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Sonipat News: शिक्षक 5 जून को पंचकूला मुख्यालय पर करेंगे प्रदर्शन
Fri, 30 May 2025 01:48 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 30 May 2025 01:48 AM IST
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सोनीपत। अपनी मांगों को लेकर हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ संबंधित सर्व कर्मचारी संघ व स्कूल टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के नेतृत्व में प्रदेश के शिक्षक 5 जून को पंचकूला स्थित मुख्यालय पर प्रदर्शन करेंगे। राज्य सचिव जोगिंद्र सिंह, प्रधान नरेंद्र चहल, सचिव दिनेश छिक्कारा के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने सोनीपत में बैठक की। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र व राज्य सरकार शिक्षा व शिक्षकों के हितों को ठेस पहुंचा रही हैं।
खजांची रोहतास गंगाना, संगठन सचिव सुरेंद्र पाल, लेखा परीक्षक राजेंद्र वैध, कार्यालय सचिव रोहतास चहल ने कहा कि शिक्षा नीति 2020 को लागू करने की आड़ में भारतीय भाषा शिक्षण के नाम पर गर्मी की छुट्टियों में 2 से 8 जून तक शिविर लगाए जाएंगे। इनमें विद्यार्थियों व हिंदी अध्यापकों को स्कूल आने का फरमान सुनाया गया है।
दूसरी ओर प्राथमिक अध्यापकों के लिए छुट्टियों में ही शिविर लगाने की तैयारी है। स्कूलों में कार्यरत अध्यापकों को एक वर्ष पूरे होने पर केवल 10 अवकाश दिए जाते हैं, जबकि कार्यालयों व अन्य विभागों में सेवा काल के आधार पर वर्ष में 15 से 30 तक अवकाश देय हैं। किसी न किसी बहाने ग्रीष्मकालीन छुट्टियों में अध्यापकों को अपने परिवारों से दूर किया जा रहा है। इस तुगलकी फरमान, शिक्षा को बचाने, अध्यापकों की लंबित मांगों पर शिक्षा विभाग के कर्मचारी तालमेल कमेटी के आह्वान पर पंचकूला के प्रदर्शन में शामिल होगा।
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सभी वर्गों की पदोन्नति सूची जारी करने की मांग
प्रेस सचिव कुलदीप सिंह, सोनीपत खंड के प्रधान ऋषिकेश ने कहा कि रूल 2012 के अनुसार सरकार 50 फीसदी अंकों की आड़ में अध्यापकों को एसीपी प्रदान नहीं कर रही है, जबकि काफी शिक्षकों की नियुक्ति इन नियमों के लागू होने से पहले की है। तर्क संगत ढंग से रेशनलाइजेशन करते हुए अप्रैल तक सभी अध्यापकों के तबादले किए जाने चाहिए थे, लेकिन इस पर कुछ नहीं हुआ। अतिथि अध्यापकों को ट्रांसफर ड्राइव में शामिल किया जाए। सभी वर्गों की पदोन्नति सूची जारी की जाए।
पीजीटी फाइन आर्ट का पद सृजित करने में 300 विद्यार्थियों व शारीरिक शिक्षा का पद सृजित करने से संबंधित विषय के 40 विद्यार्थियों की शर्त को हटाया जाए। कक्षा छठी से 12वीं तक सप्ताह में विषय संबंधी पीरियड 6 से कम नहीं होने चाहिए। प्राथमिक कक्षाओं में अध्यापक करवाए जाए।
कौशल अध्यापकों के रोजगार से खिलवाड़
उन्होंने कहा कि सेवा, सुरक्षा के प्रचार के बावजूद कौशल अध्यापकों के रोजगार से खिलवाड़ किया जा रहा है। एक तरफ अध्यापकों को छुट्टियों में दाखिले बढ़ाने का अभियान चलाने की बात कही जा रही है। दूसरी ओर चिराग योजना के माध्यम से सरकारी स्कूलों के बच्चों का निजी स्कूलों में पलायन करवाया जा रहा है। ऑनलाइन प्रशिक्षण व गैर शैक्षणिक कार्यों से अध्यापकों को विद्यार्थियों से दूर किया जा रहा है।
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खजांची रोहतास गंगाना, संगठन सचिव सुरेंद्र पाल, लेखा परीक्षक राजेंद्र वैध, कार्यालय सचिव रोहतास चहल ने कहा कि शिक्षा नीति 2020 को लागू करने की आड़ में भारतीय भाषा शिक्षण के नाम पर गर्मी की छुट्टियों में 2 से 8 जून तक शिविर लगाए जाएंगे। इनमें विद्यार्थियों व हिंदी अध्यापकों को स्कूल आने का फरमान सुनाया गया है।
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दूसरी ओर प्राथमिक अध्यापकों के लिए छुट्टियों में ही शिविर लगाने की तैयारी है। स्कूलों में कार्यरत अध्यापकों को एक वर्ष पूरे होने पर केवल 10 अवकाश दिए जाते हैं, जबकि कार्यालयों व अन्य विभागों में सेवा काल के आधार पर वर्ष में 15 से 30 तक अवकाश देय हैं। किसी न किसी बहाने ग्रीष्मकालीन छुट्टियों में अध्यापकों को अपने परिवारों से दूर किया जा रहा है। इस तुगलकी फरमान, शिक्षा को बचाने, अध्यापकों की लंबित मांगों पर शिक्षा विभाग के कर्मचारी तालमेल कमेटी के आह्वान पर पंचकूला के प्रदर्शन में शामिल होगा।
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सभी वर्गों की पदोन्नति सूची जारी करने की मांग
प्रेस सचिव कुलदीप सिंह, सोनीपत खंड के प्रधान ऋषिकेश ने कहा कि रूल 2012 के अनुसार सरकार 50 फीसदी अंकों की आड़ में अध्यापकों को एसीपी प्रदान नहीं कर रही है, जबकि काफी शिक्षकों की नियुक्ति इन नियमों के लागू होने से पहले की है। तर्क संगत ढंग से रेशनलाइजेशन करते हुए अप्रैल तक सभी अध्यापकों के तबादले किए जाने चाहिए थे, लेकिन इस पर कुछ नहीं हुआ। अतिथि अध्यापकों को ट्रांसफर ड्राइव में शामिल किया जाए। सभी वर्गों की पदोन्नति सूची जारी की जाए।
पीजीटी फाइन आर्ट का पद सृजित करने में 300 विद्यार्थियों व शारीरिक शिक्षा का पद सृजित करने से संबंधित विषय के 40 विद्यार्थियों की शर्त को हटाया जाए। कक्षा छठी से 12वीं तक सप्ताह में विषय संबंधी पीरियड 6 से कम नहीं होने चाहिए। प्राथमिक कक्षाओं में अध्यापक करवाए जाए।
कौशल अध्यापकों के रोजगार से खिलवाड़
उन्होंने कहा कि सेवा, सुरक्षा के प्रचार के बावजूद कौशल अध्यापकों के रोजगार से खिलवाड़ किया जा रहा है। एक तरफ अध्यापकों को छुट्टियों में दाखिले बढ़ाने का अभियान चलाने की बात कही जा रही है। दूसरी ओर चिराग योजना के माध्यम से सरकारी स्कूलों के बच्चों का निजी स्कूलों में पलायन करवाया जा रहा है। ऑनलाइन प्रशिक्षण व गैर शैक्षणिक कार्यों से अध्यापकों को विद्यार्थियों से दूर किया जा रहा है।