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राजकीय अवकाश के बावजूद खोला गया स्कूल, कई कमरों की हालत दयनीय
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स्कूल में हुए हादसे के बाद निरीक्षण करने पहुंचे एसडीएम सुरेंद्र दूहन व अन्य। संवाद
- फोटो : Sonipat
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गन्नौर। क्षेत्र के गांव बाय में स्थित जीवानंद पब्लिक स्कूल के कमरों की हालत बेहद दयनीय है। गार्डर व सिल्ली की छत देकर आठ कमरे बनाए गए हैं। इन कमरों के बीच की दीवारें भी 4 इंची ही हैं। स्कूल में करीब 600 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। बच्चों की संख्या के मुकाबले स्कूल में कमरों की संख्या बेहद कम है। खस्ताहाल कमरों के सुधारीकरण की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया। माना जा रहा है कि स्कूल प्रबंधन की लापरवाही के चलते ही यह हादसा हुआ है।
जीवानंद पब्लिक स्कूल में वीरवार को तीसरी कक्षा के कमरे की छत ढह गई, जिसके नीचे दबने से विद्यार्थी, शिक्षक व मजदूर घायल हो गए। हादसे के बाद स्कूल में पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने स्कूल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि कमरों की छत से पानी टपक रहा था, जिस कारण मिट्टी डलवाने का काम किया जा रहा था।
हादसे के बाद सभी बच्चे भयभीत
कमरे की छत के नीचे दबने की घटना के बाद सभी बच्चे भयभीत हैं। अस्पताल में पहुंचने के बाद बच्चे चोट व भय से कांप रहे थे। अस्पताल पहुंचे अभिभावकों को देखते हुए बच्चे रोने लगे। परिजन बच्चों को चुप कराते रहे।
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स्कूल संचालक का दावा, नियमों के तहत चलाया जा रहा स्कूल
मैं वर्ष 2012 से स्कूल चला रहा हूं। स्कूल की मान्यता 8वीं कक्षा तक है। स्कूल में करीब 600 बच्चे हैं। इनमें करीब 300 बच्चे स्कूल आए थे। वीरवार को राजकीय अवकाश होने का मुझे पता नहीं था और न ही स्कूल में अवकाश संबंधी कोई सूचना आई। शहर के सभी निजी स्कूल खुले थे, उन्होंने भी स्कूल खोल लिया। बारिश के चलते स्कूल में छतों पर मिट्टी डालने का काम चल रहा था। सभी बच्चे बाहर बैठे हुए थे। जैसे ही लंच की घंटी बजी तो बच्चे कक्षा में लंच लेने के लिए अंदर गए। तभी अचानक छत गिर गई।
- दिनेश, संचालक, जीवानंद मॉडर्न पब्लिक स्कूल
--
वर्जन
छुट्टी के दिन स्कूल खोलने का संचालक नहीं दे सका स्पष्टीकरण
वीरवार को राजकीय अवकाश था, फिर भी संचालक द्वारा स्कूल खोला गया। इस बारे में संचालक से पूछा गया तो वह कोई स्पष्टीकरण नहीं दे सका। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
- कर्मबीर, खंड शिक्षा अधिकारी, गन्नौर
--
वर्जन
स्कूल संचालक ने लापरवाही बरती
स्कूल के कमरों की छत गार्डर व सिल्ली से बनी हुई थी, जो काफी कमजोर हो चुकी थी। छत गिरने से बच्चे दबकर घायल हो गए, जिनको उपचार के लिए गन्नौर सीएचसी में लेकर गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद 18 बच्चों, एक शिक्षिका और 3 मजदूरों को छुट्टी दे दी गई। देर शाम सात अन्य बच्चों को छुट्टी मिल गई। स्कूल संचालक द्वारा लापरवाही बरती गई है। खंड शिक्षा अधिकारी से रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी।
वर्जन
कूल के पास 8वीं कक्षा तक की मान्यता
गन्नौर क्षेत्र में जीवानंद पब्लिक स्कूल की छत गिरने से बच्चों को चोटें आई हैं। इसकी जांच के लिए बीईओ गन्नौर की ड्यूटी लगाई गई है। स्कूल के पास 8वीं कक्षा तक की मान्यता है। हादसे की जांच की जा रही है।
- प्रोमिला भारद्वाज, जिला शिक्षा अधिकारी, सोनीपत
वर्जन
आरोपी स्कूल संचालक गिरफ्तार
अभिभावक के बयान पर स्कूल संचालक और ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले में वीरवार रात को आरोपी स्कूल संचालक दिनेश को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे शुक्रवार को अदालत में पेश किया जाएगा। मामले में गहनता से जांच कर ठोस कार्रवाई की जाएगी।
- इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार, थाना प्रभारी, बड़ी
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जीवानंद पब्लिक स्कूल में वीरवार को तीसरी कक्षा के कमरे की छत ढह गई, जिसके नीचे दबने से विद्यार्थी, शिक्षक व मजदूर घायल हो गए। हादसे के बाद स्कूल में पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने स्कूल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि कमरों की छत से पानी टपक रहा था, जिस कारण मिट्टी डलवाने का काम किया जा रहा था।
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हादसे के बाद सभी बच्चे भयभीत
कमरे की छत के नीचे दबने की घटना के बाद सभी बच्चे भयभीत हैं। अस्पताल में पहुंचने के बाद बच्चे चोट व भय से कांप रहे थे। अस्पताल पहुंचे अभिभावकों को देखते हुए बच्चे रोने लगे। परिजन बच्चों को चुप कराते रहे।
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स्कूल संचालक का दावा, नियमों के तहत चलाया जा रहा स्कूल
मैं वर्ष 2012 से स्कूल चला रहा हूं। स्कूल की मान्यता 8वीं कक्षा तक है। स्कूल में करीब 600 बच्चे हैं। इनमें करीब 300 बच्चे स्कूल आए थे। वीरवार को राजकीय अवकाश होने का मुझे पता नहीं था और न ही स्कूल में अवकाश संबंधी कोई सूचना आई। शहर के सभी निजी स्कूल खुले थे, उन्होंने भी स्कूल खोल लिया। बारिश के चलते स्कूल में छतों पर मिट्टी डालने का काम चल रहा था। सभी बच्चे बाहर बैठे हुए थे। जैसे ही लंच की घंटी बजी तो बच्चे कक्षा में लंच लेने के लिए अंदर गए। तभी अचानक छत गिर गई।
- दिनेश, संचालक, जीवानंद मॉडर्न पब्लिक स्कूल
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छुट्टी के दिन स्कूल खोलने का संचालक नहीं दे सका स्पष्टीकरण
वीरवार को राजकीय अवकाश था, फिर भी संचालक द्वारा स्कूल खोला गया। इस बारे में संचालक से पूछा गया तो वह कोई स्पष्टीकरण नहीं दे सका। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
- कर्मबीर, खंड शिक्षा अधिकारी, गन्नौर
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स्कूल संचालक ने लापरवाही बरती
स्कूल के कमरों की छत गार्डर व सिल्ली से बनी हुई थी, जो काफी कमजोर हो चुकी थी। छत गिरने से बच्चे दबकर घायल हो गए, जिनको उपचार के लिए गन्नौर सीएचसी में लेकर गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद 18 बच्चों, एक शिक्षिका और 3 मजदूरों को छुट्टी दे दी गई। देर शाम सात अन्य बच्चों को छुट्टी मिल गई। स्कूल संचालक द्वारा लापरवाही बरती गई है। खंड शिक्षा अधिकारी से रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी।
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कूल के पास 8वीं कक्षा तक की मान्यता
गन्नौर क्षेत्र में जीवानंद पब्लिक स्कूल की छत गिरने से बच्चों को चोटें आई हैं। इसकी जांच के लिए बीईओ गन्नौर की ड्यूटी लगाई गई है। स्कूल के पास 8वीं कक्षा तक की मान्यता है। हादसे की जांच की जा रही है।
- प्रोमिला भारद्वाज, जिला शिक्षा अधिकारी, सोनीपत
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आरोपी स्कूल संचालक गिरफ्तार
अभिभावक के बयान पर स्कूल संचालक और ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले में वीरवार रात को आरोपी स्कूल संचालक दिनेश को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे शुक्रवार को अदालत में पेश किया जाएगा। मामले में गहनता से जांच कर ठोस कार्रवाई की जाएगी।
- इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार, थाना प्रभारी, बड़ी