लखीमपुर घटना पर बोले एसकेएम नेता: अंतिम संस्कार का रास्ता बनाने के लिए था समझौता, मंत्री, उनके बेटे पर कार्रवाई की मांग कायम
एसकेएम समन्वय समिति के वरिष्ठ सदस्य डॉ. दर्शनपाल ने मंगलवार को कुंडली बॉर्डर पर कहा कि सरकार किसी गलतफहमी में न रहें कि लखीमपुर खीरी मामले में समझौता होने के बाद किसान चुप बैठ जाएंगे। सोमवार को लखीमपुर खीरी प्रशासन के साथ किया गया समझौता मात्र शहीद किसानों के अंतिम संस्कार का रास्ता बनाने के लिए किया गया था।
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संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने कहा कि लखीमपुर खीरी प्रशासन के साथ सोमवार को समझौता सिर्फ शहीद किसानों के अंतिम संस्कार के लिए किया था। मोर्चा अभी केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी को उनके पद से बर्खास्त करने और उनके पुत्र आशीष मिश्रा टेनी व उसके साथियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग पर कायम है। साथ ही हरियाणा के सीएम मनोहर लाल को उनके पद से तुरंत बर्खास्त करने की भी मांग करता है। जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा आंदोलन जारी रहेगा।
एसकेएम समन्वय समिति के वरिष्ठ सदस्य डॉ. दर्शनपाल ने मंगलवार को कुंडली बॉर्डर पर कहा कि सरकार किसी गलतफहमी में न रहें कि लखीमपुर खीरी मामले में समझौता होने के बाद किसान चुप बैठ जाएंगे। सोमवार को लखीमपुर खीरी प्रशासन के साथ किया गया समझौता मात्र शहीद किसानों के अंतिम संस्कार का रास्ता बनाने के लिए किया गया था। एसकेएम मंत्री को उनके पद से बर्खास्त करने, उनके पुत्र व उसके साथियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग पर कायम है।
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मनोहर लाल की सीएम पद से बर्खास्तगी की मांग भी करते हैं। उन्होंने कहा कि पद से बर्खास्तगी और आरोपियों की गिरफ्तारी तक संयुक्त किसान मोर्चा का आंदोलन जारी रहेगा। इतना ही नहीं आगे की कार्रवाई के लिए एसकेएम जल्द ही कार्यक्रम की भी घोषणा करेगा। कार्यक्रम पर अमल करते हुए किसान देशभर में आंदोलन को आगे लेकर जाएंगे।
एसकेएम नेता डॉ. दर्शनपाल ने कहा कि रविवार को लखीमपुर खीरी में शांतिपूर्ण जा रहे किसानों की निर्मम हत्या का चौंकाने वाला और दिल दहलाने वाला नया वीडियो सामने आया है। प्रदर्शनकारी उस दिन इस भीषण घटनाक्रम के बारे में जो बता रहे थे, वह वीडियो में साफ है। वीडियो से पता लग रहा है कि मंत्री अजय मिश्रा टेनी और उनके बेटे द्वारा दिया गया बयान झूठा था। विरोध प्रदर्शन से लौट रहे शांति से चलते हुए साजिश से अनभिज्ञ किसान प्रदर्शनकारियों को मंत्री के वाहनों ने बुरी तरह कुचल दिया।
कई चश्मदीद गवाह अब वीडियो जारी कर इसे बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि एसकेएम किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी की सोमवार शाम से कई घंटों तक गिरफ्तारी और हिरासत में रखने की कड़ी निंदा करता है। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार का अलोकतांत्रिक और सत्तावादी व्यवहार सरासर गलत है। इससे साफ है कि योगी सरकार दुनिया के सामने उभर रहे लखीमपुर खीरी हत्याकांड की सच्चाई पर पर्दा डालने का प्रयास कर रही है। एसकेएम पंजाब से लोगों को लखीमपुर खीरी आने से रोकने के लिए यूपी सरकार के प्रयासों की भी निंदा करता है।
पीएम पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप
एसकेएम ने कहा कि वह पीएम को उनके अपने असंगत रुख और यूटर्न की याद दिलाना चाहते हैं। वास्तव में जब एमएसपी को सभी उपज और किसानों के लिए वास्तविकता बनाने की बात आई है तो केंद्र सरकार संसद में किए गए अपने वादे से मुकर गई। एसकेएम यह भी दोहराता है कि तथाकथित सुधार किसानों के लिए फायदेमंद नहीं है, भले ही कोई भी पार्टी इनका प्रस्ताव दे रही हो। किसानों ने किसी तरह के सुधारों के लिए नहीं कहा और न ही चाहते हैं। वह किसान विरोधी कानूनों को पूर्ण रूप से रद्द करने की मांग करते हैं।