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निगम ऑनलाइन नहीं लेगा आरटीआई एप्लीकेशन
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Mon, 20 Jun 2016 12:11 AM IST
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एमसीसोनीपत का लोगो
- फोटो : bureau
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नगर निगम आरटीआई की फाइल ऑनलाइन एप एमसीसोनीपत पर नहीं लेगा, क्योंकि उसके अंदर फीस जमा कराने का ऑप्शन नहीं है। इसके चलते आरटीआई के फीचर को निगम की ओर से हटा दिया गया है। हालांकि नगर निगम द्वारा फीस जमा कराने वाले नए एप को तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है। बता दें कि आरटीआई एप्लीकेशन के लिए सरकार की ओर से 50 रुपये की फीस निर्धारित है। अगर मांगी गई जानकारी ज्यादा हैं तो संबंधित विभाग प्रति पेज के हिसाब से अलग से फीस मांग सकता है। लोगों को अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए बार-बार निगम का चक्कर नहीं लगाना पड़े, इसलिए एमसीसोनीपत के नाम से एक एप तैयार किया गया था। इस पर लोगों की शिकायतें आनी भी शुरू हो गई थीं। इस पर 19 दिन में 716 शिकायर्त आइं, इनमें 80 प्रतिशत स्ट्रीट लाइट और सफाई व्यवस्था से जुड़ी थीं। हालांकि इसी एप पर बनाई गई आरटीआई के एप्लीकेशन को हटा लिया गया है।
दो दिनों में मांगी गईं 10 समस्याओं की जानकारी
नगर निगम की ओर एप चालू तो कर दिया गया, लेकिन जाट आरक्षण आंदोलन के चलते 5 जून से जिला प्रशासन ने मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया था। हालांकि 15 जून को चार बजे से 16 जून को रात 12 बजे तक सेवाओं को खोला गया था। इस दौरान शहरवासियों ने 10 आरटीआई लगाईं। कुल मिलाकर 15 दिन में आरटीआई के तहत ऑनलाइन 17 फाइल जमा कराई गई हैं।
17 दिन में एप पर पहुंची शिकायतें
कार्य शिकायत आई समाधान हुआ रद्द की गई समाधान नही
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सफाई 233 154 14 48
स्ट्रीट लाइट 334 260 5 40
जन्म प्रमाण पत्र 25 21 2 2
रिहायशी प्रमाण पत्र 8 6 1 1
गृह कर 15 13 0 2
विवाह प्रमाण पत्र 6 5 1 0
पार्क 14 3 0 1
रोड 45 3 3 39
सुझाव 24 13 2 10
हुडा 2 0 1 1
सीवर 9 2 7 0
पानी 1 1 0 1
अन्य 11 5 1 5
कुल 716 488 42 136
वर्जन
फीस का फंसा पेंच, फिलहाल हटाया ऑप्शन
एप पर आने वाली शिकायतों को नगर निगम गंभीरता से ले रहा है। सबसे ज्यादा स्ट्रीट लाइट और सफाई व्यवस्था से जुड़ी हैं। जहां तक एप से आरटीआई का ऑप्शन हटाने की बात है, वह फीस जमा न होने की दिक्कत के चलते कुछ समय के लिए हटाया गया है। आरटीआई के ऑप्शन में फीस जमा करवाने की सुविधा जोड़ी जाएगी। तब नए सिरे से इस ऑप्शन को देेंगे। तब तक नागरिक सीधे निगम कार्यालय में आकर फीस के साथ एप्लीकेशन जमा करवा सकते हैं।
-अश्वनी मेेंगी, कमिश्नर नगर निगम
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दो दिनों में मांगी गईं 10 समस्याओं की जानकारी
नगर निगम की ओर एप चालू तो कर दिया गया, लेकिन जाट आरक्षण आंदोलन के चलते 5 जून से जिला प्रशासन ने मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया था। हालांकि 15 जून को चार बजे से 16 जून को रात 12 बजे तक सेवाओं को खोला गया था। इस दौरान शहरवासियों ने 10 आरटीआई लगाईं। कुल मिलाकर 15 दिन में आरटीआई के तहत ऑनलाइन 17 फाइल जमा कराई गई हैं।
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17 दिन में एप पर पहुंची शिकायतें
कार्य शिकायत आई समाधान हुआ रद्द की गई समाधान नही
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सफाई 233 154 14 48
स्ट्रीट लाइट 334 260 5 40
जन्म प्रमाण पत्र 25 21 2 2
रिहायशी प्रमाण पत्र 8 6 1 1
गृह कर 15 13 0 2
विवाह प्रमाण पत्र 6 5 1 0
पार्क 14 3 0 1
रोड 45 3 3 39
सुझाव 24 13 2 10
हुडा 2 0 1 1
सीवर 9 2 7 0
पानी 1 1 0 1
अन्य 11 5 1 5
कुल 716 488 42 136
वर्जन
फीस का फंसा पेंच, फिलहाल हटाया ऑप्शन
एप पर आने वाली शिकायतों को नगर निगम गंभीरता से ले रहा है। सबसे ज्यादा स्ट्रीट लाइट और सफाई व्यवस्था से जुड़ी हैं। जहां तक एप से आरटीआई का ऑप्शन हटाने की बात है, वह फीस जमा न होने की दिक्कत के चलते कुछ समय के लिए हटाया गया है। आरटीआई के ऑप्शन में फीस जमा करवाने की सुविधा जोड़ी जाएगी। तब नए सिरे से इस ऑप्शन को देेंगे। तब तक नागरिक सीधे निगम कार्यालय में आकर फीस के साथ एप्लीकेशन जमा करवा सकते हैं।
-अश्वनी मेेंगी, कमिश्नर नगर निगम