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एफसीआई के कार्यालयों का किसानों ने घेराव किया, केंद्रीय मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा
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कालूपुर चुंगी के पास एफसीआई के जीएम को मांगपत्र सौंपते किसान नेता
- फोटो : Sonipat
सोनीपत। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने सोमवार को सोनीपत और गोहाना में एफसीआई के कार्यालयों का घेराव किया। सोनीपत में कालूपुर चुंगी के पास एफसीआई के गेट पर धरने पर बैठे किसान संगठनों के सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री के नाम एफसीआई के जीएम को मांगपत्र सौंपा।
किसानों ने पूरी फसल की एमएसपी पर खरीद करने, फसल भुगतान की वर्तमान व्यवस्था को वापस लिए जाने, एफसीआई का बजट बढ़ाए जाने, एफसीआई के कच्चे कर्मचारियों को पक्का किए जाने के अलावा भी काफी मांग रखी। किसानों के एफसीआई कार्यालय के घेराव के दौरान वहां भारी पुलिस बल तैनात रहा।
ऑल इंडिया किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष श्रद्धानंद सोलंकी ने कहा कि भारतीय खाद्य निगम का निजीकरण किसान व कर्मचारी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। किसानों ने बताया कि केंद्र सरकार ने जो योजना तैयार की है, उससे भारतीय खाद्य निगम नहीं बचेगा। क्योंकि प्राइवेट मंडी लग जाने से केवल प्राइवेट एजेंसी ही खरीद करेंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय खाद्य निगम के द्वारा ही गरीब लोगों को अनाज उपलब्ध हो पाता है। अगर ऐसे में ही खाद्य निगम निजी हाथों में चला जाएगा तो आम आदमी का बुरा हाल होगा, सरकारी विभागों के निजीकरण को बंद करना सही नहीं होगा। किसान नेताओं ने कहा कि कृषि कानून वापस न लिए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान आल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के प्रधान बिजेंद्र सिंह, किसान मजदूर संघर्ष समिति के नेता ईश्वर सिंह दहिया,भारतीय किसान यूनियन के कृष्ण शर्मा राजेश दहिया, भारतीय किसान पंचायत के नेता छतर सिंह एटक के नेता ओम कुमार जांबाज आदि मौजूद रहे।
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एहतियात के तौर पुलिस की निगरानी में रहा कार्यालय
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर एफसीआई कार्यालय के घेराव के एलान के बाद से ही पुलिस सतर्क हो गई थी। वहीं, एफसीआई की ओर से भी सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन से सहयोग की अपील की गई थी। ऐसे में धरने के दौरान एफसीआई कार्यालय पर पुलिस कर्मचारी तैनात रहे। वहीं, मुख्य द्वार को भी बंद रखा गया। हालांकि धरना शांतिपूर्ण रहा।
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गोहाना में किसानों ने एफसीआई गोदाम के बाहर दिया धरना
गोहाना। शहर में बरोदा रोड स्थित एफसीआई गोदाम के गेट पर सोमवार को किसानों ने भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले धरना-प्रदर्शन किया। किसानों ने केंद्र सरकार पर एफसीआई गोदामों को बंद करने का आरोप लगाया।
भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल ने कहा कि सरकार एफसीआई को खत्म करना चाहती है। अगर एफसीआई खत्म होती है तो किसान का खाद्यान कोई नहीं खरीदेगा। इसके अलावा गरीबों को सस्ते दामों पर अनाज नहीं मिलेगा। इससे किसानों में रोष है। इसी के विरोध में किसानों ने धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया। किसान किसी भी हालत में एफसीआई को खत्म नहीं होने देंगे। इस दौरान अशोक मुंडलाना, डॉ. शमशेर मलिक, समतामूलक महिला संगठन से डॉ. सुनीता त्यागी, जनसंघर्ष मंच हरियाणा से डॉ. सीडी शर्मा, सत्यवान मलिक, सूरजभान चहल, रघुबीर देशवाल, साधु राम, कुलवीर भावड़, सत्यवान माहरा, प्रदीप त्यागी, सतबीर मालिक, राजबीर, रेणू, स्नेहा, संदीप कालरा आदि मौजूद रहे।
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किसानों ने पूरी फसल की एमएसपी पर खरीद करने, फसल भुगतान की वर्तमान व्यवस्था को वापस लिए जाने, एफसीआई का बजट बढ़ाए जाने, एफसीआई के कच्चे कर्मचारियों को पक्का किए जाने के अलावा भी काफी मांग रखी। किसानों के एफसीआई कार्यालय के घेराव के दौरान वहां भारी पुलिस बल तैनात रहा।
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ऑल इंडिया किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष श्रद्धानंद सोलंकी ने कहा कि भारतीय खाद्य निगम का निजीकरण किसान व कर्मचारी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। किसानों ने बताया कि केंद्र सरकार ने जो योजना तैयार की है, उससे भारतीय खाद्य निगम नहीं बचेगा। क्योंकि प्राइवेट मंडी लग जाने से केवल प्राइवेट एजेंसी ही खरीद करेंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय खाद्य निगम के द्वारा ही गरीब लोगों को अनाज उपलब्ध हो पाता है। अगर ऐसे में ही खाद्य निगम निजी हाथों में चला जाएगा तो आम आदमी का बुरा हाल होगा, सरकारी विभागों के निजीकरण को बंद करना सही नहीं होगा। किसान नेताओं ने कहा कि कृषि कानून वापस न लिए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान आल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के प्रधान बिजेंद्र सिंह, किसान मजदूर संघर्ष समिति के नेता ईश्वर सिंह दहिया,भारतीय किसान यूनियन के कृष्ण शर्मा राजेश दहिया, भारतीय किसान पंचायत के नेता छतर सिंह एटक के नेता ओम कुमार जांबाज आदि मौजूद रहे।
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एहतियात के तौर पुलिस की निगरानी में रहा कार्यालय
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर एफसीआई कार्यालय के घेराव के एलान के बाद से ही पुलिस सतर्क हो गई थी। वहीं, एफसीआई की ओर से भी सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन से सहयोग की अपील की गई थी। ऐसे में धरने के दौरान एफसीआई कार्यालय पर पुलिस कर्मचारी तैनात रहे। वहीं, मुख्य द्वार को भी बंद रखा गया। हालांकि धरना शांतिपूर्ण रहा।
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गोहाना में किसानों ने एफसीआई गोदाम के बाहर दिया धरना
गोहाना। शहर में बरोदा रोड स्थित एफसीआई गोदाम के गेट पर सोमवार को किसानों ने भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले धरना-प्रदर्शन किया। किसानों ने केंद्र सरकार पर एफसीआई गोदामों को बंद करने का आरोप लगाया।
भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल ने कहा कि सरकार एफसीआई को खत्म करना चाहती है। अगर एफसीआई खत्म होती है तो किसान का खाद्यान कोई नहीं खरीदेगा। इसके अलावा गरीबों को सस्ते दामों पर अनाज नहीं मिलेगा। इससे किसानों में रोष है। इसी के विरोध में किसानों ने धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया। किसान किसी भी हालत में एफसीआई को खत्म नहीं होने देंगे। इस दौरान अशोक मुंडलाना, डॉ. शमशेर मलिक, समतामूलक महिला संगठन से डॉ. सुनीता त्यागी, जनसंघर्ष मंच हरियाणा से डॉ. सीडी शर्मा, सत्यवान मलिक, सूरजभान चहल, रघुबीर देशवाल, साधु राम, कुलवीर भावड़, सत्यवान माहरा, प्रदीप त्यागी, सतबीर मालिक, राजबीर, रेणू, स्नेहा, संदीप कालरा आदि मौजूद रहे।