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सात लाख 70 हजार की कैशलेस ट्रांजेक्शन से बनीं 36 आरसी
अमर उजाला ब्यूरो सोनीपत
Updated Sat, 17 Dec 2016 12:47 AM IST
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लघु सचिवालय में स्थित ई-दिशा केंद्र में शुक्रवार को सात लाख 70 हजार की कैशलेस ट्रांजेक्शन से 36 आरसी बनी। इसके अलावा लाइसेंस की 16 फाइलों से 10 हजार की कैशलेस ट्रांजेेक्शन हुई। वहीं, तहसील में कैशलेस का आंकड़ा भी 70 प्रतिशत हो गया है। शुक्रवार को ई-दिशा केंद्र व तहसील में 100 प्रतिशत भुगतान पीओएस मशीन के जरिए हुए। वहीं, जो लोग नकदी लेकर अपना भुगतान करने पहुंचे, उन्हें खुद एसडीएम निशांत यादव ने अपने कार्यालय में बैठाकर कैशलेस के फायदे बताए और उसके बाद उन्होंने भी कैशलेस तकनीक से ही अपना भुगतान किया।
देशभर में चली कैशलेस की मुहिम के तहत उपायुक्त के मकरंद पांडुरंग ने जिला के सभी कार्यालयों को कैसलेस करने के निर्देश दिए थे। वह कोई भी लेन-देन नकदी में करने की बजाय ई-बैंकिंग, स्वैप, पेटीएम और अन्य तकनीक के जरिए करने के लिए लोगों को जागरूक करें। इन्हीं निर्देशों की पालना करते हुए उपमंडल अधिकारी निशांत यादव ने ई-दिशा केंद्र को सबसे पहले कैशलेस करने का बीड़ा उठाया। सोमवार को ही यहां सभी काउंटरों पर स्वैप मशीनें लगवा दी गईं। इसके साथ ही लोगों को यह भी जानकारी दी गई कि उनको कैश के लिए किसी बैंक की लाइन में लगने की आवश्यकता नहीं, बल्कि वे कैशलेेस तकनीक से अपना भुगतान कर सकते हैं। स्वाइप मशीनें लगाने का लोगों ने अच्छा परिणाम दिखाया और वीरवार को जब पुराने नोट लेने की अंतिम तिथि थी तो उस समय 90 प्रतिशत भुगतान कैशलेस के जरिए हुआ और शुक्रवार को यह आंकड़ा 100 प्रतिशत तक जा पहुंचा। यही नहीं ई-दिशा केंद्र के साथ-साथ तहसील कार्यालय के भी अधिकतर प्रमाण पत्रों और कार्यों के लिए कैशलेस तकनीक से ही भुगतान लिया जा रहा है।
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देशभर में चली कैशलेस की मुहिम के तहत उपायुक्त के मकरंद पांडुरंग ने जिला के सभी कार्यालयों को कैसलेस करने के निर्देश दिए थे। वह कोई भी लेन-देन नकदी में करने की बजाय ई-बैंकिंग, स्वैप, पेटीएम और अन्य तकनीक के जरिए करने के लिए लोगों को जागरूक करें। इन्हीं निर्देशों की पालना करते हुए उपमंडल अधिकारी निशांत यादव ने ई-दिशा केंद्र को सबसे पहले कैशलेस करने का बीड़ा उठाया। सोमवार को ही यहां सभी काउंटरों पर स्वैप मशीनें लगवा दी गईं। इसके साथ ही लोगों को यह भी जानकारी दी गई कि उनको कैश के लिए किसी बैंक की लाइन में लगने की आवश्यकता नहीं, बल्कि वे कैशलेेस तकनीक से अपना भुगतान कर सकते हैं। स्वाइप मशीनें लगाने का लोगों ने अच्छा परिणाम दिखाया और वीरवार को जब पुराने नोट लेने की अंतिम तिथि थी तो उस समय 90 प्रतिशत भुगतान कैशलेस के जरिए हुआ और शुक्रवार को यह आंकड़ा 100 प्रतिशत तक जा पहुंचा। यही नहीं ई-दिशा केंद्र के साथ-साथ तहसील कार्यालय के भी अधिकतर प्रमाण पत्रों और कार्यों के लिए कैशलेस तकनीक से ही भुगतान लिया जा रहा है।
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