लगाई गई है। एचएसआईआईडीसी के सर्वे के बाद जो स्टेटस रिपोर्ट तैयार हुई है उसमें इस भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है। शहर में रोहतक रोड औद्योगिक क्षेत्र में सीएलयू बिना फैक्टरी की जमीन में प्लॉट काटकर तहसील में रजिस्ट्री कराई गई और उसके बाद उनपर अवैध निर्माण भी कर दिया गया। जहां सीएलयू नहीं होने से सरकार को लगभग 80 करोड़ रुपये का चूना लगाया गया है, वहीं अब घरेलू रजिस्ट्री कराने से लगातार सरकार को बड़ा नुकसान झेलना पड़ रहा है। जिसमें बिजली कनेक्शन घरेलू लगाया है और हाउस टैक्स भी घरेलू हो गया जो कॉमर्शियल से कई गुना कम है। एचएसआईआईडीसी ने सर्वे रिपोर्ट में साफ लिखा है कि औद्योगिक क्षेत्र में अवैध निर्माण करके रेजीडेंसियल इस्तेमाल किया जा रहा है। इस सर्वे की पूरी रिपोर्ट की प्रतिलिपि अमर उजाला के पास है।
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सोनीपत शहर में रोहतक रोड पर सबसे पुराना औद्योगिक क्षेत्र है, जिसको 50 साल पुराना होने के कारण हुड्डा सरकार में कॉमर्शियल से रेजीडेंसियल कराने के लिए पॉलिसी लागू की गई। जिसके तहत सीएलयू कराने के लिए 800 रुपये प्रति वर्ग गज फीस जमा करानी थी, लेकिन उसको ही बचाने के लिए वहां सबसे बड़ा खेल शुरू हुआ। वहां 80 प्रतिशत प्लॉट में फैक्टरी नहीं थीं और उनमें किसी का इस्तेमाल गोदाम तो किसी का अन्य गतिविधि में किया जा रहा था। वहां लोगों ने अवैध रूप से फैक्टरी की जमीन में प्लॉट काटकर बेच डाले और अब वहां सभी रजिस्ट्री घरेलू जमीन की हो रही हैं। इस रजिस्ट्री करने से भ्रष्टाचार की शुरूआत हुई और सबसे पहले सरकार को लगभग 80 करोड़ रुपये का नुकसान रजिस्ट्री में भ्रष्टाचार करके पहुंचाया गया। यह रुपये सरकार की पॉलिसी के तहत फैक्टरी की जमीन को घरेलू में कराने के लिए सरकारी खजाने में जमा होने थे, जिसे तहसील के भ्रष्टाचार ने जमा नहीं होने दिया। इसके साथ ही वहां अवैध रूप से निर्माण कर दिए गए और इस समय वहां 84 फैक्टरी की जमीन में अवैध निर्माण हो चुका है। जिनमें रेजीडेंसियल व अन्य अवैध निर्माण शामिल हैं। इसका खुलासा खुद एचएसआईआईडीसी की सर्वे रिपोर्ट में हुआ है। सर्वे रिपोर्ट में फैक्टरी के प्लॉट नंबर के साथ ही यह लिखा है कि किसमें किस तरह से अवैध निर्माण व गतिविधि हो रही है। उन फैक्टरी के प्लॉट में बड़ी कंपनी की अवैध गतिविधि भी चल रही हैं। इस रिपोर्ट को एचएसआईआईडीसी ने मुख्यालय भेज दिया है, जिससे इनपर कार्रवाई हो सके।
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फैक्टरी की जमीन प्लॉट कटकर रजिस्ट्री होने से सरकार को हर महीने करोड़ों का नुकसान
रोहतक रोड औद्योगिक क्षेत्र में फैक्टरी की जमीन में अवैध रूप से प्लॉट काटकर रजिस्ट्री करके तहसील में केवल भ्रष्टाचार नहीं किया गया, बल्कि उस भ्रष्टाचार के कारण सरकार को अब भी हर महीने करोड़ों रुपये का चूना लग रहा है। क्योंकि कॉमर्शियल जमीन में प्लॉट काटकर घरेलू रजिस्ट्री होने के बाद बिजली कनेक्शन भी घरेलू लिया गया। जहां कॉमर्शियल में बिजली की एक यूनिट लगभग 7.50 रुपये में पड़ती है, वहीं घरेलू बिजली की यूनिट 4.50 रुपये में पड़ती है। इस तरह ही निगम का हाउस टैक्स भी घरेलू हो गया और जहां कॉमर्शियल गतिविधि पर हाउस टेक्स 36 रुपये प्रति वर्ग गज है, वहीं घरेलू का 75 पैसे वर्ग गज है। इस तरह से सरकार को महीने में करोड़ों रुपये का चूना लगाया जा रहा है।
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अमर उजाला के पास मौजूद है सभी दस्तावेज
अमर उजाला के पास वह सभी दस्तावेज की प्रतियां मौजूद हैं, जिनमें रोहतक रोड औद्योगिक क्षेत्र में हर प्लॉट का सर्वे करके वहां की अवैध गतिविधि के बारे में रिपोर्ट तैयार की गई है। जिसमें हर प्लॉट के आगे सरकारी तौर पर यह लिखा गया है कि उस प्लॉट में रेजीडेंसियल गतिविधि अवैध तौर पर हो रही है या उसमें अवैध निर्माण करके अन्य क्या गतिविधि कराई जा रही है। उसमें कई बड़ी कंपनी के शोरूम व अन्य भी अवैध रूप से चलाए जा रहे हैं तो गोदाम भी अवैध रूप से बनवा दिए गए हैं।

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मैं तीन दिन पहले ही यहां आया हूं और मुझे अभी इस बारे में जानकारी नहीं है। मैं इसकी रिपोर्ट देखने के बाद ही कुछ बता सकता हूं। इसमें जिस तरह की कार्रवाई होगी, उसको अमल में लाया जाएगा।
-आरके जिंदल, एस्टेट ऑफिसर एचएसआईआईडीसी कुंडली-सोनीपत।
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