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मुरथल विवि के प्रोफेसरों की हड़ताल, सीजनल एग्जाम भी बीच में छोड़े
अमर उजाला ब्यूरो सोनीपत।
Updated Fri, 07 Apr 2017 12:13 AM IST
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दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी में धरने पर बैठे प्रोफेसर
- फोटो : bureau
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दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी मुरथल में प्रोफेसर शिक्षण कार्य छोड़कर हड़ताल पर चले गए हैं। प्रोफेसरों ने केवल शिक्षण कार्य ही नहीं छोड़ा है, बल्कि यूनिवर्सिटी में चल रहे सीजनल एग्जाम कराना भी छोड़ दिया है। प्रोफेसरों को यह कदम इसलिए उठाना पड़ा क्योंकि वहां के 43 असिस्टेंट प्रोफेसरों का प्रमोशन होने के बावजूद बढ़ा हुआ वेतन नहीं दिया जा रहा है। प्रोफेसरों ने आरोप लगाया कि वीसी के हस्ताक्षर होने के बाद भी रजिस्ट्रार ने उस फाइल को दबा दिया। प्रोफेसरों ने रजिस्ट्रार पर तानाशाही रवैय्या अपनाकर बढ़ा हुआ वेतन जारी करने की फाइल को रोकने का आरोप लगाया है। प्रोफेसरों ने वीरवार को वीसी कार्यालय के बाहर धरना देकर नारेबाजी की और वेतन नहीं मिलने तक हड़ताल जारी रखने की बात कही है।
चार से सात हजार रुपये बढ़ना है वेतन
मुरथल यूनिवर्सिटी में एग्जीक्यूटिव काउंसिल की मीटिंग में 43 असिस्टेंट प्रोफेसरों का प्रमोशन किया गया था। जिनको पहली स्टेज से दूसरी स्टेज में प्रमोशन दिया गया था, जिसके साथ ही उनका वरिष्ठता के आधार पर 4-7 हजार रुपये प्रतिमाह का वेतन बढ़ना है। उनका प्रमोशन हुए तीन महीने का समय बीत गया, लेकिन उनको अभी तक बढ़ा हुआ वेतन नहीं दिया गया है। वह अपनी समस्या लेकर कई दिन पहले वीसी के पास गए तो उन्होंने फाइल पर हस्ताक्षर करके रजिस्ट्रार के पास भेज दिया, लेकिन उस फाइल को रजिस्ट्रार पर दबाने का आरोप प्रोफेसरों ने लगाया है। इस समस्या का समाधान नहीं होता देख वीरवार को सभी असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, प्रोफेसर ने शिक्षण कार्य छोड़कर हड़ताल शुरू कर दी और वह वीसी कार्यालय के बाहर आकर धरने पर बैठ गए। धरने पर बैठे प्रोफेसरों ने साफ कर दिया कि इस समय यूनिवर्सिटी में चल रहे सीजनल एग्जाम भी वह नहीं कराएंगे, जिससे उनके पूरे होने पर भी संकट के बादल छा गए हैं। इस दौरान यूनिवर्सिटी के शिक्षक एसोसिएशन के प्रधान डॉ. दिनेश कुमार, डॉ. प्रदीप, डॉ. राजेश्वर, डॉ. पवन दहिया, डॉ. अनिता मलिक, डॉ. नरेश, डॉ. सुमन, डॉ. सुदेश, डॉ. मंजू, डॉ. अंजू, डॉ. आरती, डॉ. सुरेंद्र, डॉ. विनोद आदि मौजूद रहे।
प्रमोशन प्रोफार्मा भी तय नहीं कर रही यूनिवर्सिटी
डिक्रूटा के प्रधान डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से अभी तक प्रमोशन प्रोफार्मा भी तय नहीं किया गया है। इससे यूनिवर्सिटी में प्रमोशन काफी देरी से होते हैं। इसको लेकर यूनिवर्सिटी के 19 प्रोफेसर हाईकोर्ट भी गए हुए हैं और उसके बाद भी प्रमोशन प्रोफार्मा तय नहीं किया गया है। इसको तय करने की मांग भी हड़ताल पर गए प्रोफेसरों की ओर से उठाई गई है, जिससे जल्द से जल्द अन्य प्रमोशन भी हो सके।
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असिस्टेंट प्रोफेसरों के वेतन बढ़ाए जाने की फाइल मेेरे पास दो दिन पहले ही आई थी। उससे पहले वह फाइल किसके पास अटकी हुई थी, मुझे उसकी जानकारी नहीं है। मैंने फाइल अपने पास आते ही नियम के अनुसार उस पर अपनी रिपोर्ट लगाकर भेज दी। इस मामले में मुझ पर फाइल रोकने के गलत आरोप लगाए जा रहे हैं।
-केपी सिंह, रजिस्ट्रार दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी मुरथल
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चार से सात हजार रुपये बढ़ना है वेतन
मुरथल यूनिवर्सिटी में एग्जीक्यूटिव काउंसिल की मीटिंग में 43 असिस्टेंट प्रोफेसरों का प्रमोशन किया गया था। जिनको पहली स्टेज से दूसरी स्टेज में प्रमोशन दिया गया था, जिसके साथ ही उनका वरिष्ठता के आधार पर 4-7 हजार रुपये प्रतिमाह का वेतन बढ़ना है। उनका प्रमोशन हुए तीन महीने का समय बीत गया, लेकिन उनको अभी तक बढ़ा हुआ वेतन नहीं दिया गया है। वह अपनी समस्या लेकर कई दिन पहले वीसी के पास गए तो उन्होंने फाइल पर हस्ताक्षर करके रजिस्ट्रार के पास भेज दिया, लेकिन उस फाइल को रजिस्ट्रार पर दबाने का आरोप प्रोफेसरों ने लगाया है। इस समस्या का समाधान नहीं होता देख वीरवार को सभी असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, प्रोफेसर ने शिक्षण कार्य छोड़कर हड़ताल शुरू कर दी और वह वीसी कार्यालय के बाहर आकर धरने पर बैठ गए। धरने पर बैठे प्रोफेसरों ने साफ कर दिया कि इस समय यूनिवर्सिटी में चल रहे सीजनल एग्जाम भी वह नहीं कराएंगे, जिससे उनके पूरे होने पर भी संकट के बादल छा गए हैं। इस दौरान यूनिवर्सिटी के शिक्षक एसोसिएशन के प्रधान डॉ. दिनेश कुमार, डॉ. प्रदीप, डॉ. राजेश्वर, डॉ. पवन दहिया, डॉ. अनिता मलिक, डॉ. नरेश, डॉ. सुमन, डॉ. सुदेश, डॉ. मंजू, डॉ. अंजू, डॉ. आरती, डॉ. सुरेंद्र, डॉ. विनोद आदि मौजूद रहे।
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प्रमोशन प्रोफार्मा भी तय नहीं कर रही यूनिवर्सिटी
डिक्रूटा के प्रधान डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से अभी तक प्रमोशन प्रोफार्मा भी तय नहीं किया गया है। इससे यूनिवर्सिटी में प्रमोशन काफी देरी से होते हैं। इसको लेकर यूनिवर्सिटी के 19 प्रोफेसर हाईकोर्ट भी गए हुए हैं और उसके बाद भी प्रमोशन प्रोफार्मा तय नहीं किया गया है। इसको तय करने की मांग भी हड़ताल पर गए प्रोफेसरों की ओर से उठाई गई है, जिससे जल्द से जल्द अन्य प्रमोशन भी हो सके।
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असिस्टेंट प्रोफेसरों के वेतन बढ़ाए जाने की फाइल मेेरे पास दो दिन पहले ही आई थी। उससे पहले वह फाइल किसके पास अटकी हुई थी, मुझे उसकी जानकारी नहीं है। मैंने फाइल अपने पास आते ही नियम के अनुसार उस पर अपनी रिपोर्ट लगाकर भेज दी। इस मामले में मुझ पर फाइल रोकने के गलत आरोप लगाए जा रहे हैं।
-केपी सिंह, रजिस्ट्रार दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी मुरथल