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डिलीवरी के लिए पैसे नहीं दिए तो बरती लापरवाही, गर्भ में ही बच्चे की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Sat, 30 Apr 2016 12:45 AM IST
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विलाप करते परिजन।
- फोटो : bureau
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सिविल अस्पताल एक बार फिर कथित भ्रष्टाचार के नाम पर सवालों के घेरे में है। असावरपुर के एक परिवार का आरोप है कि समय पर डिलीवरी कराने के लिए उनसे पैसे मांगे गए। नहीं देने पर लापरवाही बरती, जिसके चलते गर्भ में ही लड़के की मौत हो गई। इस संबंध में जब डिप्टी सीएमओ आदर्श शर्मा से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि मामले की सूचना मिली है, कार्रवाई के लिए लिखित शिकायत का इंतजार है।
असावरपुर निवासी विकास ने बताया कि चार दिन पहले उसने अपनी पत्नी अन्नू (28) को डिलीवरी के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती कराया था। चार दिन बाद भी डिलीवरी नहीं हुई तो मेरी बहन प्रियंका ने स्टाफ से बात की। कहा गया कि अस्पताल में पैसे देने वालों की ही समय पर डिलीवरी होती है। उन्होंने पैसे नहीं दिए तो देखभाल में कोताही बरती गई। गुरुवार रात 2 बजे बताया गया कि लड़का हुआ है। इसके डेढ़ घंटे बाद गंभीर हालत बताकर खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शुक्रवार को वे बेटे का अंतिम संस्कार कर शाम को अस्पताल पहुंचे और आरोप लगाया कि बच्चे की गर्भ में ही मौत हो चुकी थी, क्योंकि समय पर डिलीवरी नहीं कराई गई। विकास की बहन प्रियंका का तो कहना है कि जिस समय बच्चे को रेफर कर रहे थे, उस समय वह कोई हरकत नहीं कर रहा था। यह बात जब डॉक्टर को बताई तो उन्होंने कोई प्रयास करने की बजाय जल्दी खानपुर ले जाने को कहा।
मामला मेरे नोटिस में आया है, लेकिन लिखित शिकायत मिलने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
-डॉक्टर आदर्श शर्मा, डिप्टी सीएमओ
स्टाफ मुंह खोलने को तैयार नहीं
पूरे मामले के संबंध में जब अस्पताल के स्टाफ से उनका पक्ष लेने का प्रयास किया गया तो किसी भी कुछ बोलने से साफ मना कर दिया। कहा, सीएमओ या डिप्टी सीमओ से बात करें।
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असावरपुर निवासी विकास ने बताया कि चार दिन पहले उसने अपनी पत्नी अन्नू (28) को डिलीवरी के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती कराया था। चार दिन बाद भी डिलीवरी नहीं हुई तो मेरी बहन प्रियंका ने स्टाफ से बात की। कहा गया कि अस्पताल में पैसे देने वालों की ही समय पर डिलीवरी होती है। उन्होंने पैसे नहीं दिए तो देखभाल में कोताही बरती गई। गुरुवार रात 2 बजे बताया गया कि लड़का हुआ है। इसके डेढ़ घंटे बाद गंभीर हालत बताकर खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शुक्रवार को वे बेटे का अंतिम संस्कार कर शाम को अस्पताल पहुंचे और आरोप लगाया कि बच्चे की गर्भ में ही मौत हो चुकी थी, क्योंकि समय पर डिलीवरी नहीं कराई गई। विकास की बहन प्रियंका का तो कहना है कि जिस समय बच्चे को रेफर कर रहे थे, उस समय वह कोई हरकत नहीं कर रहा था। यह बात जब डॉक्टर को बताई तो उन्होंने कोई प्रयास करने की बजाय जल्दी खानपुर ले जाने को कहा।
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मामला मेरे नोटिस में आया है, लेकिन लिखित शिकायत मिलने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
-डॉक्टर आदर्श शर्मा, डिप्टी सीएमओ
स्टाफ मुंह खोलने को तैयार नहीं
पूरे मामले के संबंध में जब अस्पताल के स्टाफ से उनका पक्ष लेने का प्रयास किया गया तो किसी भी कुछ बोलने से साफ मना कर दिया। कहा, सीएमओ या डिप्टी सीमओ से बात करें।
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