फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   sonipat, a work which is free, now 17 lakhs spend

फ्री में चल रहे काम को 17 लाख में कराने के लिए बुलाई कंपनी

Wed, 12 Apr 2017 12:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो सोनीपत।
अमर उजाला ब्यूरो सोनीपत। Updated Wed, 12 Apr 2017 12:13 AM IST
विज्ञापन
sonipat, a work which is free, now 17 lakhs spend
दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी मुरथल - फोटो : bureau
किसी का कोई काम मुफ्त में काफी बेहतर तरीके से हो रहा है तो उसके लिए कोई लाखों रुपये क्यों खर्च करेगा? यह सुनकर हर किसी को अजीब लगेगा, लेकिन दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी मुरथल में ऐसे ही काम पर 17 लाख रुपये खर्च करने के लिए एक कंपनी को बुला लिया गया। उस कंपनी ने अपना डेमो भी दिया, लेकिन उसे अभी ठेका नहीं दिया गया है क्योंकि उस कंपनी को ठेका देने से पहले ही सवाल उठने लगे हैं कि आखिर इस तरह यूनिवर्सिटी के 17 लाख रुपये पानी में क्यों बहाए जाए?
विज्ञापन

सोमवार को कंपनी ने दिया डेमो
दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी मुरथल में पिछले चार साल से अपने ही सॉफ्टवेयर व सिस्टम के आधार पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, प्रवेश परीक्षा व काउंसिलिंग कराई जा रही है। यह पूरा सिस्टम खुद यूनिवर्सिटी का होने के कारण उस पर एक भी रुपया खर्च नहीं हो रहा है, लेकिन विवि प्रशासन की ओर से सोमवार को एक कंपनी को डेमो देने के लिए बुला लिया गया। वह कंपनी केवल रजिस्ट्रेशन व काउंसिलिंग कराएगी और उसके एवज में कंपनी ने 35 रुपये प्रति आवेदन मांगे हैं। यूनिवर्सिटी में हर साल प्रवेश के लिए लगभग पांच हजार आवेदन आते हैं। इस तरह उस कंपनी को ठेका दिया जाता है तो लगभग 17.5 लाख रुपये यूनिवर्सिटी को खर्च करने पड़ेंगे।
विज्ञापन

ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा की सुविधा भी नहीं
उसमें भी वह कंपनी ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा की सुविधा नहीं दे रही है, जिसके बाद यह सवाल खड़ा होने लगा कि आखिर जब यूनिवर्सिटी खुद ही यह पूरा काम मुफ्त में कराती है तो उस कंपनी को क्यों 17 लाख रुपये दिए जाएं। यूनिवर्सिटी की प्रशासनिक कमेटी में शामिल प्रोफेसर ही उस पर सवाल उठाने लगे हैं। उस कंपनी को डेमो देने के लिए एक प्रशासनिक अधिकारी ने बुलाया है। वहीं, यह मामला अब वीसी के पास भी पहुंच गया है और वीसी ने इसके बारे में जानकारी करके ऐसा कोई प्रस्ताव पास करने से साफ इंकार कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मेरे सामने ऐसी कोई कंपनी नहीं आई है और ऐसा कोई डेमो भी मेरे सामने नहीं हुआ है। जब यूनिवर्सिटी खुद यह काम बेहतर तरीके से कर रही है तो उस पर इतने रुपये नहीं खर्च किए जा सकते हैं। उस कंपनी को किसने डेमो देने के लिए बुलाया था और उसे क्यों बुलाया गया, इसकी पूरी जानकारी कराई जाएगी और उसके बाद ही ज्यादा कुछ बताया जा सकता है।
-प्रो. टंकेश्वर कुमार, वीसी दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी मुरथल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed