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Sonipat News: एसएमओ व स्टाफ कर्मियों ने धरना शुरू किया, सिविल सर्जन नहीं मना पाए
Thu, 18 Jul 2024 05:44 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 18 Jul 2024 05:44 AM IST
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फोटो 42: सोनीपत के खरखौदा स्थित उपमंडल नागरिक अस्पताल के प्रांगण में धरने पर बैठे चिकित्सकों व
खरखौदा। उपमंडल सामान्य अस्पताल में दोनों एसएमओ व स्टाफ सदस्यों के बीच चला आ रहा विवाद थमने की बजाए और उग्र हो गया है। बुधवार को एक एसएमओ, कई चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों ने मिलकर अस्पताल परिसर में धरना शुरू कर दिया। धरने पर विधायक व भाजपा नेत्री भी पहुंची।
वहीं, सिविल सर्जन डॉ. जयकिशोर व उप सिविल सर्जन डॉ. गीता दहिया ने भी मामला सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बन पाई। धरनारत कर्मियों ने साफ कर दिया है कि वह एसएमओ डाॅ. आशा सहरावत व नर्सिंग अधिकारी राजेश के तबादले से कम कुछ भी मानने को तैयार नहीं है। इस धरने को जिला स्तर व उसके बाद प्रदेश स्तर पर ले जाया जाएगा।
उपमंडल अस्पताल में बुधवार सुबह से ही एसएमओ डाॅ. सत्यपाल, कई चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी धरने पर बैठ गए। सुबह 10 बजे विधायक जयवीर सिंह अस्पताल पहुंचे, उन्होंने धरनारत स्टाफ कर्मियों की समस्याएं सुनने के बाद सिविल सर्जन से फोन पर बात की। इसके बार खुद सिविल सर्जन डाॅ. जयकिशोर उप सिविल सर्जन डाॅ. गीता दहिया के साथ पहुंचे। एसएमओ डाॅ. सत्यपाल के नेतृत्व में धरने से एक प्रतिनिधिमंडल उनसे मिलने पहुंचा। सिविल सर्जन ने एसएमओ डाॅ. सत्यपाल को कार्यालय के लिए कमरा उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया।
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उप सिविल सर्जन ने एक-एक बुलाया, कर्मियों ने किया मना
उप सिविल सर्जन डाॅ. गीता दहिया धरने पर पहुंची और एसएमओ, चिकित्सकों व चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को एक-एक कर सिविल सर्जन के पास अपनी बात रखने के लिए बुलाया। धरना देने वाले इस बात पर अड़ गए कि एसएमओ डाॅ. आशा व स्टाफ राजेश के तबादले से कम उन्हें अब कुछ मंजूर नहीं है।
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स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई
अस्पताल कर्मियों के धरने पर जाने से खरखौदा में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई है, बुधवार को सिर्फ आपात सेवाएं ही चली, ओपीडी बंद रहने से मरीजों को भटकना पड़ा। करीब 20 ओपीडी पर्ची नबी, जिसमें से भी कई के बाद में पैसे वापिस कर दिए गए।
वर्जन
अस्पताल में चल रहे मामले को मेरे पास लेकर आने से पहले ही पंचायत में लेकर पहुंचना गलत है, मुझ से समाधान नहीं होता तो स्टाफ उपायुक्त से मिल सकता था। समाधान करने आया हूं, लेकिन मामला सिर्फ एसएमओ को कमरा देने तक सीमित नहीं है। कुछ और ही मामला चल रहा है, जिसे देखते हुए जल्द कार्रवाई होगी।
-डाॅ. जयकिशोर, सिविल सर्जन
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वहीं, सिविल सर्जन डॉ. जयकिशोर व उप सिविल सर्जन डॉ. गीता दहिया ने भी मामला सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बन पाई। धरनारत कर्मियों ने साफ कर दिया है कि वह एसएमओ डाॅ. आशा सहरावत व नर्सिंग अधिकारी राजेश के तबादले से कम कुछ भी मानने को तैयार नहीं है। इस धरने को जिला स्तर व उसके बाद प्रदेश स्तर पर ले जाया जाएगा।
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उपमंडल अस्पताल में बुधवार सुबह से ही एसएमओ डाॅ. सत्यपाल, कई चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी धरने पर बैठ गए। सुबह 10 बजे विधायक जयवीर सिंह अस्पताल पहुंचे, उन्होंने धरनारत स्टाफ कर्मियों की समस्याएं सुनने के बाद सिविल सर्जन से फोन पर बात की। इसके बार खुद सिविल सर्जन डाॅ. जयकिशोर उप सिविल सर्जन डाॅ. गीता दहिया के साथ पहुंचे। एसएमओ डाॅ. सत्यपाल के नेतृत्व में धरने से एक प्रतिनिधिमंडल उनसे मिलने पहुंचा। सिविल सर्जन ने एसएमओ डाॅ. सत्यपाल को कार्यालय के लिए कमरा उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया।
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उप सिविल सर्जन ने एक-एक बुलाया, कर्मियों ने किया मना
उप सिविल सर्जन डाॅ. गीता दहिया धरने पर पहुंची और एसएमओ, चिकित्सकों व चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को एक-एक कर सिविल सर्जन के पास अपनी बात रखने के लिए बुलाया। धरना देने वाले इस बात पर अड़ गए कि एसएमओ डाॅ. आशा व स्टाफ राजेश के तबादले से कम उन्हें अब कुछ मंजूर नहीं है।
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स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई
अस्पताल कर्मियों के धरने पर जाने से खरखौदा में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई है, बुधवार को सिर्फ आपात सेवाएं ही चली, ओपीडी बंद रहने से मरीजों को भटकना पड़ा। करीब 20 ओपीडी पर्ची नबी, जिसमें से भी कई के बाद में पैसे वापिस कर दिए गए।
वर्जन
अस्पताल में चल रहे मामले को मेरे पास लेकर आने से पहले ही पंचायत में लेकर पहुंचना गलत है, मुझ से समाधान नहीं होता तो स्टाफ उपायुक्त से मिल सकता था। समाधान करने आया हूं, लेकिन मामला सिर्फ एसएमओ को कमरा देने तक सीमित नहीं है। कुछ और ही मामला चल रहा है, जिसे देखते हुए जल्द कार्रवाई होगी।
-डाॅ. जयकिशोर, सिविल सर्जन

फोटो 42: सोनीपत के खरखौदा स्थित उपमंडल नागरिक अस्पताल के प्रांगण में धरने पर बैठे चिकित्सकों व