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बारिश हुई तो फिर डूब जाएंगे आशियाने

Tue, 05 Jul 2016 12:48 AM IST
Sonipat
Sonipat Updated Tue, 05 Jul 2016 12:48 AM IST
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RAIN IN SONIPAT, expenditure 40 lakhs, facilities nil, sonipat
झमाझम बारिश के बाद लगे जल जमाव से होकर गुजरते लोग। - फोटो : file photo
 प्रदेश की कैबिनेट मंत्री कविता जैन का शहर। जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रही भाजपा सरकार ने चाहे शहर में बारिश के पानी की निकासी पर लाखों खर्च कर दिए हैं, लेकिन एक साथ 55 एमएम बारिश हुई तो लोगों के सपनों के आशियाने हर साल की तरह इस बार भी डूब जाएंगे। यह हम नहीं, बल्कि वे लोग कह रहे हैं, जो हर साल बारिश का दंश झेलते हैं। आशियानों को बचाने के लिए लोग खुद ही इंतजाम करने में जुटे हैं। अमर उजाला की टीम सोमवार को शहर की उन जगह पहुंची, जहां हर साल बारिश का पानी दर्द देकर जाता है।
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पॉश इलाका सेक्टर 14-15 : तालाब बनी जाती हैं सड़कें
सेक्टर-14 निवासी हिंमाशु ने बताया कि मानसून की पहली बारिश से ही रोड पर पानी भरा हुआ है। पिछले साल तो बारिश के मौसम में आना जाना तक के लाले पड़ गए थे। इस बार भी ऐसे ही हालात होने की आशंका है। वहीं, यूपी निवासी सलीम का कहना है कि वह सेक्टर-15 में किराए पर रहता है। बारिश में सीवर जाम होने के कारण पानी घरों के अंदर चला जाता है। बार-बार शिकायत करने के बाद भी कोई अधिकारी नहीं आता।
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ओल्ड डीसी रोड का जीवन नगर
शहर के पुराने इलाकों में से एक जीवन नगर, जहां हर साल बारिश का पानी घरों के अंदर घुस जाता है। महिला किरण ने बताया कि पिछली बार दो फीट तक पानी घर के अंदर भर गया। फ्रिज, कूलर, फर्नीचर तक डूब गया। रातों-रात परिवार के सभी सदस्यों ने मिलकर पानी निकाला। इस बार सोच रहे थे घर को ऊंचा उठाएं, लेकिन पैसे की कमी से ऐसा नहीं कर सके। अबकी बार भी बारिश का पानी भरेगा, ऐसा डर लग रहा है।
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आदर्श नगर, खन्ना कालोनी व दिल्ली कैंप
खन्ना कालोनी निवासी रमेश कुमार का कहना है कि बिना बारिश ही उनके इलाके के सीवरेज ब्लॉक हैं। कोई सुनवाई नहीं हो रही है। बारिश में तो गलियों में कई-कई फीट पानी भर जाता है। इस बार सीमेंट के खाली कट्टों में मिट्टी भरी है, ताकि बारिश के पानी को घर में घुसने से रोका जा सके। वहीं, आदर्श नगर व दिल्ली कैंप में भी लोगों को फिर से पानी भरने की आशंका है।

सबसे व्यस्त गीता भवन चौक
गीता भवन चौक का इलाका शहर का सबसे व्यस्त इलाका है। जहां हर बार कई-कई फीट तक पानी भर जाता है। दुकानदार राकेश क्वात्रा का कहना है कि प्रशासन की ओर से सीवरेज लाइन में कुछ बदलाव तो किया गया है, लेकिन लगता नहीं समस्या का समाधान हो पाएगा।

गांधी चौंक
चौंक निवासी आनंद सिंह का कहना है कि अच्छी बारिश होते ही चौक से सेक्टर-14 की ओर जाने वाली सड़क पर पानी जमा हो जाता है, जो दो से तीन घंटे बाद ही निकल पाता है। दुकानों में तो पानी नहीं भरता, लेकिन रागहीरों का काफी परेशानी होती है। जल्द पानी निकासी के लिए प्रशासन ने कोई कदम उठाया है, पता नहीं।

शनि मंदिर रोड, अंडरब्रिज बन जाता है नहर
रेलवे की ओर से शनि मंदिर के पास अंडरब्रिज बनाया हुआ है, जहां पानी का 10 से 15 फीट तक पानी जमा हो जाता है। मंदिर के नजदीकी दुकानदार शौकिन ने बताया कि दुकान पर आना जाना भी मुश्किल है। अगर, ओवरब्रिज के अंदर कोई गिर जाए तो डूबकर जान जा सकती है। वहीं, सुरेंद्र का कहना है कि दो-तीन दिन बाद ही पानी निकाल पाता है, जिससे बीमारियां फैलने का खतरा बना रहता है।


ककरोई रोड
दुकानदार प्रीतम सिंह ने बताया कि बारिश के पानी को रोकने के लिए दुकान के बाहर एक दीवार बनाई है, ताकि पानी अंदर न आ सके। पिछली बार दुकान में पानी भरने से दुकान के अंदर रखे दो फ्रिज जल गए थे।

जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन एसके दहिया से सीधी बातचीत
सवाल : पॉश इलाके सेक्टर 14 व 15 में पिछले साल सड़कों पर कई-कई फीट पानी भर गया था। इस बार ऐसा क्या किया, पानी की जल्दी निकासी हो सके?
जवाब : विभाग ने गहराई से नालों व सीवरेज लाइन की सफाई करवाई है। इस बार दिक्कत नहीं आएगी।
सवाल-ककराई रोड व मलहाना चौक के दुकानदार पानी भरने के डर से सहमे हुए हैं।
जवाब-दोनों जगह सीवरों की सफाई का काम चल रहा है, जिसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा।  
सवाल-व्यस्त इलाके गीता भवन चौक के दुकानदार भी परेशान हैं। कहीं पिछली बार की तरह परेशानी न हो?
जवाब-नई सीवर पाइप लाइन डाल दी गई है इस बार पानी नहीं भरने दिया जाएगा
सवाल-सबसे खतरनाक माने जाने वाले शनि मंदिर अंडरब्रिज में पानी न भरे, इसके लिए क्या कदम उठाए हैं?
जवाब-पानी को निकालने के लिए दो मोटर लगाई गई हैं। दो लोगों की तैनात किया गया है। पानी को जल्द से जल्द निकालने के इंतजाम किए गए हैं।

पिछले साल यूं बरसे थे शहर में बदरा
3 जुलाई :     3 एमएम
7 जुलाई :     21
9 जुलाई :     1
11 जुलाई :      53
12 जुलाई  :   55
13 जुलाई  :   111
19 जुलाई  :   102
20 जुलाई  :   27
21 जुलाई  :    7

इस साल अब तक
1 जुलाई    11 एमएम
2 जुलाई     5 एमएम
4 जुलाई
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