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खरीद शुरू नहीं होने पर मार्केट कमेटी के कार्यालय पर जड़ा ताला
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Sat, 31 Oct 2015 12:14 AM IST
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जिले की दूसरी सबसे बड़ी अनाज मंडी गोहाना में अजीब स्थिति पैदा हो गई है। पिछले नौ दिन से धान की बोली न होने से परेशान किसानों ने शुक्रवार को मार्केट कमेटी के कार्यालय पर ही ताला जड़ दिया। क्योंकि जो चावल मिल मालिक धान की खरीद कर रहा था, उसका 44 हजार क्विंटल धान खरीदने का टारगेट पूरा हो चुका है। वहीं अधिकारी दूसरे मिल मालिक को धान खरीदने के लिए अब तक तैयार नहीं कर सके हैं।
जींद रोड स्थित नई अनाज मंडी में नौ दिन से धान की खरीद नहीं हो रही है। खरीद शुरू न होने से नाराज किसानों ने शुक्रवार को मार्केट कमेटी के गेट को बंद करके धरना-पद्रर्शन शुरू कर दिया। आरोप है कि बार-बार अधिकारियों से बातचीत करने के बाद भी केवल आश्वासन के अलावा खरीद शुरू नहीं हुई है। किसानों ने 5 नवंबर को कुंडली में होने वाली प्रधानमंत्री की रैली में न जाने की भी चेतावनी दी है। किसान रोहताश बेनीवाल, भगत सिंह, शमशेर, भीमा, मंजीत, गुलाब, रामकुमार, गुलाब, सत्यवान नरवाल, जिले सिंह और प्रेम आदि ने कहा कि सरकार अपनी खरीद बंद करके और व्यापारियों से सांठ-गांठ करके किसानों को लूट रही है। शुक्रवार को भी अधिकारियों से बातचीत करनी चाहिए, लेकिन उनकी तरफ से खरीद के कोई संदेश नहीं दिए गए। जिससे नाराज किसानों ने मार्केट कमेटी के गेट को बंद करके धरना दे दिया। किसानों ने चेतावनी दी है कि यह धरना तब तक जारी रहेगा जब तक खरीद शुरू नहीं हो जाती।
आठ दिन से कर रहे हैं खरीद का इंतजार
कथूरा गांव निवासी किसान रामकुमार बताया कि वह आठ दिन पहले मंडी में धान लेकर गोहाना पहुंचा था, लेकिन अब तक धान की खरीद शुरू नहीं हुई है। धान सूखने से उसका वजन घटेगा और उसकी कम कीमत मिलेगी। अगर यही हालात रहे तो खाली हाथ वापस घर जाना पड़ेगा।
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तीन गुणा हो चुकी है मंडी में आवक
अनाज मंडी में पिछले साल अब तक एक लाख 81380 क्विंटल धान की आवक हुई थी। यही धान अब की बार गुरूवार तक तीन लाख 56176 क्विंटल हो चुकी है। मंडी में चारों तरफ धान ही धान हैं, लेकिन सरकार इसे खरीद नहीं रही है। क्योंकि उनके पास खरीदारी के लिए कोई मिल से टेंडर नहीं हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी
मार्केट कमेटी के सचिव परमजीत नांदल ने कहा कि धान की खरीद पूरी होने पर मिल ने स्टाक पूरा होने पर खरीद बंद कर दी है। जिसके चलते धान की खरीद नहीं हो पा रही। दूसरे मिल संचालक से लाइसेंस के लिए कागजात लिए थे, लेकिन वह कागजात पूरे नहीं हैं। मिल संचालक एक या दो दिन में कागजात पूरे करने की बात कह रहा है। जैसे ही उसके कागजात पूरे हो जाते हैं वैसे धान की खरीद शुरू कर दी जाएगी।
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जींद रोड स्थित नई अनाज मंडी में नौ दिन से धान की खरीद नहीं हो रही है। खरीद शुरू न होने से नाराज किसानों ने शुक्रवार को मार्केट कमेटी के गेट को बंद करके धरना-पद्रर्शन शुरू कर दिया। आरोप है कि बार-बार अधिकारियों से बातचीत करने के बाद भी केवल आश्वासन के अलावा खरीद शुरू नहीं हुई है। किसानों ने 5 नवंबर को कुंडली में होने वाली प्रधानमंत्री की रैली में न जाने की भी चेतावनी दी है। किसान रोहताश बेनीवाल, भगत सिंह, शमशेर, भीमा, मंजीत, गुलाब, रामकुमार, गुलाब, सत्यवान नरवाल, जिले सिंह और प्रेम आदि ने कहा कि सरकार अपनी खरीद बंद करके और व्यापारियों से सांठ-गांठ करके किसानों को लूट रही है। शुक्रवार को भी अधिकारियों से बातचीत करनी चाहिए, लेकिन उनकी तरफ से खरीद के कोई संदेश नहीं दिए गए। जिससे नाराज किसानों ने मार्केट कमेटी के गेट को बंद करके धरना दे दिया। किसानों ने चेतावनी दी है कि यह धरना तब तक जारी रहेगा जब तक खरीद शुरू नहीं हो जाती।
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आठ दिन से कर रहे हैं खरीद का इंतजार
कथूरा गांव निवासी किसान रामकुमार बताया कि वह आठ दिन पहले मंडी में धान लेकर गोहाना पहुंचा था, लेकिन अब तक धान की खरीद शुरू नहीं हुई है। धान सूखने से उसका वजन घटेगा और उसकी कम कीमत मिलेगी। अगर यही हालात रहे तो खाली हाथ वापस घर जाना पड़ेगा।
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तीन गुणा हो चुकी है मंडी में आवक
अनाज मंडी में पिछले साल अब तक एक लाख 81380 क्विंटल धान की आवक हुई थी। यही धान अब की बार गुरूवार तक तीन लाख 56176 क्विंटल हो चुकी है। मंडी में चारों तरफ धान ही धान हैं, लेकिन सरकार इसे खरीद नहीं रही है। क्योंकि उनके पास खरीदारी के लिए कोई मिल से टेंडर नहीं हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी
मार्केट कमेटी के सचिव परमजीत नांदल ने कहा कि धान की खरीद पूरी होने पर मिल ने स्टाक पूरा होने पर खरीद बंद कर दी है। जिसके चलते धान की खरीद नहीं हो पा रही। दूसरे मिल संचालक से लाइसेंस के लिए कागजात लिए थे, लेकिन वह कागजात पूरे नहीं हैं। मिल संचालक एक या दो दिन में कागजात पूरे करने की बात कह रहा है। जैसे ही उसके कागजात पूरे हो जाते हैं वैसे धान की खरीद शुरू कर दी जाएगी।