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सुरक्षित वाहन नीति : बरती सख्ती तो उड़ी नींद, वैन चालक दो दिन आने में जता रहे असमर्थता

Sun, 14 Apr 2024 11:06 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Sun, 14 Apr 2024 11:06 PM IST
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Safe vehicle policy: If strictness is observed then sleep is lost, van drivers are expressing inability to come for two days
सोनीपत की सड़कों पर नियमों को ताक पर रखकर दौड़ती स्कूल वैन। (फाइल फोटो) संवाद
सोनीपत। महेंद्रगढ़ के कनीना में हुए दर्दनाक हादसे के बाद जिला प्रशासन की तरफ से बरती गई सख्ती का असर नजर आने लगा है। स्कूलों में बच्चों को लाने-ले जाने के लिए लगाई गई वैन संचालकों ने अभिभावकों का कॉल कर दो दिन आने में असमर्थता जताई है। वैन चालकों का कहना है कि वह वाहन की खामियों को दूर करवाएंगे और कागजात पूरे करवाएंगे। उसके बाद ही सड़क पर वाहन उतारेंगे। ऐसे में सोमवार को निजी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों को परिवहन समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
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जिला शिक्षा अधिकारी नवीन गुलिया ने शनिवार को डीपीसी कार्यालय जिले के निजी स्कूल संचालकों के साथ वीडियो कांफ्रेंस कर नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने सुरक्षित वाहन नीति को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए कि अधूरे मानकों के साथ कोई भी स्कूल वाहन सड़कों पर नहीं दौड़ सड़ेंगे। स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करने वाले नौनिहालों को सुरक्षित सफर प्रदान करने के लिए आरटीए, पुलिस व शिक्षा विभाग की टीम मिलकर काम करेगी। प्रशासनिक अधिकारियों व शिक्षा विभाग की सख्ती का ही परिणाम है कि दो दिन के अवकाश में निजी स्कूल संचालकों ने अपने स्कूल वाहनों को दुरुस्त करवाया। अब स्कूलों में लगाई गई वैन व कैब संचालकों की भी नींद उड़ी हुई है। वहीं स्कूल संचालकों को भी बच्चों के स्कूल नहीं पहुंचने की चिंता है। ऐसे में स्कूल संचालक व्यवस्था दुरुस्त होने तक स्कूल नहीं पहुंच पाने वाले विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन क्लास लगाने का विकल्प शुरू करने पर विचार कर रहे हैं।
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स्कूलों में बड़ी संख्या में लगाई गई हैं वैन
जिले के कई बड़े निजी स्कूलों में बच्चों को लाने-ले जाने के लिए बड़ी संख्या में प्राइवेट वैन व कैब लगाई गई हैं। सूत्रों की मानें तो निजी स्कूलों की तरफ से लगाई गई बसों की फीस अधिक है, जिसे अभिभावक वहन नहीं कर पाते। ऐसे में कई अभिभावक बच्चों को स्कूल तक लाने-ले जाने के लिए वैन लगवा देते हैं। ऐसे वाहनों की संख्या भी बहुत ज्यादा है। स्कूलों की छुट्टी के समय सड़कों पर स्कूल बसों से ज्यादा वैन ही नजर आती हैं। यह वैन चालक सुरक्षित वाहन नीति की पालना नहीं करते और ज्यादा पैसे कमाने के चक्कर में बच्चों को ठूंस-ठूंसकर ले जाते हैं।
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सभी बीईओ आज से स्कूलों में जाकर करेंगे जांच

सुरक्षित वाहन नीति को सख्ती से लागू करवाने के लिए डीईओ नवीन गुलिया के निर्देश पर सभी खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) सोमवार से अपने क्षेत्राधिकार में आने वाले स्कूलों में जाकर जांच करेंगे। खामियां मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी स्कूलों को सुरक्षा संबंधी नियमों पर खरा उतरना होगा। इसके लिए किसी को कोई छूट नहीं दी जाएगी। नियमों की अनदेखी करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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