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12वें दिन धरने को मिला भाकियू का समर्थन

Fri, 17 Jun 2016 12:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत Updated Fri, 17 Jun 2016 12:04 AM IST
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गोहाना पहुंचे भारतीय किसान यूनियन के गुरनाम सिंह चढूनी ने भी दिया आंदोलन को समर्थन - फोटो : bureau
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के तत्वावधान में लघु सचिवालय स्थित पार्क में चल रहा जाट न्याय धरना 12वें दिन भी जारी रहा। गुरुवार को अन्य दिनों के मुकाबले अधिक चहल-पहल दिखाई दी। भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम सिंह धरनास्थल पर पहुंचे तथा अपनी ओर से समुदाय के लोगों को समर्थन दिया। इसके अलावा गुरुवार को समिति के प्रदेशाध्यक्ष सूबे सिंह ढांका और राष्ट्रीय सचिव कुलदीप भी सिंह गोदारा भी गुरुवार को धरना स्थल पर पहुंचे थे। यहां पर समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए सूबे सिंह ढाका ने कहा कि हाईकोर्ट के फैसले पर पूरी नजर बनी हुई है। अगर 17 जून को हाईकोर्ट समुदाय के खिलाफ फैसला देती है तो 20 जून को दिल्ली में समिति की कोर कमेटी बैठक करेगी। इसी बैठक में आगामी रणनीति पर फैसला किया जाएगा। इसी बैठक में तय किया जाएगा कि विरोध आगे कैसे किया जाए। इस दौरान सभी वक्ताओं ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कानून बनाने का काम सरकार का है, न्यायालय उस कानून को सही ढंग से लागू कराने का काम करती है। रोक से ऐसा लगता है कि समुदाय को आरक्षण देने में सरकार ने कुछ कमियां छोड़ दी थी, ताकि मामला अटक जाए। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगें नहीं मानती तब तक वे लगातार धरना और क्रमिक भूख हड़ताल जारी रखेंगे।
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सरकार को जाटों की मांगें जल्द से जल्द माननी चाहिए
भारतीय किसान यूनियन के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढुनी गुरुवार को धरनास्थल पर पहुंचे तथा समुदाय के लोगों का समर्थन किया। गुरनाम सिंह ने कहा कि ये वफादार कौम है, जिसने देश के लिए कई बलिदान दिए हैं। उन्होंने सरकार पर सवाल उठाए कि जब 1971 के युद्ध में पाकिस्तान के 90 हजार बंधक आर्मी के जवानों को समझौते के बाद छोड़ दिया गया था, तो अब प्रदेश सरकार जाट आंदोलन के दौरान हुए समझौते के बाद उन युवाओं को क्यों नहीं छोड़ रही है, जिन पर मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि देश भर में लाखों कर्मचारी हड़ताल करते हैं, कभी किसी सरकार ने यह नहीं कहा कि हड़ताल के दौरान हुए करोड़ों रुपए के नुकसान को कर्मचारियों से वसूला जाएगा। जाट समुदाय शांतिपूर्वक तरीके से अपनी मांगे सरकार के सामने रख रहा है। इसलिए सरकार को भी जल्द से जल्द जाटों की मांगे मानते हुए उन्हें आरक्षण दे देना चाहिए। गुरुनाम सिंह ने गुरुवार दोपहर बाद रोहतक के जसिया गांव जाते हुए रास्ते में गोहाना में भी पत्रकारवार्ता को संबोधित किया।
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जारी रहा क्रमिक अनशन
धरना स्थल पर क्रमिक अनशन भी जारी रहा। गुरुवार को राज सिंह मलिक और महावीर सिंह दो बुजुर्गों ने क्रमिक अनशन शुरू किया। दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक टीम भी पूरी तरह से जांच के लिए धरना स्थल पर ही बनी हुई है। क्रमिक अनशन पर बैठने वाले बुजुर्गों की समय-समय पर जांच की जा रही है।
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