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Sonipat News: डॉलर में भुगतान का झांसा देकर स्वर्णकार को ठगे नौ लाख रुपये
Wed, 22 Feb 2023 11:39 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 22 Feb 2023 11:39 PM IST
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सोनीपत। स्वर्णकार से आभूषण और नकदी लेकर डॉलर में भुगतान करने के नाम पर नौ लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। स्वर्णकार के कारिंदों को 100-100 के 110 डॉलर बताकर सौ-सौ के महज दो और बीच में एक-एक के 108 डॉलर थमा दिए। जब वह स्वर्णकार के पास अमेरिकी डॉलर लेकर पहुंचा तो मामले का पता लगा। जिस पर पुलिस को अवगत कराया गया। सेक्टर-27 थाना पुलिस ने अमानत में खयानत और धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है। दोनों आरोपियों ने खुद को बांग्लादेशी बताया था। पुलिस उनके बारे में पता लगा रही है।
सेक्टर-15 निवासी मयंक ने सेक्टर-27 थाना पुलिस को बताया कि वह स्वर्णकार हैं। उनका सुभाष चौक के पास महावीर ज्वेलर्स के नाम से शोरूम है। उन्होंने बताया कि 10 फरवरी को उनके शोरूम पर दो व्यक्ति आए और खुद को बांग्लादेशी बताया। आरोपियों ने उनके शोरूम पर 50 हजार रुपये के आभूषण पसंद किए। भुगतान के समय कहा कि वह वह विदेश से आए हैं। उनके पास भारतीय नोट नहीं हैं। उन्होंने अपने पास यूएस डॉलर होने की बात कही। आरोपियों ने 1000 हजार डॉलर देकर उनसे आभूषण और बकाया 32 हजार रुपये ले लिए। एक अमेरिकी डॉलर की कीमत 82 रुपये होने के कारण उन्होंने उन्हें भारतीय रुपये व आभूषण दे दिए। इसके साथ ही उन्होंने 2 हजार रुपये एडवांस देकर सोने की अंगूठी बनाने के लिए कहा। उन्होंने दोनों को 16 फरवरी को आने के लिए कहा।
मयंक के अनुसार 16 फरवरी को दोनों आरोपी उनके शोरूम में आए। वह उस समय शोरूम पर नहीं थे। आरोपियों ने अंगूठी देखने के साथ ही अन्य आभूषण दिखाने के लिए कहा। उन्होंने सोने के दो ब्रेसलेट और सोने की चेन पसंद की। उसके शोरूम पर नहीं होन के कारण दोनों बिना सामान लिए चले गए। उनकी आरोपियों से मोबाइल पर बात हुई तो उन्होंने कहा कि कुछ पैसे एडवांस दे जाओ। कुछ समय बाद आरोपियों में से एक उनके शोरूम पर आया और कर्मचारी अर्जुन को 200 यूएस डॉलर देते हुए कहा कि इनमें से 100 यूएस डॉलर के 8200 रुपये जमा करने के साथ 100 डॉलर के भारतीय रुपये वापस कर दो। अर्जुन ने उसे 8200 रुपये दे दिए।
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भरोसा जीतकर की ठगी
मयंक ने बताया कि 18 फरवरी को जब वह शोरूम पर था तो आरोपियों ने कॉल कर कहा कि उनके पास 11 हजार यूएस डॉलर हैं। सामान का बिल काटकर बाकी रुपये व उनके आभूषण बहालगढ़ रोड स्थित फिम्स अस्पताल के पास भेज दो। उन्होंने कहा कि उनका भाई अस्पताल में भर्ती है। जिस पर मयंक ने अपने शोरूम से गनमैन सुधीर और कर्मचारी अर्जुन को दो ब्रेसलेट, चेन, अंगूठी और नकद 4 लाख 89, 600 रुपये देकर भेज दिया। फिम्स अस्पताल के बाहर ही दोनों आरोपी मिल गए। उनके कर्मचारी अर्जुन ने आभूषण और नकदी आरोपियों को दे दी। आरोपियों ने कर्मचारियों को 100-100 डॉलर दिये। कर्मचारियों ने उनकी गिनती की तो उसमें 109 डॉलर मिले। 100 यूएस डॉलर कम थे। कर्मचारियों ने आरोपियों को बताया कि इनमें एक नोट कम है। जिस पर उन्होंने कर्मचारियों डॉलर वापस मांगे और गिनने लगे। आरोपियों ने इसके बाद डॉलर की गड्डी की जगह दूसरी गड्डी बदल दी। आरोपियों द्वारा दी गई गड्डी में आगे-पीछे 100-100 यूएस डॉलर के नोट थे, जबकि बीच में 1-1 डॉलर के 108 नोट डाल दिए। उनके कर्मी डॉलर लेकर शोरूम पर पहुंचे तो जांच करने पर दो नोट आगे पीछे 100-100 और 108 नोट 1-1 यूएस डॉलर के मिले। दोनों आरोपियों ने उनके साथ धोखाधड़ी की। आरोपियों में से एक ने अपना नाम विलायत हसेन बताया था। उनके मोबाइल नंबर से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। जिस पर पुलिस को शिकायत देकर मुकदमा दर्ज कराया।
मामले को लेकर शिकायत मिली थी। जिस पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मोबाइल नंबर के आधार पर आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाने के साथ ही सीसीटीवी फुटेज ली जा रही है। - इंस्पेक्टर संदीप कुमार, थाना प्रभारी, सेक्टर-27 सोनीपत
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सेक्टर-15 निवासी मयंक ने सेक्टर-27 थाना पुलिस को बताया कि वह स्वर्णकार हैं। उनका सुभाष चौक के पास महावीर ज्वेलर्स के नाम से शोरूम है। उन्होंने बताया कि 10 फरवरी को उनके शोरूम पर दो व्यक्ति आए और खुद को बांग्लादेशी बताया। आरोपियों ने उनके शोरूम पर 50 हजार रुपये के आभूषण पसंद किए। भुगतान के समय कहा कि वह वह विदेश से आए हैं। उनके पास भारतीय नोट नहीं हैं। उन्होंने अपने पास यूएस डॉलर होने की बात कही। आरोपियों ने 1000 हजार डॉलर देकर उनसे आभूषण और बकाया 32 हजार रुपये ले लिए। एक अमेरिकी डॉलर की कीमत 82 रुपये होने के कारण उन्होंने उन्हें भारतीय रुपये व आभूषण दे दिए। इसके साथ ही उन्होंने 2 हजार रुपये एडवांस देकर सोने की अंगूठी बनाने के लिए कहा। उन्होंने दोनों को 16 फरवरी को आने के लिए कहा।
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मयंक के अनुसार 16 फरवरी को दोनों आरोपी उनके शोरूम में आए। वह उस समय शोरूम पर नहीं थे। आरोपियों ने अंगूठी देखने के साथ ही अन्य आभूषण दिखाने के लिए कहा। उन्होंने सोने के दो ब्रेसलेट और सोने की चेन पसंद की। उसके शोरूम पर नहीं होन के कारण दोनों बिना सामान लिए चले गए। उनकी आरोपियों से मोबाइल पर बात हुई तो उन्होंने कहा कि कुछ पैसे एडवांस दे जाओ। कुछ समय बाद आरोपियों में से एक उनके शोरूम पर आया और कर्मचारी अर्जुन को 200 यूएस डॉलर देते हुए कहा कि इनमें से 100 यूएस डॉलर के 8200 रुपये जमा करने के साथ 100 डॉलर के भारतीय रुपये वापस कर दो। अर्जुन ने उसे 8200 रुपये दे दिए।
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मयंक ने बताया कि 18 फरवरी को जब वह शोरूम पर था तो आरोपियों ने कॉल कर कहा कि उनके पास 11 हजार यूएस डॉलर हैं। सामान का बिल काटकर बाकी रुपये व उनके आभूषण बहालगढ़ रोड स्थित फिम्स अस्पताल के पास भेज दो। उन्होंने कहा कि उनका भाई अस्पताल में भर्ती है। जिस पर मयंक ने अपने शोरूम से गनमैन सुधीर और कर्मचारी अर्जुन को दो ब्रेसलेट, चेन, अंगूठी और नकद 4 लाख 89, 600 रुपये देकर भेज दिया। फिम्स अस्पताल के बाहर ही दोनों आरोपी मिल गए। उनके कर्मचारी अर्जुन ने आभूषण और नकदी आरोपियों को दे दी। आरोपियों ने कर्मचारियों को 100-100 डॉलर दिये। कर्मचारियों ने उनकी गिनती की तो उसमें 109 डॉलर मिले। 100 यूएस डॉलर कम थे। कर्मचारियों ने आरोपियों को बताया कि इनमें एक नोट कम है। जिस पर उन्होंने कर्मचारियों डॉलर वापस मांगे और गिनने लगे। आरोपियों ने इसके बाद डॉलर की गड्डी की जगह दूसरी गड्डी बदल दी। आरोपियों द्वारा दी गई गड्डी में आगे-पीछे 100-100 यूएस डॉलर के नोट थे, जबकि बीच में 1-1 डॉलर के 108 नोट डाल दिए। उनके कर्मी डॉलर लेकर शोरूम पर पहुंचे तो जांच करने पर दो नोट आगे पीछे 100-100 और 108 नोट 1-1 यूएस डॉलर के मिले। दोनों आरोपियों ने उनके साथ धोखाधड़ी की। आरोपियों में से एक ने अपना नाम विलायत हसेन बताया था। उनके मोबाइल नंबर से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। जिस पर पुलिस को शिकायत देकर मुकदमा दर्ज कराया।
मामले को लेकर शिकायत मिली थी। जिस पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मोबाइल नंबर के आधार पर आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाने के साथ ही सीसीटीवी फुटेज ली जा रही है। - इंस्पेक्टर संदीप कुमार, थाना प्रभारी, सेक्टर-27 सोनीपत