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प्यास और पसीना रोक रहे मेधावियों का रास्ता
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Fri, 13 May 2016 12:20 AM IST
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घर से पानी की बोतल लेकर आए बच्चे।
- फोटो : bureau
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प्रदेश की बीजेपी सरकार भले ही स्कूलों में बेहतर सुविधा देने का ढोल पीट रही हो, लेकिन सच्चाई इससे कोसों दूर है। उपमंडल के गांव आंवली के सरकारी स्कूल में पिछले कई सालों से बिजली और पानी की समस्या बनी हुई है। इससे यहां पढ़ने वाले बच्चों को परेशानियों को सामना करना पड़ता है। बच्चों को गर्मी में बिना पंखों के पढ़ाई करनी पढ़ती है। इतना ही बिजली के साथ-साथ स्कूल में पीने के पानी का वाटर कूलर भी खराब पड़ा है।
गांव आंवली में 12वीं कक्षा तक का स्कूल बना है। जिसमें आसपास के लगभग 500 बच्चे पढ़ने आते हैं। स्कूल में बच्चों के लिए पीने का उचित पानी नहीं है। इसके अलावा न बिजली का ठीक प्रबंध हैं। स्कूल में लगा वाटर कूलर खराब पड़ा है। वहीं जिन कमरों वे पढ़ते हैं, उनमें पंखे नहीं हैं। कुछ कमरों में हैं तो वे टूटे हैं। पानी की दिक्कत का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि स्कूल में मिड-डे मील का खाना बनाने के लिए महिलाओं को गांव से पानी लाना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल में यह समस्या पिछले तीन-चार सालों से है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने उनके गांव में बने सरकारी स्कूल की तरफ जल्द कोई ध्यान नहीं दिया तो वे स्कूल पर ताला लगाने को मजबूर होंगे।
क्या बोले अध्यापक
स्कूल अध्यापक योगेश भारद्वाज ने बताया कि स्कूल में बिजली और पानी की उचित व्यवस्था नहीं होने से कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं से कई बार अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है।
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गांव आंवली में 12वीं कक्षा तक का स्कूल बना है। जिसमें आसपास के लगभग 500 बच्चे पढ़ने आते हैं। स्कूल में बच्चों के लिए पीने का उचित पानी नहीं है। इसके अलावा न बिजली का ठीक प्रबंध हैं। स्कूल में लगा वाटर कूलर खराब पड़ा है। वहीं जिन कमरों वे पढ़ते हैं, उनमें पंखे नहीं हैं। कुछ कमरों में हैं तो वे टूटे हैं। पानी की दिक्कत का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि स्कूल में मिड-डे मील का खाना बनाने के लिए महिलाओं को गांव से पानी लाना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल में यह समस्या पिछले तीन-चार सालों से है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने उनके गांव में बने सरकारी स्कूल की तरफ जल्द कोई ध्यान नहीं दिया तो वे स्कूल पर ताला लगाने को मजबूर होंगे।
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क्या बोले अध्यापक
स्कूल अध्यापक योगेश भारद्वाज ने बताया कि स्कूल में बिजली और पानी की उचित व्यवस्था नहीं होने से कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं से कई बार अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है।
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