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सोनीपत शुगर मिल : पेराई सत्र की उलटी गिनती शुरू, बॉयलर टेस्ट सफल, 17 नवंबर को होगा स्टीम टेस्ट
Sun, 09 Nov 2025 01:16 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sun, 09 Nov 2025 01:16 AM IST
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सोनीपत। शुगर मिल के पेराई सत्र का इंतजार कर रहे किसानों के लिए राहत भरी खबर है। मिल में इंजीनियरिंग टीम की तरफ से किया गया बॉयलर टेस्ट सफल रहा है, जिससे पेराई की तैयारियों को बल मिला है। अब मिल प्रशासन 17 नवंबर को स्टीम टेस्ट करने की तैयारी में जुट गया है।
टेस्ट के दौरान मशीनों व पाइपलाइनों में स्टीम भरी जाएगी, जिससे किसी भी प्रकार की लीकेज या तकनीकी गड़बड़ी का पता लगाया जा सकेगा। अक्सर शुगर मिल में पेराई सत्र की शुरुआत नवंबर के पहले पखवाड़े में हो जाती थी, लेकिन इस वर्ष रिपेयरिंग कार्य में हुई देरी के चलते किसानों को इंतजार करना पड़ रहा है।
प्रारंभिक चरण में कार्य में देरी के कारण किसानों ने नाराजगी जताते हुए प्रदर्शन भी किया था। हालांकि, बाद में मरम्मत कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया गया और अब तक करीब 90 फीसदी काम पूरा किया जा चुका है। मिल अधिकारियों के अनुसार बॉयलर टेस्ट सबसे महत्वपूर्ण चरण होता है और इसके सफल होने के बाद अब अंतिम तकनीकी जांच (मास्टर टेस्ट) की तैयारी की जा रही है।
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27 नवंबर से शुरू हो सकता है पेराई सत्र
बताया जा रहा है कि 17 नवंबर को स्टीम टेस्ट सफल रहता है, तो 23 नवंबर को इंजीनियरों की टीम मास्टर टेस्ट करेगी। इसके बाद मिल पूरी तरह से संचालन के लिए तैयार हो जाएगी। संभावना है कि 27 नवंबर को पेराई सत्र की औपचारिक शुरुआत हो जाएगी। हर वर्ष सोनीपत शुगर मिल में औसतन 28 से 30 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई होती है। इस बार भी किसान उत्साहित हैं और जल्द शुरुआत की उम्मीद कर रहे हैं।
22 हजार क्विंटल प्रतिदिन की क्षमता
सोनीपत शुगर मिल की दैनिक पेराई क्षमता 22 हजार क्विंटल है। इस वर्ष मिल क्षेत्र के तहत करीब 14 हजार एकड़ भूमि में गन्ने की बिजाई की गई है। मिल प्रशासन गन्ना बॉडिंग प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है। हर वर्ष औसतन 30 लाख क्विंटल गन्ने की बॉडिंग किसानों के साथ की जाती है। अक्सर पेराई सत्र नवंबर से अप्रैल तक चलता है।
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टेस्ट के दौरान मशीनों व पाइपलाइनों में स्टीम भरी जाएगी, जिससे किसी भी प्रकार की लीकेज या तकनीकी गड़बड़ी का पता लगाया जा सकेगा। अक्सर शुगर मिल में पेराई सत्र की शुरुआत नवंबर के पहले पखवाड़े में हो जाती थी, लेकिन इस वर्ष रिपेयरिंग कार्य में हुई देरी के चलते किसानों को इंतजार करना पड़ रहा है।
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प्रारंभिक चरण में कार्य में देरी के कारण किसानों ने नाराजगी जताते हुए प्रदर्शन भी किया था। हालांकि, बाद में मरम्मत कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया गया और अब तक करीब 90 फीसदी काम पूरा किया जा चुका है। मिल अधिकारियों के अनुसार बॉयलर टेस्ट सबसे महत्वपूर्ण चरण होता है और इसके सफल होने के बाद अब अंतिम तकनीकी जांच (मास्टर टेस्ट) की तैयारी की जा रही है।
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27 नवंबर से शुरू हो सकता है पेराई सत्र
बताया जा रहा है कि 17 नवंबर को स्टीम टेस्ट सफल रहता है, तो 23 नवंबर को इंजीनियरों की टीम मास्टर टेस्ट करेगी। इसके बाद मिल पूरी तरह से संचालन के लिए तैयार हो जाएगी। संभावना है कि 27 नवंबर को पेराई सत्र की औपचारिक शुरुआत हो जाएगी। हर वर्ष सोनीपत शुगर मिल में औसतन 28 से 30 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई होती है। इस बार भी किसान उत्साहित हैं और जल्द शुरुआत की उम्मीद कर रहे हैं।
22 हजार क्विंटल प्रतिदिन की क्षमता
सोनीपत शुगर मिल की दैनिक पेराई क्षमता 22 हजार क्विंटल है। इस वर्ष मिल क्षेत्र के तहत करीब 14 हजार एकड़ भूमि में गन्ने की बिजाई की गई है। मिल प्रशासन गन्ना बॉडिंग प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है। हर वर्ष औसतन 30 लाख क्विंटल गन्ने की बॉडिंग किसानों के साथ की जाती है। अक्सर पेराई सत्र नवंबर से अप्रैल तक चलता है।