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ड्रोन से रखी जाएगी बिजली लाइन पर नजर: डीसी
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Sun, 26 Jun 2016 12:32 AM IST
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लघु सचिवालय पर अधिकारियों की मीटिंग लेते हुए डीसी पांडुरंग व डीआईजी एचएस दून
- फोटो : bureau
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उपायुक्त के मकरंद पांडुरंग ने कहा कि बिजली कर्मचारी यूनियनों द्वारा 29 व 30 जून को दी गई हड़ताल की कॉल के दौरान बिजली व्यवस्था बाधित नहीं होने की दी जाएगी। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। बिजली की सभी लाइनों और पावर हाउसों पर निगरानी के लिए ड्रोन तैनात किए जाएंगे। पूरे घटनाक्रम पर निगरानी के लिए एससी, यूएचबीवीएन और लघु सचिवालय में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। वे शनिवार को लघु सचिवालय में हड़ताल से निपटने की तैयारियों के मद्देनजर लघु सचिवालय में अधिकारियों की मीटिंग को संबोधित कर रहे थे।
पांडुरंग ने कहा कि बिजली एक आवश्यक सेवा के तहत आती है और इसके बाधित होने से पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं बाधित होती हैं और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात कहने का अधिकार सभी को है लेकिन आम जनता को परेशान करने और जरूरी सेवाओं को बाधित करने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि 29 व 30 जून को कर्मचारी यूनियनों द्वारा जो हड़ताल की कॉल दी गई है उससे निपटने के लिए प्रशासन द्वारा सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है।
जनता से भी मांगा सहयोग
उपायुक्त ने जनता से अपील की कि इस बार हड़ताल के दौरान अगर कोई भी कर्मचारी या अन्य व्यक्ति बिजली की लाइनों से छेड़छाड़ करते हुए दिखाई दे तो तुरंत उसकी वीडियो बना लें या फोटो खींच लें। इसके बाद इसे प्रशासन या बिजली निगम के अधिकारियों को उपलब्ध करवाई जाए ताकि संबंधित पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
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सेवा बाधित की तो गैर जमानती वारंट होगा जारी
हड़ताल के दौरान आवश्यक सेवा संरक्षण अधिनियम (एस्मा) लागू किया गया है। उन्होंने बताया कि इस एक्ट के दौरान अगर कोई भी सरकारी कर्मचारी आदेश का उल्लंघन करता है या किसी दबाव में सेवा को बाधित करने की कोशिश करता है तो सेक्शन-5 के तहत उस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। यह गैर जमानती अपराध है और इसमें तीन साल तक की सजा का प्रावधान भी है। उन्होंने सभी अधिकारियों को आदेश दिए कि किसी भी तरह की अनुशासनहीनता को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर कोई भी किसी को काम करने से रोकेगा तो उससे स ती से निपटा जाए।
हेल्पलाइन नंबर जारी कर अधिकारियों को दिए निर्देश
मीटिंग में उपायुक्त ने निर्देश दिए कि जिला के सभी पावर हाउसों पर पुलिस कर्मचारी तैनात रहेंगे। इस दौरान अगर कोई भी व्यक्ति किसी कर्मचारी को जबरदस्ती काम करने से रोकेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही सभी एसडीएम व डीएसपी भी लगातार पेट्रोलिंग करेंगे। बीडीपीओ, तहसीलदार और संबंधित एसएचओ व चौकी इंचार्ज भी लगातार पावर हाउसों व अन्य स्थानों की पेट्रोलिंग करेंगे। उन्होंने सभी विभागों, जनस्वास्थ्य विभाग के पंप हाउसों, अस्पतालों व अन्य सभी स्थानों पर जनरेटरों की व्यवस्था पहले से ही सुनिश्चित कर ली जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी सूचना या जानकारी के लिए लघु सचिवालय में बनाए गए नियंत्रण कक्ष में दूरभाष न बर 0130-2220638 पर स पर्क किया जा सकता है।
पुलिस की भी बढ़ाई जाएगी पेट्रोलिंग
डीआईजी कम एसपी एचएस दून ने कहा कि जो भी संवेदनशील स्थान हैं वहां पर पुलिस की व्यवस्था कर दी गई है। इसके अलावा भी बिजली निगम के अधिकारी जहां-जहां कहेंगे। वहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया जाएगा। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को आदेश दिए कि सभी पावर हाउसों व अन्य संवेदनशील स्थानों पर 27 जून से ही पैट्रोलिंग शुरू कर दी जाएगी। यही नहीं पेट्रोलिंग पार्टी अतिसंवेदनशील स्थानों पर ही बैठेंगी।
सरपंच, पंच और नंबरदारों का भी मांगा जाए सहयोग
उन्होंने सभी बीडीपीओ को निर्देश दिए कि जिन-जिन गांवों में पावर हाउस हैं उन गांवों को सरपंच, पंच और नंबरदारों का भी सहयोग बिजली व्यवस्था सुचारू करने में लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी गांवों में बिजली व्यवस्था सुचारू रखने के लिए रात को ठीकरी पहरा लगाने के लिए भी कहा गया है। उन्होंने कहा कि धरना सभी का अधिकार है लेकिन किसी जरूरी सेवा को बाधित करने का अधिकार किसी को नहीं है। ऐसे में किसी भी तरह की घटना से निपटने के लिए पुलिस व प्रशासन मिलकर काम करेगा।
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पांडुरंग ने कहा कि बिजली एक आवश्यक सेवा के तहत आती है और इसके बाधित होने से पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं बाधित होती हैं और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात कहने का अधिकार सभी को है लेकिन आम जनता को परेशान करने और जरूरी सेवाओं को बाधित करने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि 29 व 30 जून को कर्मचारी यूनियनों द्वारा जो हड़ताल की कॉल दी गई है उससे निपटने के लिए प्रशासन द्वारा सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है।
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जनता से भी मांगा सहयोग
उपायुक्त ने जनता से अपील की कि इस बार हड़ताल के दौरान अगर कोई भी कर्मचारी या अन्य व्यक्ति बिजली की लाइनों से छेड़छाड़ करते हुए दिखाई दे तो तुरंत उसकी वीडियो बना लें या फोटो खींच लें। इसके बाद इसे प्रशासन या बिजली निगम के अधिकारियों को उपलब्ध करवाई जाए ताकि संबंधित पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
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सेवा बाधित की तो गैर जमानती वारंट होगा जारी
हड़ताल के दौरान आवश्यक सेवा संरक्षण अधिनियम (एस्मा) लागू किया गया है। उन्होंने बताया कि इस एक्ट के दौरान अगर कोई भी सरकारी कर्मचारी आदेश का उल्लंघन करता है या किसी दबाव में सेवा को बाधित करने की कोशिश करता है तो सेक्शन-5 के तहत उस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। यह गैर जमानती अपराध है और इसमें तीन साल तक की सजा का प्रावधान भी है। उन्होंने सभी अधिकारियों को आदेश दिए कि किसी भी तरह की अनुशासनहीनता को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर कोई भी किसी को काम करने से रोकेगा तो उससे स ती से निपटा जाए।
हेल्पलाइन नंबर जारी कर अधिकारियों को दिए निर्देश
मीटिंग में उपायुक्त ने निर्देश दिए कि जिला के सभी पावर हाउसों पर पुलिस कर्मचारी तैनात रहेंगे। इस दौरान अगर कोई भी व्यक्ति किसी कर्मचारी को जबरदस्ती काम करने से रोकेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही सभी एसडीएम व डीएसपी भी लगातार पेट्रोलिंग करेंगे। बीडीपीओ, तहसीलदार और संबंधित एसएचओ व चौकी इंचार्ज भी लगातार पावर हाउसों व अन्य स्थानों की पेट्रोलिंग करेंगे। उन्होंने सभी विभागों, जनस्वास्थ्य विभाग के पंप हाउसों, अस्पतालों व अन्य सभी स्थानों पर जनरेटरों की व्यवस्था पहले से ही सुनिश्चित कर ली जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी सूचना या जानकारी के लिए लघु सचिवालय में बनाए गए नियंत्रण कक्ष में दूरभाष न बर 0130-2220638 पर स पर्क किया जा सकता है।
पुलिस की भी बढ़ाई जाएगी पेट्रोलिंग
डीआईजी कम एसपी एचएस दून ने कहा कि जो भी संवेदनशील स्थान हैं वहां पर पुलिस की व्यवस्था कर दी गई है। इसके अलावा भी बिजली निगम के अधिकारी जहां-जहां कहेंगे। वहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया जाएगा। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को आदेश दिए कि सभी पावर हाउसों व अन्य संवेदनशील स्थानों पर 27 जून से ही पैट्रोलिंग शुरू कर दी जाएगी। यही नहीं पेट्रोलिंग पार्टी अतिसंवेदनशील स्थानों पर ही बैठेंगी।
सरपंच, पंच और नंबरदारों का भी मांगा जाए सहयोग
उन्होंने सभी बीडीपीओ को निर्देश दिए कि जिन-जिन गांवों में पावर हाउस हैं उन गांवों को सरपंच, पंच और नंबरदारों का भी सहयोग बिजली व्यवस्था सुचारू करने में लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी गांवों में बिजली व्यवस्था सुचारू रखने के लिए रात को ठीकरी पहरा लगाने के लिए भी कहा गया है। उन्होंने कहा कि धरना सभी का अधिकार है लेकिन किसी जरूरी सेवा को बाधित करने का अधिकार किसी को नहीं है। ऐसे में किसी भी तरह की घटना से निपटने के लिए पुलिस व प्रशासन मिलकर काम करेगा।