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Sonipat News: बारिश के बाद बढ़े चर्म रोगी, 250 से ज्यादा पहुंची ओपीडी
Wed, 23 Jul 2025 01:46 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 23 Jul 2025 01:46 AM IST
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सोनीपत। बरसात का मौसम व गर्मी के चलते चर्म रोगी बढ़ रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना 250 से ज्यादा मरीज इलाज करवाने के लिए आ रहे हैं। इस मौसम में दाद, खुजली, फंगल इंफेक्शन व त्वचा पर एलर्जी के मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा है।
चर्म रोग विशेषज्ञ का कहना है कि गर्मी में पसीना और बारिश से वातावरण में नमी होने के कारण त्वचा संबंधी रोग फैलते हैं इसलिए इस मौसम में सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। चिपचिपाहट के साथ पसीना होने से त्वचा रोग हो रहे हैं।
बारिश के पानी में भीगने व मार्ग पर भरे पानी में आने-जाने से त्वचा संबंधी बीमारियों में बढ़ोतरी होती है। इसकी वजह से घाव, फुंसी, लाल दाने, चकत्ते, फफोले आदि हो जाते हैं। फंगस की वजह से खुजली और एलर्जी की समस्या होती है। यह संक्रामक रोग है, जिससे एक व्यक्ति से दूसरे में फैलने का खतरा भी रहता है।
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इस रोग से बचाव के लिए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। इनका समय रहते इलाज कराना जरूरी है। अस्पताल में रोजाना 250 से ज्यादा मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं।
इस मौसम में यह रखें सावधानी
गर्मी में पसीना आने पर उसे सुखाते रहें।
बारिश में ज्यादा देर भीगने से बचें।
नमी व गीले कपड़े न पहनें। कपड़ों को सुखाकर पहनें।
शरीर की सफाई का ध्यान रखें।
रोजाना साफ पानी से स्नान करें।
त्वचा रोगी के कपड़े परिवार के अन्य सदस्यों से अलग रखें।
कोई भी समस्या होने पर चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।
बारिश के मौसम चर्म रोगियों की संख्या ज्यादा होती है। लोगों को इस रोग से बचने के लिए सावधानी व सफाई रखना जरूरी होता है। तकलीफ अधिक होने पर मरीज घरेलू उपचार करने के बजाय चिकित्सक को दिखाएं। -डॉ. राघवेंद्र , चर्म रोग विशेषज्ञ, जिला नागरिक अस्पताल।
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चर्म रोग विशेषज्ञ का कहना है कि गर्मी में पसीना और बारिश से वातावरण में नमी होने के कारण त्वचा संबंधी रोग फैलते हैं इसलिए इस मौसम में सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। चिपचिपाहट के साथ पसीना होने से त्वचा रोग हो रहे हैं।
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बारिश के पानी में भीगने व मार्ग पर भरे पानी में आने-जाने से त्वचा संबंधी बीमारियों में बढ़ोतरी होती है। इसकी वजह से घाव, फुंसी, लाल दाने, चकत्ते, फफोले आदि हो जाते हैं। फंगस की वजह से खुजली और एलर्जी की समस्या होती है। यह संक्रामक रोग है, जिससे एक व्यक्ति से दूसरे में फैलने का खतरा भी रहता है।
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इस रोग से बचाव के लिए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। इनका समय रहते इलाज कराना जरूरी है। अस्पताल में रोजाना 250 से ज्यादा मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं।
इस मौसम में यह रखें सावधानी
गर्मी में पसीना आने पर उसे सुखाते रहें।
बारिश में ज्यादा देर भीगने से बचें।
नमी व गीले कपड़े न पहनें। कपड़ों को सुखाकर पहनें।
शरीर की सफाई का ध्यान रखें।
रोजाना साफ पानी से स्नान करें।
त्वचा रोगी के कपड़े परिवार के अन्य सदस्यों से अलग रखें।
कोई भी समस्या होने पर चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।
बारिश के मौसम चर्म रोगियों की संख्या ज्यादा होती है। लोगों को इस रोग से बचने के लिए सावधानी व सफाई रखना जरूरी होता है। तकलीफ अधिक होने पर मरीज घरेलू उपचार करने के बजाय चिकित्सक को दिखाएं। -डॉ. राघवेंद्र , चर्म रोग विशेषज्ञ, जिला नागरिक अस्पताल।