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पांच माह में बचाया 81 टन कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Tue, 15 Dec 2015 12:11 AM IST
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ऊर्जा दिवस पर सोमवार को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजपाल दहिया ने 50 किलोवाट क्षमता वाले फोटो वोल्टिक सिस्टम द्वारा सूर्य की रोशनी को सीधे बिजली में परिवर्तित करने के प्लांट का लोकार्पण किया। इसके बाद कुलपति ने प्लांट का बारिकी से निरीक्षण किया तथा इस संदर्भ में आवश्यक दिशानिर्देश भी दिए। इस अवसर पर कुलपति प्रो. दहिया ने कहा कि सौर ऊर्जा से बिजली पैदा कर एक तरफ तो हम अपने पर्यावरण का संरक्षण कर सकेगें, वहीं दूसरी तरफ बिजली की जरूरत भी पूरी कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल ने सौर प्रणाली के माध्यम से बिजली पैदा कर 5 माह में 81 टन कार्बनडाक्साइड का उत्सर्जन होने से बचा लिया। विश्वविद्यालय के सरस्वती पुस्तकालय का बिजली का बिल भी लगभग आधा हो गया है। जुलाई माह से अब तक प्लांट ने 36 हजार यूनिट बिजली पैदा की है। इसीलिए अब दूसरे प्लांट को भी लगाया गया है। इस अवसर पर उनके साथ विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार आरके अरोड़ा, एनर्जी एंड इन्वायरमेंट विभागाध्यक्ष डॉ. एके बेरवाल, प्रो. चित्ररेखा काबरे, डॉ. निशा दहिया, डॉ. सुदेश चौधरी, डॉ. अनिल खुराना, कार्यकारी अभियंता बलबीर श्योकंद, डा. मेहर सिंह आदि मौजूद रहे।
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फोटो 21. सौर ऊर्जा प्लांट का उद्घाटन करते हुए कुलपति राजपाल दहिया।
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फोटो 21. सौर ऊर्जा प्लांट का उद्घाटन करते हुए कुलपति राजपाल दहिया।