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अवैध पेयजल कनेक्शनों की पहचान करने का सर्वे शुरू, 41 लाख होंगे खर्च
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सोनीपत। शहर के पश्चिमी जोन (रेलवे लाइन पार क्षेत्र) में अवैध पेयजल कनेक्शनोें की पहचान के साथ वैध कनेक्शन का पूरा डाटा एकत्रित किया जाएगा। इसको लेकर नगर निगम की ओर से सर्वे शुरू करा दिया गया है। सर्वे एजेंसी के कारिंदे घर-घर जाकर लोगों से पेयजल कनेक्शन को लेकर डाटा जुटाएंगे। इस दौरान लोगों को परिवार पहचान पत्र, पानी का बिल, आधार कार्ड व गृहकर रसीद की कॉपी देनी होगी। सर्वे एजेंसी को पूरे कागज उपलब्ध न कराने पर पानी के कनेक्शनों को अवैध माना जाएगा। नगर निगम की ओर से सर्वे एजेंसी को यह टेंडर 41 लाख रुपये में दिया गया है।
निगम के अनुसार वर्तमान में पश्चिमी जोन में 53 हजार से ज्यादा पानी के कनेक्शन हैं। इसके अतिरिक्त करीब 30 हजार अवैध कनेक्शन भी चल रहे हैं। शहर के लोगों को मांग के अनुसार पेयजल मुहैया कराने की जिम्मेदारी नगर निगम की है। नगर निगम बनने से पहले शहर में पानी आपूर्ति की व्यवस्था जनस्वास्थ्य विभाग करता था। हर साल गर्मी के सीजन में कॉलोनियों में पानी के लिए मारामारी शुरू हो जाती है। पश्चिमी जोन में लोगों की पेयजल किल्लत को दूर करने के लिए नगर निगम के अधिकारियों ने अवैध कनेक्शनों की पहचान व वैध का पूरा डाटा जुटाने का निर्णय लिया था।
इंसेट
इन कॉलोनियों में रहती है पेयजल की समस्या
शहर के न्यू मिशन कॉलोनी, भगत सिंह कॉलोनी, विकास नगर, मालवीय नगर, वेस्ट रामनगर, गढ़ी घसीटा, ककरोई रोड, पंचशील कॉलोनी, बाबा कॉलोनी, मोहन नगर, लक्ष्मण कॉलोनी, जवाहर नगर, सुभाष नगर, गढ़ी ब्राह्मणान, मयूर विहार समेत कई कॉलोनियों में सबसे ज्यादा पेयजल समस्या बनी रहती है। इन कॉलोनियों में पानी की आपूर्ति कम होने से लोगों को परेशानी होती है। नगर निगम की ओर से अप्रैल में 80 लोगों को नोटिस जारी किए गए थे। इसके बाद निगम के अधिकारियों ने अवैध कनेक्शन करने वालों पर शिकंजा कसा था। कई घरों में अवैध कनेक्शन काटे गए थे। लोगों के विरोध के चलते निगम ने कनेक्शन काटने का अभियान रोक दिया था।
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इंसेट
टेंडर आवंटित होने पर सर्वे शुरू कराया
नगर निगम की ओर से पेयजल कनेक्शनों की पहचान करने के लिए 41 लाख रुपये का टेंडर आवंटित करके सर्वे शुरू करा दिया है। ऐसे में सभी लोगों को सर्वे एजेंसी के कारिंदे के मांगने पर परिवार पहचान पत्र, पानी का बिल, आधार कार्ड व गृहकर बिल की कॉपी देनी होगी। सर्वे एजेंसी को जरूरी कागज उपलब्ध न करने पर पानी के कनेक्शनों को अवैध माना जाएगा। इस दौरान लोग अपने कनेक्शनों को वैध भी करा सकते हैं। सर्वे एजेंसी का काम पूरा होने के बाद निगम की ओर से अवैध कनेक्शन काटने शुरू कर दिए जाएंगे।
वर्जन
पश्चिमी जोन में पेयजल संकट को दूर करने के लिए अवैध कनेक्शनों की पहचान कराई जा रही है। लोगों को सर्वे के एजेंसी के कारिंदे को परिवार पहचान पत्र, पानी का बिल, आधार कार्ड व गृहकर बिल की कॉपी जरूर देनी होगी।
निजेश कुमार, कार्यकारी अभियंता नगर निगम
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निगम के अनुसार वर्तमान में पश्चिमी जोन में 53 हजार से ज्यादा पानी के कनेक्शन हैं। इसके अतिरिक्त करीब 30 हजार अवैध कनेक्शन भी चल रहे हैं। शहर के लोगों को मांग के अनुसार पेयजल मुहैया कराने की जिम्मेदारी नगर निगम की है। नगर निगम बनने से पहले शहर में पानी आपूर्ति की व्यवस्था जनस्वास्थ्य विभाग करता था। हर साल गर्मी के सीजन में कॉलोनियों में पानी के लिए मारामारी शुरू हो जाती है। पश्चिमी जोन में लोगों की पेयजल किल्लत को दूर करने के लिए नगर निगम के अधिकारियों ने अवैध कनेक्शनों की पहचान व वैध का पूरा डाटा जुटाने का निर्णय लिया था।
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इन कॉलोनियों में रहती है पेयजल की समस्या
शहर के न्यू मिशन कॉलोनी, भगत सिंह कॉलोनी, विकास नगर, मालवीय नगर, वेस्ट रामनगर, गढ़ी घसीटा, ककरोई रोड, पंचशील कॉलोनी, बाबा कॉलोनी, मोहन नगर, लक्ष्मण कॉलोनी, जवाहर नगर, सुभाष नगर, गढ़ी ब्राह्मणान, मयूर विहार समेत कई कॉलोनियों में सबसे ज्यादा पेयजल समस्या बनी रहती है। इन कॉलोनियों में पानी की आपूर्ति कम होने से लोगों को परेशानी होती है। नगर निगम की ओर से अप्रैल में 80 लोगों को नोटिस जारी किए गए थे। इसके बाद निगम के अधिकारियों ने अवैध कनेक्शन करने वालों पर शिकंजा कसा था। कई घरों में अवैध कनेक्शन काटे गए थे। लोगों के विरोध के चलते निगम ने कनेक्शन काटने का अभियान रोक दिया था।
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टेंडर आवंटित होने पर सर्वे शुरू कराया
नगर निगम की ओर से पेयजल कनेक्शनों की पहचान करने के लिए 41 लाख रुपये का टेंडर आवंटित करके सर्वे शुरू करा दिया है। ऐसे में सभी लोगों को सर्वे एजेंसी के कारिंदे के मांगने पर परिवार पहचान पत्र, पानी का बिल, आधार कार्ड व गृहकर बिल की कॉपी देनी होगी। सर्वे एजेंसी को जरूरी कागज उपलब्ध न करने पर पानी के कनेक्शनों को अवैध माना जाएगा। इस दौरान लोग अपने कनेक्शनों को वैध भी करा सकते हैं। सर्वे एजेंसी का काम पूरा होने के बाद निगम की ओर से अवैध कनेक्शन काटने शुरू कर दिए जाएंगे।
वर्जन
पश्चिमी जोन में पेयजल संकट को दूर करने के लिए अवैध कनेक्शनों की पहचान कराई जा रही है। लोगों को सर्वे के एजेंसी के कारिंदे को परिवार पहचान पत्र, पानी का बिल, आधार कार्ड व गृहकर बिल की कॉपी जरूर देनी होगी।
निजेश कुमार, कार्यकारी अभियंता नगर निगम