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Sonipat News: पेयजल लाइन दबाने के बाद अधूरी छोड़ीं गलियां, मानसून में बढ़ सकती है लोगों की मुश्किलें
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फोटो 11: सोनीपत के गन्नौर स्थित एक कॉलोनी में पेयजल लाइन दबाने के बाद अधूरी छोड़ी गई गली। संवाद
गन्नौर। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से पेयजल लाइन दबाई जा रही है। विभाग की लापरवाही लोगों के लिए भारी मुसीबत बनती जा रही है। पाइपलाइन दबाने के बाद गलियों की मरम्मत नहीं की जा रही, जिससे लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
जनस्वास्थ्य विभाग अब तक शहर की गलियों में करीब 18 किलोमीटर लाइन दबा चुका है, जबकि 60 किलोमीटर क्षेत्र में कार्य किया जाना है। कई इलाकों में गड्ढे खोदकर पाइप डाले जा चुके हैं, लेकिन गलियों का मरम्मत कार्य अधर में लटका हुआ है।
अधिकारियों की लापरवाही के चलते लोग धूल, कीचड़ और दुर्घटनाओं के खतरे के बीच जीवन जीने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि अभी गर्मी है, लेकिन बीच-बीच में बारिश भी हो जाती है, जिससे गलियों में निकलना भी मुश्किल हो जाता है। मानसून की दस्तक के साथ ही यह स्थिति और गंभीर हो जाएगी। उखड़ी हुई गलियों में पानी भरने से कीचड़ की समस्या बढ़ेगी और स्कूल जाने वाले बच्चे, बुजुर्ग और दोपहिया वाहन चालक सबसे अधिक प्रभावित होंगे। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मानसून से पहले गलियों की मरम्मत हो जाए, अन्यथा विभाग की लापरवाही शहर के लिए मुसीबत बन सकती है।
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मैंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उखड़ी पड़ी गलियों के मरम्मत कार्य को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाए। आमजन को असुविधा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
-प्रवेश कादियान, एसडीएम गन्नौर
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जनस्वास्थ्य विभाग अब तक शहर की गलियों में करीब 18 किलोमीटर लाइन दबा चुका है, जबकि 60 किलोमीटर क्षेत्र में कार्य किया जाना है। कई इलाकों में गड्ढे खोदकर पाइप डाले जा चुके हैं, लेकिन गलियों का मरम्मत कार्य अधर में लटका हुआ है।
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अधिकारियों की लापरवाही के चलते लोग धूल, कीचड़ और दुर्घटनाओं के खतरे के बीच जीवन जीने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि अभी गर्मी है, लेकिन बीच-बीच में बारिश भी हो जाती है, जिससे गलियों में निकलना भी मुश्किल हो जाता है। मानसून की दस्तक के साथ ही यह स्थिति और गंभीर हो जाएगी। उखड़ी हुई गलियों में पानी भरने से कीचड़ की समस्या बढ़ेगी और स्कूल जाने वाले बच्चे, बुजुर्ग और दोपहिया वाहन चालक सबसे अधिक प्रभावित होंगे। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मानसून से पहले गलियों की मरम्मत हो जाए, अन्यथा विभाग की लापरवाही शहर के लिए मुसीबत बन सकती है।
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मैंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उखड़ी पड़ी गलियों के मरम्मत कार्य को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाए। आमजन को असुविधा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
-प्रवेश कादियान, एसडीएम गन्नौर