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नियम 134ए : निजी स्कूलों की मनमानी के विरोध में अभिभावकों ने निकाला पैदल मार्च

Thu, 23 Dec 2021 12:45 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 23 Dec 2021 12:45 AM IST
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Rule 134A: Parents march on foot in protest against the arbitrariness of private schools
सोनीपत। नियम 134ए के तहत स्कूल अलॉट होने के बावजूद निजी स्कूलों ने विद्यार्थियों को दाखिला देने से मना कर दिया है। जिससे अभिभावकों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। बुधवार सुबह अभिभावक एकत्रित होकर मॉडल टाउन स्थित बीईओ कार्यालय पहुंचे और निजी स्कूलों के खिलाफ रोष जताया। यहां से सभी अभिभावक छात्र-अभिभावक संघ के नेतृत्व में पैदल मार्च निकालते हुए लघु सचिवालय पहुंचे और निजी स्कूलों के खिलाफ नारेबाजी की। अभिभावकों ने डीसी के न मिलने पर मांगों संबंधी ज्ञापन नायब तहसीलदार प्रदीप कुमार को सौंपा।
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शिक्षा विभाग द्वारा शैक्षणिक सत्र के बीच में शुरू की गई नियम 134ए की दाखिला प्रक्रिया ने अभिभावकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अपने बच्चों को निजी स्कूलों में नि:शुल्क शिक्षा दिलवाने के लिए अभिभावकों ने पिछले स्कूल से नाम कटवाकर स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र तो ले लिया, लेकिन नियम 134ए के तहत अलॉट हुए स्कूल प्रबंधन ने विद्यार्थियों को दाखिला देने से मना कर दिया है। जिससे अभिभावकों में रोष बना हुआ है। इसी रोष स्वरूप अभिभावकों ने बुधवार को मॉडल टाउन स्थित बीईओ कार्यालय पहुंचे जमकर प्रदर्शन किया।
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निजी स्कूलों ने प्रतिपूर्ति न होने तक दाखिला देने से किया मना
लघु सचिवालय पहुंचे अभिभावकों ने नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि निजी स्कूलों ने अब बच्चों को दाखिला देने से साफ मना कर दिया है। निजी स्कूलों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी लंबित प्रतिपूर्ति का भुगतान नहीं करती, तब तक वे नियम 134ए के तहत दाखिले नहीं देंगे। अभिभावकों ने कहा कि बच्चों के मूल्यांकन परीक्षा पास करने के बाद उन्होंने पुराने स्कूल से एसएलसी भी निकलवा लिए हैं। नए स्कूलों में दाखिला न मिलने के कारण उनके भविष्य पर खतरा मंडराने लगा है। अभिभावकों ने कहा कि यह मामला निजी स्कूलों व सरकार के बीच का है, इसमें विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।
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बस की सुविधा न देने का आरोप, सीएम विंडो पर दी शिकायत
ककरोई निवासी एक व्यक्ति ने कहा कि उसके बेटे का दाखिला नियम 134ए के तहत गांव खांडा स्थित निजी स्कूल में हुआ है। स्कूल संचालक ने बच्चे को बस की सुविधा उपलब्ध कराने से मना कर दिया है। व्यक्ति का कहना है कि हम बस का किराया देने को तैयार हैं, फिर भी स्कूल संचालक जानबूझकर परेशान करने के लिए बस सुविधा देने से मना कर रहे हैं। जबकि उसके गांव में संबंधित स्कूल की तीन बसें आती है। व्यक्ति ने इस संबंध में सीएम विंडो में भी शिकायत दी है।
दाखिला नहीं दिया तो करेंगे संघर्ष
निजी स्कूल संचालकों ने अगर विद्यार्थियों को नियम 134ए के तहत दाखिला नहीं देते हैं तो मजबूरी में छात्र अभिभावक संघ को संघर्ष करना पड़ेगा। गत वर्षों में भी ऐसी परिस्थितियों में छात्र-अभिभावक संघ ने निजी स्कूलों के खिलाफ आंदोलन किया था। ऐसे में एक बार फिर से निजी स्कूलों की बसों को पंक्चर करने या फिर स्कूलों के बाहर बाहर धरना देना पड़ा तो छात्र-अभिभावक संघ पीछे नहीं हटेगा। जब तक निजी स्कूल नियम 134ए के तहत विद्यार्थियों को दाखिला नहीं देते, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।

- विमल किशोर, संयोजक, छात्र-अभिभावक संघ, सोनीपत
वर्जन
नियम 134ए के तहत दाखिला देने में निजी स्कूल आनाकानी कर रहे हैं। पोर्टल पर अब तक ज्यादातर विद्यार्थियों को दाखिला नहीं मिला है। इन परिस्थितियों से मुख्यालय को अवगत कराया गया है। विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। दाखिला सुनिश्चित करने के लिए कारगर कदम उठाए जाएंगे। जो स्कूल दाखिला देने से मना कर रहे हैं, उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- मनोज वर्मा, प्रभारी, नियम 134ए, सोनीपत
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