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Rain In Haryana: पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश के कई जिलों में बारिश, जानिए आगे कैसा रहेगा मौसम
Mon, 27 Nov 2023 11:33 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, अमर उजाला ब्यूरो, सोनीपत/हिसार (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, अमर उजाला ब्यूरो, सोनीपत/हिसार (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Mon, 27 Nov 2023 11:33 PM IST
सार
पश्चिमी विक्षोभ के असर से बूंदाबांदी और तेज बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। दिनभर बादल छाने के बाद देर शाम बूंदाबांदी व बारिश की गतिविधियां दर्ज की गई हैं। हवा चलने से प्रदूषण घटा है। सांस के मरीजों को सबसे अधिक फायदा मिलेगा।
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सोनीपत के गोहाना में हुई बूंदाबांदी के बीच गुजरते वाहन।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
पश्चिमी विक्षोभ की वजह से सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में बादल छाने के बाद देर शाम बूंदाबांदी तो कहीं तेज बारिश दर्ज की गई। बारिश के साथ हवा चलने से स्मॉग की चादर कम हुई है। जिससे जिलों में वायु गुणवत्ता का स्तर में भी सुधार दर्ज किया गया। एक दिन पहले तक यह बहुत खराब स्थिति में बना हुआ था। एक्यूआई कम होने से सांस के मरीजों को भी राहत मिली है। बारिश से तापमान में कमी आई है।
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हरियाणा के झज्जर, सोनीपत, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, जींद, फतेहाबाद में बारिश दर्ज की गई है। आगे करनाल, पानीपत, कैथल, अंबाला सहित पास लगते जिलों में बारिश की संभावना बन रही है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शामिल सोनीपत में तीन दिन की राहत के बाद रविवार को प्रदूषण का स्तर बढ़ गया था।
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हालांकि सोमवार को सुबह से ही बादल छाने और उसके साथ हवा चलने से लोगों को राहत मिली। रविवार को जिले में वायु गुणवत्ता का स्तर 343 दर्ज किया गया था। जिसे बेहद खराब स्थिति माना जाता है। हालांकि सोमवार को उसमें सुधार हुआ है। प्रदूषण का स्तर गिरने से लोगों को आंखों में जलन व सांस लेने में हो रही परेशानी से राहत मिली। प्रदूषण का स्तर 206 दर्ज किया गया। वातावरण में पीएम 10 का स्तर 235 दर्ज किया गया।
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चिकित्सक ने कहा राहत की बूंदाबांदी
सोनीपत नागरिक अस्पताल के चिकित्सक डॉ. शैलेंद्र राणा ने बताया कि एक्यूआई का स्तर बेहद खराब स्थिति में था। जिससे सांस के मरीजों की समस्या बढ़ गई थी। एक्यूआई में कमी आना उनके लिए राहत भरा है। इससे उनकी दिक्कत कम होगी। अब जल्द ही वायु गुणवत्ता सूचकांक और कम होगा।
पश्चिमी विक्षोभ के चलते हुई बूंदाबांदी
पश्चिमी विक्षोभ के चलते सोमवार को सोनीपत सहित अन्य जिलों में दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और देर शाम कई स्थानों पर बूंदाबांदी हुई। दिन में करीब 8 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से हवा चली। गुजरात और राजस्थान के कुछ हिस्सों में चक्रवातीय परिस्थितियों के चलते भारी बारिश हुई है। जिसके चलते एक हल्का पश्चिमी विक्षोभ दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में भी सक्रिय हुआ है। जिसका प्रभाव सोमवार को दिखाई दिया। सोनीपत जिले में अधिकतम तापमान 22.6 डिग्री व न्यूनतम तापमान 13.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। रविवार को अधिकतम तापमान 26.2 व न्यूनतम 11.3 डिग्री रहा।
हिसार में ऐसा रहा मौसम
पश्चिमी विक्षोभ के असर से शहर में सोमवार दोपहर बाद बूंदाबांदी हुई, जिसमें मौसम ठंडा हो गया। हालांकि सुबह से बादल छाए हुए थे। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि फिलहाल एक मध्यम श्रेणी का पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर सक्रिय है। मगर इसके दक्षिणी होने की वजह से पूर्वी गुजरात और दक्षिणी राजस्थान पर एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है।
आगे ऐसा रहेगा मौसम
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से दक्षिणी व मध्य राजस्थान, गुजरात, पश्चिमी मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के क्षेत्रों 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं, जबरदस्त बारिश व ओलावृष्टि और उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर बर्फबारी दर्ज हो रही है। मगर हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली पर इसका आंशिक असर ही हो रहा है। इससे प्रभाव से सोमवार को प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बादलवाही व कहीं-कहीं बूंदाबांदी हुई है। यह सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहेगा। 29 नवंबर को एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर सक्रिय होगा। इसके असर से हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली 29 व 30 नवंबर और 1 दिसंबर के दौरान तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश और एक दो स्थानों पर ओलावृष्टि की गतिविधियों को दर्ज किया जाएगा।