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Sonipat News: देसी जुगाड़ से पक्का अभ्यास... सिवानका के कुशल तीरंदाज ने सोने पर साधा निशाना
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फोटो - पिता संदीप दलाल के साथ तीरंदाज कुशल दलाल। स्रोत - ग्रामीण
- फोटो : samvad
गोहाना (सोनीपत) : एशियन गेम्स में जिले के गांव सिवानका के कुशल दलाल ने तीरंदाजी में शानदार प्रदर्शन कर भारत की झोली में स्वर्ण पदक डाला है। कुशल की इस स्वर्णिम सफलता से गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीण घर आकर परिवार को बधाइयां दे रहे हैं।
2018 से शुरू हुए अपने अभ्यास और घर पर बनाए जुगाड़ से बनाए देसी टारगेट के बल पर कुशल ने साबित कर दिया कि पक्के इरादे के आगे हर चुनौती छोटी है।
संदीप दलाल ने बताया कि कुशल वर्ष 2018 में रोहतक नर्सरी में दौड़ का अभ्यास करने जाता था। इस दौरान उसने वहां एक खिलाड़ी को तीरंदाजी करते हुए देखा। उनसे प्रेरित होकर कुशल ने भी दूसरे दिन से ही तीरंदाजी का अभ्यास शुरू कर दिया।
लगातार अभ्यास से उसने अपना हुनर निखारा। संदीप दलाल ने बताया कि रोहतक में अभ्यास की जब भी छुट्टी होती थी, तो वह अपने घर पर ही अभ्यास करता था।
इसके लिए उन्होंने एक देसी रेंज तैयार कराई थी। उन्होंने गद्दे को चारों तरफ से बोरी से कवर कर अभ्यास करने के लिए एक टारगेट बनाया था। छुट्टी के दिन वह घंटों तक घर पर अभ्यास करता था। लगातार मेहनत के बल पर ही उसने अब एशियन गेम्स में देश के लिए पदक जीता है।
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किसान के बेटे हैं संदीप
कुशल के पिता संदीप दलाल खेती-बाड़ी का काम करते हैं। जबकि उनकी माता गीता हरियाणा राज्य कृषि विभाग बोर्ड में अकाउंटेंट हैं। कुशल दलाल एक साधारण परिवार से हैं। उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया है।
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2018 से शुरू हुए अपने अभ्यास और घर पर बनाए जुगाड़ से बनाए देसी टारगेट के बल पर कुशल ने साबित कर दिया कि पक्के इरादे के आगे हर चुनौती छोटी है।
संदीप दलाल ने बताया कि कुशल वर्ष 2018 में रोहतक नर्सरी में दौड़ का अभ्यास करने जाता था। इस दौरान उसने वहां एक खिलाड़ी को तीरंदाजी करते हुए देखा। उनसे प्रेरित होकर कुशल ने भी दूसरे दिन से ही तीरंदाजी का अभ्यास शुरू कर दिया।
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लगातार अभ्यास से उसने अपना हुनर निखारा। संदीप दलाल ने बताया कि रोहतक में अभ्यास की जब भी छुट्टी होती थी, तो वह अपने घर पर ही अभ्यास करता था।
इसके लिए उन्होंने एक देसी रेंज तैयार कराई थी। उन्होंने गद्दे को चारों तरफ से बोरी से कवर कर अभ्यास करने के लिए एक टारगेट बनाया था। छुट्टी के दिन वह घंटों तक घर पर अभ्यास करता था। लगातार मेहनत के बल पर ही उसने अब एशियन गेम्स में देश के लिए पदक जीता है।
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किसान के बेटे हैं संदीप
कुशल के पिता संदीप दलाल खेती-बाड़ी का काम करते हैं। जबकि उनकी माता गीता हरियाणा राज्य कृषि विभाग बोर्ड में अकाउंटेंट हैं। कुशल दलाल एक साधारण परिवार से हैं। उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया है।