फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   Rats mutilated Body of a Farmer at sonipat of haryana 

कुंडली धरनास्थल पर किसान की मौत, पोस्टमार्टम हाउस में शव को चूहों ने कुतरा, परिजनों ने किया हंगामा

Thu, 18 Feb 2021 12:32 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 18 Feb 2021 12:32 PM IST
सार

  • नागरिक अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस के फ्रीजर में रखे शव को आंख व पैर के पास से कुतर गए चूहे 
  • बैंयापुर के 70 वर्षीय राजेंद्र की कुंडली धरनास्थल पर तबीयत बिगड़ने के बाद हो गई थी मौत 
  • परिजनों ने देर रात सामान्य अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस में रखवाया था शव, ग्रामीणों के सुबह पहुंचने पर शव कुतरा मिला 
  • ग्रामीणों के हंगामे के बाद सीएमओ व पीएमओ ने पहुंचकर दिया जांच का आश्वासन, तीन चिकित्सकों की टीम बनाई 

विज्ञापन
Rats mutilated Body of a Farmer at sonipat of haryana 
किसान राजेंद्र सरोहा - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

हरियाणा के सोनीपत में कुंडली धरना स्थल पर एक बुजुर्ग किसान की संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई। परिजनों ने बुधवार की देर रात उनका शव सामान्य अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस में फ्रीजर के अंदर रखवा दिया, जहां पर शव को चूहों ने कुतर दिया। सुबह ग्रामीण व परिजन अस्पताल में पहुंचे तो शव की बेकद्री का पता चला। जिस पर ग्रामीणों व परिजनों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया। 

विज्ञापन


उन्होंने लापरवाही बरतने वाले कर्मी पर कार्रवाई की मांग की। जिस पर सीएमओ व पीएमओ मौके पर पहुंचे और जांच का आश्वासन देते हुए तीन चिकित्सकों की कमेटी बनाई गई। जिसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारणों का पता लग सकेगा। 
विज्ञापन


गांव बैंयापुर निवासी राजेंद्र सरोहा (70) चार दिन से कुंडली धरना स्थल पर मौजूद थे। वह पहले भी धरनास्थल पर आते-जाते रहते थे लेकिन चार दिन से गांव रसोई के पास डटे थे। बुधवार देर रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। जिस पर उन्हें सामान्य अस्पताल ले जाया गया, जहां पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

परिजन उनके शव को पोस्टमार्टम करवाने के लिए पोस्टमार्टम हाउस (शव विच्छेदन गृह) में फ्रीजर के अंदर रखकर चले गए। गुरुवार सुबह जब परिजन अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए पहुंचे तो उन्हें पता लगा कि राजेंद्र के शव को आंख व पैर के पास से चूहों ने कुतर दिया है। जिससे खून बह रहा है। 

उन्होंने शव की बेकद्री को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने मामले में लापरवाही बरतने वाले कर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। जिस पर सीएमओ डॉ. जसवंत पूनिया व पीएमओ डॉ. जयभगवान मौके पर पहुंचे और जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही बुजुर्ग की मौत के कारणों का पता लग सकेगा। कुंडली धरनास्थल पर अब तक 19 किसानों की मौत हो चुकी है। 

देर रात परिजन व इकलौता बेटा पोस्टमार्टम हाउस में रखवाकर गए थे शव 
किसान राजेंद्र के इकलौते बेटे प्रदीप ने बताया कि वह बुधवार देर रात को शव को पोस्टमार्टम हाउस में फ्रीजर के अंदर रखकर गए थे। सुबह जब पहुंचे तो शव से खून निकल रहा था। उन्होंने देखा कि उनकी आंख व पैर पर चूहे के कुतरने से बड़े घाव बने थे। खून भी बह रहा था। उसके बाद ग्रामीण व सरोहा खाप के प्रतिनिधि अस्पताल में बिफर गए और हंगामा किया। 

तीन सदस्यीय कमेटी बनाकर जांच सौंपी 

पोस्टमार्टम हाउस में शव को चूहों द्वारा कुतरने व ग्रामीणों के हंगामे के बाद सीएमओ व पीएमओ मौके पर पहुंचे थे। मामले में पीएमओ डॉ. जयभगवान ने बताया कि मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। जिसमें डॉ. सुशील जैन, डॉ. संदीप लठवाल व डॉ. गिन्नी लांबा को शामिल किया गया। जिनकी रिपोर्ट पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं डॉ. संदीप लठवाल ने कहा पोस्टमार्टम हाउस में ड्यूटी देने वाले सभी कर्मियों के बयान दर्ज किए जाएंगे। जिसके आधार पर पता लग सकेगा कि किसकी लापरवाही थी। 

फूलों से सजी गाड़ी पर तिरंगे लगाकर गांव में लेकर गए किसान का शव 
सोनीपत सामान्य अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाने के बाद किसान राजेंद्र सरोहा का शव ग्रामीण फूलों से सजी गाड़ी में रखकर गांव में लेकर पहुंचे। गाड़ी को फूलों से सजाने के साथ ही उस पर तिरंगे लगाए गए थे। इस दौरान उनके शव पर फूल मालाएं चढ़ाई गई। ग्रामीण व सरोहा खाप के सदस्य राजेंद्र सिंह अमर रहे व शहीद राजेंद्र सिंह के नारे लगाते हुए चल रहे थे। किसानों ने उन्हें शहीद बताते हुए कृषि कानूनों को रद्द किए जाने तक आंदोलन को जारी रखने की बात कही।

अपने समय में अखाड़े के उत्कृष्ट पहलवान थे राजेंद्र सरोहा 
राजेंद्र सरोहा के बेटे प्रदीप ने बताया कि उनके पिता अपने समय के उत्कृष्ट पहलवान थे। वह अखाड़ों में जाकर दंगल लड़ा करते थे। उन्होंने कई दंगलों में जीत दर्जकर गांव व जिले का नाम रोशन किया। किसानों की मांग पूरी कराने के लिए उनके पिता ने अपना जीवन न्योछावर कर दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed