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शीतल काे लेकर घर अाए याेगी, कंगना खुलवाई की हुई रस्म
अमर उजाला, गोहाना
Updated Wed, 18 Jan 2017 12:06 AM IST
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दुल्हन शीतल को घर लेकर पहुंचे योगेश्वर, स्वागत के बाद कंगना खुलवाई की हुई रस्म
- फोटो : sonipat
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अंतर्राष्ट्रीय पहलवान योगेश्वर दत्त सात फेरे लेने के बाद शीतल को लेकर पहली बार जब घर पहुंचे तो उनका जोरदार स्वागत किया गया। तड़के गांव में पूजा के बाद कंगना खुलवाई की रस्म अदा की गई। इसके बाद अंगूठी ढूंढने की रस्म के साथ देवरों ने भाभी के साथ संटी का खेल खेला।
गांव भेंसवाल कलां के अंतर्राष्ट्रीय पहलवान योेेगेश्वर दत्त योगी की शादी के बाद पहली बार दुल्हन अपने ससुराल पहुंची। योगी का मां सुशीला देवी ने जहां अपनी नई नवेली बहू का स्वागत किया। वहीं, अन्य सभी रस्में भी पारंपरिक रिवाज से पूरी कीं। योगेश्वर ने शीतल के साथ कंगना खुलवाई की रस्म की। इसके बाद पानी के अंदर अंगूठी डालकर उसे ढूंढने की रस्म अदा की। इसके पीछे मान्यता है कि दूल्हा-दुल्हन में से जो भी पहले अंगूठी पानी से निकालेगा, घर में उसकी की चलेगी। इस खेल में पहले दो बार योगी की जीत हुई तो एक बार शीतल ने बाजी मारी। फिर शीतल ने अपने देवरों के साथ संटी का खेल खेला। परंपरा है कि इससे देवर-भाभी का प्यार का रिश्ता बना रहता है। इसलिए खेल के बाद देवर भाभी के पैरों में बैठकर मां पुकारता है। इस मौके पर योगेश्वर दत्त के परिवार व रिश्तेदारों के अलावा गांव की महिलाएं भी मौजूद थीं।
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गांव भेंसवाल कलां के अंतर्राष्ट्रीय पहलवान योेेगेश्वर दत्त योगी की शादी के बाद पहली बार दुल्हन अपने ससुराल पहुंची। योगी का मां सुशीला देवी ने जहां अपनी नई नवेली बहू का स्वागत किया। वहीं, अन्य सभी रस्में भी पारंपरिक रिवाज से पूरी कीं। योगेश्वर ने शीतल के साथ कंगना खुलवाई की रस्म की। इसके बाद पानी के अंदर अंगूठी डालकर उसे ढूंढने की रस्म अदा की। इसके पीछे मान्यता है कि दूल्हा-दुल्हन में से जो भी पहले अंगूठी पानी से निकालेगा, घर में उसकी की चलेगी। इस खेल में पहले दो बार योगी की जीत हुई तो एक बार शीतल ने बाजी मारी। फिर शीतल ने अपने देवरों के साथ संटी का खेल खेला। परंपरा है कि इससे देवर-भाभी का प्यार का रिश्ता बना रहता है। इसलिए खेल के बाद देवर भाभी के पैरों में बैठकर मां पुकारता है। इस मौके पर योगेश्वर दत्त के परिवार व रिश्तेदारों के अलावा गांव की महिलाएं भी मौजूद थीं।
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