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Sonipat News: तहसीलदार को हुआ डेंगू व नायब तहसीलदार कोर्ट एविडेंस पर गए, रजिस्ट्री के लिए भटकते रहे लोग
Wed, 06 Nov 2024 02:25 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 06 Nov 2024 02:25 AM IST
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फोटो 15: सोनीपत लघु सचिवालय स्थित तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री क्लर्क कक्ष के बाहर लगे ताले को
सोनीपत। तहसीलदार के डेंगू पीड़ित होने के चलते चिकित्सा अवकाश पर जाने व नायब तहसीलदार के चंडीगढ़ में कोर्ट एविडेंस पर जाने के से तहसील परिसर में काम नहीं हो सके। रजिस्ट्री व वसीयतनामा संबंधी काम कराने आए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अधिकारियों के न पहुंचने के चलते दोपहर तक रजिस्ट्री क्लर्क के कक्ष पर ताला लटका रहा।
रजिस्ट्री न होने से दिनभर रजिस्ट्रेशन काउंटर खाली पड़े रहे। लोग तहसील कार्यालय में अधिकारियों के आने का इंतजार करते रहे। बाद में जिला पार्षद संजय बड़वासनी के नेतृत्व में अधिकारियों के खिलाफ रोष जताया। अधिकारी दोपहर तक तहसील में नहीं पहुंचे तो लोग वापस लौट गए।
तहसीलदार व नायब तहसीलदार न होने के चलते मंगलवार को तहसील में कामकाज नहीं हो सका। तहसील में जमीन संबंधी कामकाज के लिए आए लोग दिनभर इधर-उधर चक्कर काटते रहे। जिला पार्षद संजय बड़वासनी ने कहा कि तहसील में अधिकारियों व कर्मचारियों के न बैठने से आमजन परेशान है। मंगलवार को तहसील में कोई अधिकारी व रजिस्ट्री क्लर्क न होने के कारण रजिस्ट्री नहीं हो सकी।
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तहसील परिसर में हर रोज 100 से अधिक जमीन संबंधी रजिस्ट्री व एग्रीमेंट होते हैं। मंगलवार को जब लोग तहसील में आए तो तहसीलदार व नायब तहसीलदार की गैर मौजूदगी में कर्मचारियों ने रजिस्ट्री व अन्य कार्य करने से मना कर दिया। रिहायशी प्रमाणपत्र व शपथ पत्र बनाए आए लोग परेशान रहे। लोगों का आरोप था कि टोकन लेने के बावजूद रजिस्ट्री नहीं हो सकी। अधिकारी बिना कोई सूचना दिए तहसील कार्यालय से बाहर हैं। प्रशासन को प्रावधान करना चाहिए कि अगर संबंधित अधिकारी किसी कारणवश तहसील में नहीं आते हैं तो उस दिन टोकन जारी नहीं करना चाहिए।
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रजिस्ट्री के लिए टोकन अनिवार्य कर रखा है। जिस दिन अधिकारी नहीं हो, उस दिन टोकन नंबर जारी नहीं करना चाहिए, जिससे लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
- संजय बड़वासनी, जिला पार्षद
सुबह 10 बजे जमीन संबंधी काम कराने के लिए तहसील में पहुंच गए थे, लेकिन तहसीलदार न होने के कारण कोई कार्य नहीं हो सका। सुबह से दोपहर हो चुकी है, लेकिन तहसीलदार या नायब तहसीलदार कार्यालय नहीं पहुंचे।
- प्रताप सिंह, निवासी आदर्श नगर
गांव से प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कराने के लिए सुबह तहसील में आ गए थे। रजिस्ट्री के लिए टोकन नंबर भी लिया था। यहां आकर पता लगा कि तहसीलदार या नायब तहसीलदार आज कार्यालय नहीं आएंगे, जिसके चलते कार्यालय में रजिस्ट्री नहीं होने की जानकारी मिली।
- नरेश कुमार, निवासी गांव नाहरा
तहसीलदार को डेंगू होने की वजह से 7 नवंबर पर अवकाश पर गए हुए हैं। चंडीगढ़ स्थित उच्च न्यायालय में मैं एविडेंस पर चला गया था। तहसील कार्यालय में जिनकी रजिस्ट्री नहीं हुई, एसडीएम व जिला राजस्व अधिकारी के पास रजिस्ट्री करा दी गई थी।
- शिवराज जागलान, नायब तहसीलदार
तहसील में कोई अधिकारी नहीं था, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। नियम अनुसार अधिकारियों के अवकाश पर जाने पर अन्य किसी को चार्ज दिया जाना चाहिए। रजिस्ट्री को लेकर जानकारी ली जाएगी।
- हरिओम अत्री, जिला राजस्व अधिकारी।
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रजिस्ट्री न होने से दिनभर रजिस्ट्रेशन काउंटर खाली पड़े रहे। लोग तहसील कार्यालय में अधिकारियों के आने का इंतजार करते रहे। बाद में जिला पार्षद संजय बड़वासनी के नेतृत्व में अधिकारियों के खिलाफ रोष जताया। अधिकारी दोपहर तक तहसील में नहीं पहुंचे तो लोग वापस लौट गए।
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तहसीलदार व नायब तहसीलदार न होने के चलते मंगलवार को तहसील में कामकाज नहीं हो सका। तहसील में जमीन संबंधी कामकाज के लिए आए लोग दिनभर इधर-उधर चक्कर काटते रहे। जिला पार्षद संजय बड़वासनी ने कहा कि तहसील में अधिकारियों व कर्मचारियों के न बैठने से आमजन परेशान है। मंगलवार को तहसील में कोई अधिकारी व रजिस्ट्री क्लर्क न होने के कारण रजिस्ट्री नहीं हो सकी।
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तहसील परिसर में हर रोज 100 से अधिक जमीन संबंधी रजिस्ट्री व एग्रीमेंट होते हैं। मंगलवार को जब लोग तहसील में आए तो तहसीलदार व नायब तहसीलदार की गैर मौजूदगी में कर्मचारियों ने रजिस्ट्री व अन्य कार्य करने से मना कर दिया। रिहायशी प्रमाणपत्र व शपथ पत्र बनाए आए लोग परेशान रहे। लोगों का आरोप था कि टोकन लेने के बावजूद रजिस्ट्री नहीं हो सकी। अधिकारी बिना कोई सूचना दिए तहसील कार्यालय से बाहर हैं। प्रशासन को प्रावधान करना चाहिए कि अगर संबंधित अधिकारी किसी कारणवश तहसील में नहीं आते हैं तो उस दिन टोकन जारी नहीं करना चाहिए।
रजिस्ट्री के लिए टोकन अनिवार्य कर रखा है। जिस दिन अधिकारी नहीं हो, उस दिन टोकन नंबर जारी नहीं करना चाहिए, जिससे लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
- संजय बड़वासनी, जिला पार्षद
सुबह 10 बजे जमीन संबंधी काम कराने के लिए तहसील में पहुंच गए थे, लेकिन तहसीलदार न होने के कारण कोई कार्य नहीं हो सका। सुबह से दोपहर हो चुकी है, लेकिन तहसीलदार या नायब तहसीलदार कार्यालय नहीं पहुंचे।
- प्रताप सिंह, निवासी आदर्श नगर
गांव से प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कराने के लिए सुबह तहसील में आ गए थे। रजिस्ट्री के लिए टोकन नंबर भी लिया था। यहां आकर पता लगा कि तहसीलदार या नायब तहसीलदार आज कार्यालय नहीं आएंगे, जिसके चलते कार्यालय में रजिस्ट्री नहीं होने की जानकारी मिली।
- नरेश कुमार, निवासी गांव नाहरा
तहसीलदार को डेंगू होने की वजह से 7 नवंबर पर अवकाश पर गए हुए हैं। चंडीगढ़ स्थित उच्च न्यायालय में मैं एविडेंस पर चला गया था। तहसील कार्यालय में जिनकी रजिस्ट्री नहीं हुई, एसडीएम व जिला राजस्व अधिकारी के पास रजिस्ट्री करा दी गई थी।
- शिवराज जागलान, नायब तहसीलदार
तहसील में कोई अधिकारी नहीं था, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। नियम अनुसार अधिकारियों के अवकाश पर जाने पर अन्य किसी को चार्ज दिया जाना चाहिए। रजिस्ट्री को लेकर जानकारी ली जाएगी।
- हरिओम अत्री, जिला राजस्व अधिकारी।