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नियम 134ए : निजी विद्यालय बता रहे अजीब कारण, उच्च शिक्षित हैं माता-पिता, ट्यूशन पढ़ाते हैं, इसलिए निरस्त कर दिया दाखिला

Sun, 09 Jan 2022 01:45 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 09 Jan 2022 01:45 AM IST
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Rule 134A : Private schools are giving strange reasons, parents are highly educated, teach tuition, so admission canceled
नियम 134ए के प्रभारी मनोज वर्मा के पास निरस्त किए गए फार्म जमा करवाते अभिभावक। संवाद - फोटो : Sonipat
नियम 134ए के तहत दाखिले के लिए हामी भरने वाले कुछ निजी स्कूलों ने अब पात्र विद्यार्थियों के आवेदन फॉर्म निरस्त करने शुरू कर दिए हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि फॉर्म निरस्त करने के लिए अजीबोगरीब तथ्य दिए जा रहे हैं। नियम 134ए के प्रभारी मनोज वर्मा के अनुसार आवेदनों की जांच की तो यह बात सामने आई। एक निजी स्कूल ने फॉर्म निरस्त करने के पीछे कारण बताए कि विद्यार्थी के माता-पिता उच्च शिक्षित हैं और ट्यूशन पढ़ाते हैं। इसलिए फॉर्म निरस्त कर दिया।
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वहीं कुछ ने विद्यार्थियों का राशन कार्ड एपीएल होने तो कुछ ने आय प्रमाणपत्र में गलत सूचना देने को कारण बताया। इस पर शिक्षा अधिकारियों ने निजी स्कूलों को निर्देश दिए कि वे किसी भी पात्र विद्यार्थी का आवेदन निरस्त नहीं कर सकते। अगर विद्यार्थी के प्रमाणपत्रों में किसी प्रकार की त्रुटि नजर आती है तो गठित कमेटी को अवगत कराएंगे।
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नियम 134ए के तहत 5 दिसंबर को मूल्यांकन परीक्षा हुई थी, जिसका परिणाम 16 दिसंबर को घोषित कर दिया गया था। साथ ही पहले ड्रॉ के तहत 2544 विद्यार्थियों को स्कूल भी अलॉट कर दिए गए थे। पात्र विद्यार्थियों को 24 दिसंबर तक अलॉट स्कूल में उपस्थिति दर्ज करवाने की बात कही गई थी, लेकिन निजी स्कूलों ने विद्यार्थियों को दाखिला देने से इनकार कर दिया। इसके बाद से अब तक अभिभावक बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला दिलवाने की मांग को लेकर लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। निजी स्कूलों के दाखिले से इनकार करने के कारण ही शिक्षा विभाग तीन बार निजी स्कूलों में उपस्थिति दर्ज करवाने की अंतिम तिथि बढ़ा चुका है। यही नहीं जिन निजी स्कूलों ने विद्यार्थियों का डाटा व बैंक डिटेल रिंबर्समेंट पोर्टल पर अपलोड कर दी थी, उन्हें प्रतिपूर्ति भी जारी कर दी गई है। उसके बावजूद निजी स्कूल अभी तक पात्र विद्यार्थियों को दाखिला देने पर राजी नहीं हुए हैं। हालांकि शिक्षा विभाग ने अंतिम तिथि 15 दिसंबर तक बढ़ा दी है। उसके बावजूद विद्यार्थियों व अभिभावकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
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अब तक 266 का दाखिला हो चुका है निरस्त
शिक्षा विभाग ने पहले ड्रॉ के तहत 2544 विद्यार्थियों को स्कूल अलॉट किए थे। इनमें से 23 दिनों में महज 958 विद्यार्थियों का ही दाखिला सुनिश्चित हो पाया है। 266 विद्यार्थी ऐसे हैं, जिनके फॉर्म निरस्त कर दिए गए हैं। शिक्षा विभाग अब निरस्त किए गए फार्मों की जांच कर रहा है। नियम 134ए के प्रभारी मनोज वर्मा का कहना है कि कोई भी निजी स्कूल किसी भी विद्यार्थी का फॉर्म निरस्त नहीं कर सकता। अगर निजी स्कूलों को आय संबंधी प्रमाणपत्र में किसी प्रकार की गलती लगती है तो वह गठित कमेटी से अवगत कराएगा।
निजी स्कूलों संग बैठक स्थगित
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर शनिवार को सोनीपत ब्लॉक के 16 निजी स्कूलों की बैठक बुलाई गई थी। देर रात से जारी बारिश के कारण बैठक स्थगित कर दी गई। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी बिजेंद्र नरवाल का कहना है कि सोनीपत ब्लॉक के 16 विद्यालयों की बैठक अब सोमवार सुबह 11 बजे बुलाई गई है। बैठक में पात्र विद्यार्थियों को दाखिला न देने के कारणों व अन्य मुद्दों पर गहनता से बातचीत की जाएगी।

वर्जन
नियम 134ए के तहत पात्र विद्यार्थियों का निजी विद्यालयों में दाखिला करवाया जाएगा। इस बारे में सभी निजी स्कूलों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। कोई भी निजी स्कूल नियमों की अवहेलना करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अभिभावकों को इससे घबराने की जरूरत नहीं है। किसी भी विद्यार्थी के साथ गलत नहीं होने दिया जाएगा। अभिभावकों को भी संयम से काम लेना होगा।
- प्रोमिला भारद्वाज, जिला शिक्षा अधिकारी
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