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सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को मौलिक अधिकारों में किया जाए शामिल

Mon, 22 Aug 2022 12:33 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 22 Aug 2022 12:33 AM IST
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Public health services should be included in the fundamental rights
सेमिनार में संबोधित करते वक्ता सीलकराम मलिक। संवाद - फोटो : Sonipat
स्वास्थ्य को मौलिक अधिकार बनाने, आम जन की भागीदारी व जागरूकता को लेकर जन स्वास्थ्य अभियान के तहत विभिन्न सामाजिक संगठनों ने मिलकर छोटूराम धर्मशाला में सेमिनार का आयोजन किया। जिसकी अध्यक्षता श्रद्धानंद सोलंकी ने की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को मौजूदा जरूरत के हिसाब से मौलिक अधिकारों में शामिल किया जाए।
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सेमीनार में वक्ता कृष्ण वत्स, सीलकराम मलिक, सुनीता देवी, जयभगवान दहिया ने सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे पर बातचीत की। उन्होंने कहा कि हमारा स्वास्थ्य ढांचा वर्तमान जनसंख्या के अनुमान से काफी कम है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर नागरिक अस्पतालों में दवा, मशीनों व लैब टेस्टों की कमी है। इस दौरान सीटू के जिला प्रधान आनंद शर्मा, सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान रामेहर शर्मा, मैकेनिकल वर्कर यूनियन के जिला प्रधान ओमप्रकाश मलिक, आंगनबाड़ी वर्कर यूनियन की जिला प्रधान सोना देवी, आशा वर्कर यूनियन की जिला प्रधान अनीता, सचिव पूनम, सर्व कर्मचारी संघ राज्य कमेटी के नेता विजय मलिक व रोडवेज यूनियन के डिपो प्रधान रणबीर मलिक मौजूद रहे।
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