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37 डिग्री की गर्मी में पानी और हवा को भी तरसे
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Wed, 11 May 2016 11:30 PM IST
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इंदिरा कालोनी स्थित ओल्ड पॉवर हाउस पर प्रदर्शन करते हुए कर्मचारी
- फोटो : bureau
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बिजली निगम के 23 सब डिवीजनों को निजी कंपनियों के हवाले करने के विरोध में बुधवार को जिलेभर के 1068 कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहे। इससे जहां कार्यालय सूने पड़े रहे वहीं 41 डिग्री तापमान के बीच पब्लिक बिजली, पानी और हवा के लिए परेशान होती रही। मंगलवार देर रात आई आंधी ने लोगों की दिक्कतें और बढ़ा दी। गांवों और औद्योगिक क्षेत्रों के साथ शहर के विभिन्न इलाकों में फाल्ट से सप्लाई बाधित रही। इसे ठीक कराने के लिए लोग शिकायत केंद्रों पर फोन करते रहे, लेकिन यहां से उन्हें किसी प्रकार की कोई सहायता नहीं मिली। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि लघु सचिवालय स्थिति डीसी कैंपस में भी सुबह 10 बजे से शाम साढ़े चार बजे तक बिजली गुल रही। हालांकि प्रशासन ने पहले ही ई-दिशा केंद्र और तहसील में रजिस्ट्री के लिए जनरेटर की व्यवस्था कर रखी थी। वहीं सिटी में बिजली नहीं आने से मशद मोहल्ले में जाम लगाकर लोगों ने विरोध जताया। बिजली निगम के अधिकारियों के ठेके पर लगे कर्मचारियों से बिजली वितरण व्यवस्था संभालने के दावे धरे के धरे रह गए।
10 गांवों में मंगलवार रात से नहीं बिजली
मंगलवार रात को आई आंधी के चलते गांवों में फाल्ट हो गया। जिसके चलते सप्लाई दोपहर बाद तक शुरू नहीं हो सकी। इसका प्रभाव जिले के माहरा, देवीपुरा, बड़ी, राई, झुंडपुर, राजपुर, सिरसाढ़, बडौली, कुमासपुर सहित दर्जन भर गांवों में दिखाई दिया। वहीं शहर में गोहाना रोड पर डीसी कैंपस समेत अन्य सरकारी कार्यालयों में भी बिजली गुल रही। वहीं शहर के कई दूसरे इलाकों में भी दिनभर बिजली ने आंखमिचौली खेली। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
ऑनलाइन रजिस्ट्री के लिए लगाना पड़ा जनरेटर
दिनभर बिजली गुल रहने से लघु सचिवालय स्थित विभिन्न सरकारी कार्यालयों में बुधवार को कामकाज प्रभावित रहा। आलम यह रहा कि सरकारी कार्यालयों में खिड़कियां तक नहीं खुलीं। गर्मी के दौरान लोग अपने काम को पूरा कराने के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए। कार्यालयों में बिजली न आने से लोगों को सिर्फ मायूसी ही हाथ लग सकी। हालांकि ई-दिशा केंद्र में ड्राइविंग लाइसेंस व दूसरे कार्य व तहसील में ऑनलाइन रजिस्ट्री के लिए प्रशासन को जनरेटर की व्यवस्था करनी पड़ी।
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सिटी यूनिट ने किया प्रदर्शन
ज्वाइंट एक्शन कमेटी पॉवर के आह्वान पर सामूहिक अवकाश के दौरान कर्मचारी इंदिरा कॉलोनी स्थित ओल्ड पॉवर हाउस में एकत्र हुए और मांगों को लेकर रोष प्रदर्शन किया। इसकी अध्यक्षता सिटी यूनिट के उपप्रधान हरपाल सिंह भनवाला ने की। इसका संचालन हरियाणा कर्मचारी महासंघ के जिला उपप्रधान राजेंद्र सिंह खत्री ने की। वहीं दूसरी ओर सर्व कर्मचारी संघ के आह्वान पर सैकड़ों कर्मचारी पंचायत भवन में एकत्र होकर सभा में शामिल हुए। इसकी अध्यक्षता संघ के जिला प्रधान व ऑल हरियाणा पॉवर कार्पोरेशन वर्कर्स यूनियन के राज्य उपप्रधान राममेहर शर्मा ने की। संचालन जिला सचिव जयभगवान दहिया ने किया।
दो डिवीजनों में लगाए गए है निजी कर्मचारी
निगम के अधिकारियों का कहना है कि जिले में सोनीपत शहर के इंडस्ट्रियल एरिया और सिटी सब डिवीजन यूनिट में निजीकरण को बढ़ावा दिया गया है। इसमें निगम के एसडीओ और जेई मॉनिटरिंग का काम कर रहे हैं। वही प्राइवेट कर्मचारी फील्ड में अपना काम कर रहे हैं।
10 लाख यूनिट कम खर्च हुई बिजली
कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश पर जाने से बिजली वितरण व्यवस्था पूरी तरह गड़बड़ा गई। निगम के आंकड़ों के मुताबिक प्रतिदिन जहां 80 लाख यूनिट बिजली खर्च होती थी वहीं बुधवार को यह आंकड़ा 70 लाख से नीचे रहा। इसमें शहरी और ग्रामीण दोनों एरिया शामिल हैं। एसई एनएस शर्मा ने बताया कि प्रतिदिन कृषि क्षेत्र में औसतन 7.44 लाख, गांवों में 21.47 लाख, उद्योगों में 30.19 लाख और शहरी क्षेत्र में 19.01 लाख यूनिट खर्च हो रही हैं। बुधवार को खर्च का आंकड़ा 10 लाख के करीब कम रहने की उम्मीद है, जिसकी रिपोर्ट एक दिन बाद आएगी।
1068 कर्मचारियों की लगी गैरहाजिरी
बुधवार को 223 कर्मचारी ही हाजिर रहे, जबकि 1068 कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश पर जाने का पहले ही नोटिस दे दिया था। वहीं डीसी रेट पर लगे 153 में से मात्र 73 कर्मचारी हाजिर हुए और ठेका प्रथा में लगे सभी 78 कर्मचारी हाजिर रहे। हालांकि कर्मचारी नेताओं का कहना है कि कर्मचारियों ने आधिकारिक तौर पर अवकाश ले रखा है। अधिकारियों को गैरहाजिरी लगाने का कोई हक नहीं है। इसका विरोध किया जाएगा।
ये बोले कर्मचारी नेता
सब डिवीजनों का निजीकरण होने से जनता को बिजली महंगी मिलेगी। 12 मई को जींद में मीटिंग होनी है। जिसमें आगामी संघर्ष की घोषणा की जाएगी। अगर समय रहते सरकार ने निजीकरण करने का फैसला वापस नहीं लिया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
-हरपाल सिंह, वरिष्ठ उपप्रधान, ज्वाइंट एक्शन कमेटी पॉवर
यदि सरकार घोषणापत्र में दर्ज मुद्दों के उलट फैसले लेेने से बाज नहीं आती है तो ट्रेड यूनियनों के कर्मचारी संघ 9 अगस्त को करनाल में महारैली करेंगे। अगर फिर भी राज्यसरकार नहीं चेती तो कर्मचारी 2 सितंबर को होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल होंगे।
-राममेहर शर्मा, जिला प्रधान, सर्व कर्मचारी संघ
सामूहिक अवकाश पर गए सभी 1068 कर्मचारियों की गैरहाजिरी लगा दी गई है। इन लोगों ने बुधवार को किसी भी प्रकार का फील्ड वर्क नहीं किया और नही कार्यालय में उपस्थिति दर्ज कराई। इनके एक दिन का वेतन काटने का भी फैसला लिया गया है।
-एसएन शर्मा, एसई, बिजली वितरण निगम
लोगों के प्रदर्शन के बाद शुरू हुई सप्लाई
शहर में मोहल्ला कलां, जमालपुरा और बत्रा कॉलोनी में मंगलवार रात से लाइट नहीं होने से क्षेत्र के लोगों ने विभाग के खिलाफ सड़क पर उतरकर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व निवर्तमान पार्षद विमल किशोर कर रहे थे। प्रदर्शन की सूचना अधिकारियों को लगते ही जाम लगने से पहले ही लाइट शुरू कर दी गई। इस मौके पर महेंद्र कोचर, सितेंद्र, हरमिंद्र, सतीश, रोहित, संजय, वेद प्रकाश, तरुण, मुकेश लता, विमला, रोशनी सुमित्रा आदि मौजूद थे।
एकत्रित पानी से ही हो सकी सप्लाई
जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ राजपाल ने बताया कि विभाग की ओर से शहर में 8 बूस्टिंग स्टेशनों पर एकत्रित पानी की ही सप्लाई हो पाई। शहर में बूस्टरों पर पानी की सप्लाई मुरथल से आती है। वहां पर 15 ट्यूबवेल लगे हैं। बुधवार देर रात से मुरथल पर बिजली नहीं आने से यहां के 15 ट्यूबवेल पूरी तरह बंद रहे। यहां लगे एक ट्यूबवेल से 600 लीटर प्रति मिनट पानी की सप्लाई शहर को जाती है। यह 24 घंटे चलते हैं। सैनीपुरा, दो आईटीआई चौक पर बूस्टर नहीं चल सके। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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10 गांवों में मंगलवार रात से नहीं बिजली
मंगलवार रात को आई आंधी के चलते गांवों में फाल्ट हो गया। जिसके चलते सप्लाई दोपहर बाद तक शुरू नहीं हो सकी। इसका प्रभाव जिले के माहरा, देवीपुरा, बड़ी, राई, झुंडपुर, राजपुर, सिरसाढ़, बडौली, कुमासपुर सहित दर्जन भर गांवों में दिखाई दिया। वहीं शहर में गोहाना रोड पर डीसी कैंपस समेत अन्य सरकारी कार्यालयों में भी बिजली गुल रही। वहीं शहर के कई दूसरे इलाकों में भी दिनभर बिजली ने आंखमिचौली खेली। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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ऑनलाइन रजिस्ट्री के लिए लगाना पड़ा जनरेटर
दिनभर बिजली गुल रहने से लघु सचिवालय स्थित विभिन्न सरकारी कार्यालयों में बुधवार को कामकाज प्रभावित रहा। आलम यह रहा कि सरकारी कार्यालयों में खिड़कियां तक नहीं खुलीं। गर्मी के दौरान लोग अपने काम को पूरा कराने के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए। कार्यालयों में बिजली न आने से लोगों को सिर्फ मायूसी ही हाथ लग सकी। हालांकि ई-दिशा केंद्र में ड्राइविंग लाइसेंस व दूसरे कार्य व तहसील में ऑनलाइन रजिस्ट्री के लिए प्रशासन को जनरेटर की व्यवस्था करनी पड़ी।
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सिटी यूनिट ने किया प्रदर्शन
ज्वाइंट एक्शन कमेटी पॉवर के आह्वान पर सामूहिक अवकाश के दौरान कर्मचारी इंदिरा कॉलोनी स्थित ओल्ड पॉवर हाउस में एकत्र हुए और मांगों को लेकर रोष प्रदर्शन किया। इसकी अध्यक्षता सिटी यूनिट के उपप्रधान हरपाल सिंह भनवाला ने की। इसका संचालन हरियाणा कर्मचारी महासंघ के जिला उपप्रधान राजेंद्र सिंह खत्री ने की। वहीं दूसरी ओर सर्व कर्मचारी संघ के आह्वान पर सैकड़ों कर्मचारी पंचायत भवन में एकत्र होकर सभा में शामिल हुए। इसकी अध्यक्षता संघ के जिला प्रधान व ऑल हरियाणा पॉवर कार्पोरेशन वर्कर्स यूनियन के राज्य उपप्रधान राममेहर शर्मा ने की। संचालन जिला सचिव जयभगवान दहिया ने किया।
दो डिवीजनों में लगाए गए है निजी कर्मचारी
निगम के अधिकारियों का कहना है कि जिले में सोनीपत शहर के इंडस्ट्रियल एरिया और सिटी सब डिवीजन यूनिट में निजीकरण को बढ़ावा दिया गया है। इसमें निगम के एसडीओ और जेई मॉनिटरिंग का काम कर रहे हैं। वही प्राइवेट कर्मचारी फील्ड में अपना काम कर रहे हैं।
10 लाख यूनिट कम खर्च हुई बिजली
कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश पर जाने से बिजली वितरण व्यवस्था पूरी तरह गड़बड़ा गई। निगम के आंकड़ों के मुताबिक प्रतिदिन जहां 80 लाख यूनिट बिजली खर्च होती थी वहीं बुधवार को यह आंकड़ा 70 लाख से नीचे रहा। इसमें शहरी और ग्रामीण दोनों एरिया शामिल हैं। एसई एनएस शर्मा ने बताया कि प्रतिदिन कृषि क्षेत्र में औसतन 7.44 लाख, गांवों में 21.47 लाख, उद्योगों में 30.19 लाख और शहरी क्षेत्र में 19.01 लाख यूनिट खर्च हो रही हैं। बुधवार को खर्च का आंकड़ा 10 लाख के करीब कम रहने की उम्मीद है, जिसकी रिपोर्ट एक दिन बाद आएगी।
1068 कर्मचारियों की लगी गैरहाजिरी
बुधवार को 223 कर्मचारी ही हाजिर रहे, जबकि 1068 कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश पर जाने का पहले ही नोटिस दे दिया था। वहीं डीसी रेट पर लगे 153 में से मात्र 73 कर्मचारी हाजिर हुए और ठेका प्रथा में लगे सभी 78 कर्मचारी हाजिर रहे। हालांकि कर्मचारी नेताओं का कहना है कि कर्मचारियों ने आधिकारिक तौर पर अवकाश ले रखा है। अधिकारियों को गैरहाजिरी लगाने का कोई हक नहीं है। इसका विरोध किया जाएगा।
ये बोले कर्मचारी नेता
सब डिवीजनों का निजीकरण होने से जनता को बिजली महंगी मिलेगी। 12 मई को जींद में मीटिंग होनी है। जिसमें आगामी संघर्ष की घोषणा की जाएगी। अगर समय रहते सरकार ने निजीकरण करने का फैसला वापस नहीं लिया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
-हरपाल सिंह, वरिष्ठ उपप्रधान, ज्वाइंट एक्शन कमेटी पॉवर
यदि सरकार घोषणापत्र में दर्ज मुद्दों के उलट फैसले लेेने से बाज नहीं आती है तो ट्रेड यूनियनों के कर्मचारी संघ 9 अगस्त को करनाल में महारैली करेंगे। अगर फिर भी राज्यसरकार नहीं चेती तो कर्मचारी 2 सितंबर को होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल होंगे।
-राममेहर शर्मा, जिला प्रधान, सर्व कर्मचारी संघ
सामूहिक अवकाश पर गए सभी 1068 कर्मचारियों की गैरहाजिरी लगा दी गई है। इन लोगों ने बुधवार को किसी भी प्रकार का फील्ड वर्क नहीं किया और नही कार्यालय में उपस्थिति दर्ज कराई। इनके एक दिन का वेतन काटने का भी फैसला लिया गया है।
-एसएन शर्मा, एसई, बिजली वितरण निगम
लोगों के प्रदर्शन के बाद शुरू हुई सप्लाई
शहर में मोहल्ला कलां, जमालपुरा और बत्रा कॉलोनी में मंगलवार रात से लाइट नहीं होने से क्षेत्र के लोगों ने विभाग के खिलाफ सड़क पर उतरकर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व निवर्तमान पार्षद विमल किशोर कर रहे थे। प्रदर्शन की सूचना अधिकारियों को लगते ही जाम लगने से पहले ही लाइट शुरू कर दी गई। इस मौके पर महेंद्र कोचर, सितेंद्र, हरमिंद्र, सतीश, रोहित, संजय, वेद प्रकाश, तरुण, मुकेश लता, विमला, रोशनी सुमित्रा आदि मौजूद थे।
एकत्रित पानी से ही हो सकी सप्लाई
जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ राजपाल ने बताया कि विभाग की ओर से शहर में 8 बूस्टिंग स्टेशनों पर एकत्रित पानी की ही सप्लाई हो पाई। शहर में बूस्टरों पर पानी की सप्लाई मुरथल से आती है। वहां पर 15 ट्यूबवेल लगे हैं। बुधवार देर रात से मुरथल पर बिजली नहीं आने से यहां के 15 ट्यूबवेल पूरी तरह बंद रहे। यहां लगे एक ट्यूबवेल से 600 लीटर प्रति मिनट पानी की सप्लाई शहर को जाती है। यह 24 घंटे चलते हैं। सैनीपुरा, दो आईटीआई चौक पर बूस्टर नहीं चल सके। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।