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किशोर की हत्या कर शव को खुर्द-बुर्द करने के दोषी को दस साल कैद
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अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. संजीव आर्य की अदालत ने अपने साथी का अपहरण कर उसकी हत्या करने व शव को खुर्द-बुर्द करने के लिए नहर में फेंकने के आरोपी नाबालिग को दोषी करार दिया है। अदालत ने 17 वर्षीय दोषी को दस साल कैद की सजा सुनाई है। मामले में दूसरे नाबालिग आरोपी की सुनवाई जुवेनाइल कोर्ट में चल रही है।
गांव बड़वासनी निवासी बलराज ने 23 अगस्त, 2018 को सदर थाना पुलिस को बताया था कि उसका बेटा हरदीप (17) घर से पांच दिन पहले 18 अगस्त, 2018 को बाहर निकला था। वह दोस्तों के पास जाने की बात कहकर गया था। बाद में वह नहीं लौटा। काफी तलाश के बाद भी किशोर का सुराग नहीं लगा तो अपहरण किए जाने की शिकायत दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। बाद में 28 अगस्त, 2018 को हैदरपुर दिल्ली से मिले किशोर के शव की पहचान परिजनों ने हरदीप के रूप में की थी। परिजनों ने शक जताया था कि दो किशोर उसे बुलाकर ले गए थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों किशोरों को गिरफ्तार कर लिया था। दोनों ने पुलिस के सामने हरदीप मर्डर केस से पर्दा उठा दिया था।
आरोपियों ने बताया था कि कुछ दिन पहले खेलते हुए उनकी हरदीप के साथ कहासुनी हो गई थी। तब उन्हें हरदीप ने धमकी दी थी कि वह दोनों को मार देगा। जिसके चलते ही उन्होंने हरदीप का ही मर्डर कर दिया था। उनकी निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त चाकू व बाइक को भी बरामद कर लिया गया था। आरोपियों ने तब पुलिस को बताया था कि वह हरदीप को 18 अगस्त को बुलाने के बाद बाइक पर बैठाकर गांव के पास से बह रही नहर पर ले गए थे। वहां उन्होंने वारदात को अंजाम दिया था। मामले में एक आरोपी की आयु 17 वर्ष थी। एएसजे डॉ. संजीव आर्य की अदालत ने 17 वर्षीय किशोर को सीसीएल (चिल्ड्रेन इन कॉन्फ्लिक्ट विद लॉ) मानते हुए दोषी करार दिया है। अदालत ने उसे दस साल कैद व छह हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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गांव बड़वासनी निवासी बलराज ने 23 अगस्त, 2018 को सदर थाना पुलिस को बताया था कि उसका बेटा हरदीप (17) घर से पांच दिन पहले 18 अगस्त, 2018 को बाहर निकला था। वह दोस्तों के पास जाने की बात कहकर गया था। बाद में वह नहीं लौटा। काफी तलाश के बाद भी किशोर का सुराग नहीं लगा तो अपहरण किए जाने की शिकायत दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। बाद में 28 अगस्त, 2018 को हैदरपुर दिल्ली से मिले किशोर के शव की पहचान परिजनों ने हरदीप के रूप में की थी। परिजनों ने शक जताया था कि दो किशोर उसे बुलाकर ले गए थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों किशोरों को गिरफ्तार कर लिया था। दोनों ने पुलिस के सामने हरदीप मर्डर केस से पर्दा उठा दिया था।
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आरोपियों ने बताया था कि कुछ दिन पहले खेलते हुए उनकी हरदीप के साथ कहासुनी हो गई थी। तब उन्हें हरदीप ने धमकी दी थी कि वह दोनों को मार देगा। जिसके चलते ही उन्होंने हरदीप का ही मर्डर कर दिया था। उनकी निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त चाकू व बाइक को भी बरामद कर लिया गया था। आरोपियों ने तब पुलिस को बताया था कि वह हरदीप को 18 अगस्त को बुलाने के बाद बाइक पर बैठाकर गांव के पास से बह रही नहर पर ले गए थे। वहां उन्होंने वारदात को अंजाम दिया था। मामले में एक आरोपी की आयु 17 वर्ष थी। एएसजे डॉ. संजीव आर्य की अदालत ने 17 वर्षीय किशोर को सीसीएल (चिल्ड्रेन इन कॉन्फ्लिक्ट विद लॉ) मानते हुए दोषी करार दिया है। अदालत ने उसे दस साल कैद व छह हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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