{"_id":"655cae6e9e9dfcf4f8075703","slug":"sonipat-hanuman-chalisa-read-to-awaken-the-government-and-administration-2023-11-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat: सरकार और प्रशासन को जगाने के लिए पढ़ी हनुमान चालीसा, छठे दिन भी लघु सचिवालय पर जारी रहा धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat: सरकार और प्रशासन को जगाने के लिए पढ़ी हनुमान चालीसा, छठे दिन भी लघु सचिवालय पर जारी रहा धरना
Tue, 21 Nov 2023 06:49 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Tue, 21 Nov 2023 06:49 PM IST
सार
हरियाणा के सोनीपत के गांव जुआं के बीपीएल परिवारों को प्लॉटों पर कब्जे दिलवाने की मांग को लेकर छठे दिन भी लघु सचिवालय पर धरना जारी रहा।
विज्ञापन
जिला पार्षद संजय बड़वासनी के नेतृत्व में हनुमान चालीसा का पाठ करते ग्रामीण।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
प्लॉट पर कब्जा दिलवाने की मांग को लेकर सोनीपत के गांव जुआं के बीपीएल परिवारों का धरना मंगलवार को छठे दिन भी लघु सचिवालय में जारी रहा। ग्रामीणों ने जिला पार्षद संजय बड़वासनी के नेतृत्व में सरकार और प्रशासन को जगाने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ किया।
विज्ञापन
जिला पार्षद ने कहा कि सरकार और प्रशासन ग्रामीणों को जानबूझकर परेशान कर रहे हैं। प्रशासन 14 साल बीत जाने के बाद बी पात्र परिवारों को प्लॉट पर कब्जा नहीं दिलाया। सरकार का दायित्व बनता है कि वह परिवारों को कब्जा दिलवाए। जिला पार्षद ने जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजपाल चहल से मिलकर प्लाॅटों का समाधान कराने की मांग की।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बीपीएल परिवारों के साथ विश्वासघात कर रही है। लोगों को अपनी मजदूरी छोड़कर धरने पर बैठने के लिए मजबूर कर रही है। प्रशासन खामोश होकर गरीब परिवारों के हितों की रक्षा करने की बजाय खिलवाड़ कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर गरीब परिवार अपना हक पाने के लिए अंतिम सांस तक लड़ाई लड़ते रहेंगे।
विज्ञापन
वह सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। इससे ग्रामीणों में रोष है। इस दौरान प्रदीप लारा, रमेश, राकेश, मामन, ऋषिपाल, रणजीत, मनजीत, रामचंद्र, रणसिंह, महिपाल, प्रकाश, राजेश, सन्नी, गुलाब सिंह, जगबीर, दिलबाग, रामभज, नरेश, शकुंतला, गुलाबो, बसंती, राजबाला, गणपति, रोशनी व अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।