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सरकारी अस्पतालों में थी छुट्टी, निजी अस्पतालों की ओपीडी सेवा रही बंद, मरीज हुए परेशान
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सोनीपत। नेशनल मेडिकल कमिशन (एनएमसी) बिल के विरोध में आईएमए के आह्वान पर बुधवार को प्राइवेट हॉस्पिटलों में ओपीडी सेवाओं को बंद रखा गया, जिसके चलते मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्राइवेट अस्पताल में इलाज नहीं मिला तो मरीज नागरिक अस्पताल में काफी संख्या में पहुंचे। सरकारी अवकाश होने के कारण सरकारी अस्पतालों में भी ओपीडी सेवाएं बंद थीं। मरीज आपातकालीन कक्ष में पहुंचे। मरीजों की भीड़ ज्यादा होने के कारण चिकित्सक को पेट दर्द के मरीजों को रेफर करना पड़ा। वहीं आईएमए के पदाधिकारियों ने एनएमसी बिल का विरोध किया।
आईएमए के जिला प्रधान डॉ. वीके गुप्ता ने कहा कि सरकार ने नेशनल मेडिकल कमिशन बिल लोकसभा में पास कर लिया है। सरकार ने इसके द्वारा मेडिकल काउंसिंल ऑफ इंडिया को भंग कर दिया है। जहां एमसीआई स्वायत संस्था थी, वहीं एनएमसी के सभी पदाधिकारी सरकार नियुक्त करेगी। ऐसे में लोकतंत्र खत्म हो गया। झोलाछाप डॉक्टरों के लिए सरकार छह महीने का ब्रिज कोर्स शुरू करने जा रही है। डिस्टेंस एजुकेशन से होने वाले इस कोर्स को करने के बाद झोलाछाप को भी प्रैक्टिस करने की इजाजत मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार डॉक्टरों की मांगों पर पूरी तरह से मौन है। डॉक्टरों की सुरक्षा के मुद्दे पर भी अभी तक कोई एक्शन नहीं लिया गया है। ऐसे में इलाज घटिया और मंहगा हो जाएगा।
सरकारी अस्पताल में इमरजेंसी में 100 से ज्यादा मरीजों को हुआ इलाज
निजी अस्पताल में ओपीडी सेवाएं बंद होने के कारण मरीजों को परेशान रहे। नागरिक अस्पताल के इमजेंसी में सरकारी छुट्टी के दिन भी 100 से ज्यादा मरीजों का इलाज हुआ। इमरजेंसी में एक चिकित्सक होने के कारण मरीजों को अपनी बारी का इंतजार करने पर मजबूर होना पड़ा। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अलग से कोई इंतजाम नहीं किया गया था। वहीं पेट दर्द से पीड़ितों को भी रेफर करना पड़ा।
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वर्जन
प्राइवेट अस्पतालों में ओपीडी सेवाओं के बंद होने की जानकारी नहीं थी। उच्च अधिकारियों को इस संबंध में अवगत करवा दिया गया है। अवकाश होने के कारण सरकारी ओपीडी सेवाएं बंद थीं। भविष्य में किसी मरीज को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
डॉ. आदर्श शर्मा, पीएमओ नागरिक अस्पताल।
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आईएमए के जिला प्रधान डॉ. वीके गुप्ता ने कहा कि सरकार ने नेशनल मेडिकल कमिशन बिल लोकसभा में पास कर लिया है। सरकार ने इसके द्वारा मेडिकल काउंसिंल ऑफ इंडिया को भंग कर दिया है। जहां एमसीआई स्वायत संस्था थी, वहीं एनएमसी के सभी पदाधिकारी सरकार नियुक्त करेगी। ऐसे में लोकतंत्र खत्म हो गया। झोलाछाप डॉक्टरों के लिए सरकार छह महीने का ब्रिज कोर्स शुरू करने जा रही है। डिस्टेंस एजुकेशन से होने वाले इस कोर्स को करने के बाद झोलाछाप को भी प्रैक्टिस करने की इजाजत मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार डॉक्टरों की मांगों पर पूरी तरह से मौन है। डॉक्टरों की सुरक्षा के मुद्दे पर भी अभी तक कोई एक्शन नहीं लिया गया है। ऐसे में इलाज घटिया और मंहगा हो जाएगा।
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सरकारी अस्पताल में इमरजेंसी में 100 से ज्यादा मरीजों को हुआ इलाज
निजी अस्पताल में ओपीडी सेवाएं बंद होने के कारण मरीजों को परेशान रहे। नागरिक अस्पताल के इमजेंसी में सरकारी छुट्टी के दिन भी 100 से ज्यादा मरीजों का इलाज हुआ। इमरजेंसी में एक चिकित्सक होने के कारण मरीजों को अपनी बारी का इंतजार करने पर मजबूर होना पड़ा। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अलग से कोई इंतजाम नहीं किया गया था। वहीं पेट दर्द से पीड़ितों को भी रेफर करना पड़ा।
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प्राइवेट अस्पतालों में ओपीडी सेवाओं के बंद होने की जानकारी नहीं थी। उच्च अधिकारियों को इस संबंध में अवगत करवा दिया गया है। अवकाश होने के कारण सरकारी ओपीडी सेवाएं बंद थीं। भविष्य में किसी मरीज को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
डॉ. आदर्श शर्मा, पीएमओ नागरिक अस्पताल।