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नगर निगम क्षेत्र में होगा प्रॉपर्टी का सर्वे, सरकार ने दी हरी झंडी
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Tue, 09 Feb 2016 11:56 PM IST
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सोनीपत नगर निगम क्षेत्र में होने वाले प्रॉपर्टी सर्वे के लिए रास्ता साफ हो गया है। मौजूदा परिस्थिति के मुताबिक जीआईएस (ग्लोबल इंफार्मेशन सिस्टम) पर आधारित सर्वे अनिवार्य किया गया है। सर्वे के लिए प्रदेश सरकार से भी अनुमति मिल चुकी है। सर्वे के बाद शहर और निगम में शामिल गांवों में भवनों की वास्तविक संख्या का ब्योरा निगम के पास होगा। प्रॉपर्टी सर्वे के लिए संबंधित कंपनी को निगम की ओर से वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया है। इस सर्वे के लिए निगम की ओर से 1.52 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
पूरे एरिया में होना है निगम एक्ट के तहत सर्वे
पिछले साल 6 जुलाई को सरकार ने नगर परिषद को भंग करके नगर निगम का दर्जा दिया गया। इसके लिए सरकार ने आसपास के 26 गांवों को निगम में शामिल किया। अब निगम प्रशासन ने पुराने शहर में जहां निगम एक्ट के तहत सर्वे कराकर प्रॉपर्टी टैक्स धारकों की पहचान करनी हैं, वहीं नए शामिल एरिया में पहली बार शहरी निकाय विभाग में टैक्स जमा कराने के लिए डाटा एकत्र करना है।
फिलहाल 2013 को आधार मानकर हो रही वसूली
प्रॉपटी टैक्स के लिए पूर्व की दरें 11 अक्टूबर 2013 को तय की गईं थीं। अब मौजूदा परिस्थिति के मुताबिक जीआईएस आधारित सर्वे होना है। इस सर्वे के मुताबिक हर प्रॉपर्टी का ब्योरा निगम के पास होगा। उसके बाद निगम नई दरों के हिसाब से प्रॉपर्टी टैक्स तय करेगा। नगर निगम सोनीपत में शामिल नए क्षेत्रों का संपत्ति कर सर्वे के बाद वसूला जाएगा, जो वित्त वर्ष 2015-16 से देय होगा। सर्वे को पूरा करने के बाद इसे निगम की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। इसके तहत भवन मालिक, भवन का खाता नंबर, प्लॉट नंबर, मालिक का नाम, फोन नंबर, भवन का क्षेत्रफल घर बैठे जान जा सकेगा।
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हर प्रॉपर्टी की बनेगी यूनीक आईडी
नगर निगम एरिया की हर प्रॉपर्टी की एक यूनीक आईडी बनेगी। कंप्यूटर स्क्रीन पर एक क्लिक से पूरी आईडी का बायोडॉटा निकल आएगा। गत जुलाई में सरकार की ओर से निगम की अधिसूचना जारी होने के बाद स्थानीय प्रशासन ने राई, मुरथल और सोनीपत ब्लॉक की 26 पंचायतों को निगम एरिया में शामिल कर लिया। इसके चलते निगम की जनसंख्या चार लाख को पार कर गई है।
हाउस टैक्स बनाने में रहेगी आसानी
रोहतक नगर निगम ने दो साल पहले इस तरह का सर्वे कराया था। इसके माध्यम से ही प्रत्येक मकान का नक्शा तैयार होता है। साथ ही सर्वे एजेंसी मकान को एक यूनीक नंबर देती है, जिसमें मकान का क्षेत्रफल, ऊंचाई-लंबाई, सदस्यों की संख्या, कारोबार से लेकर पूरी लोकेशन का ब्यौरा दर्ज करेगी। इसके आधार पर ही हर मकान का हाउस टैक्स तय होगा। पहले यह काम कर्मचारी फील्ड में जाकर करते थे, जिसमें गड़बड़ी या त्रुटि की गुंजाइश रहती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
निगम के गांवों को भी होगा सिटी का अहसास
सोनीपत शहर से लगते निगम एरिया में 26 गांवों की पंचायत शामिल है। अब तक उक्त गांवों में पंचायतें ही काम करती रही हैं। पहली बार गांवों में निगम शहरी अंदाज में न केवल विकास कार्य कराएगा, बल्कि रिकॉर्ड का ब्यौरा भी तैयार करेगा।
गांवों में पहली बार जाएंगे बिल
इस बार यह पहला मौका जब निगम में आए गांवों में भी प्रॉपटी टैक्स के बिल जाएंगे। 6 जुलाई 2015 के बाद सोनीपत को नप से नगर निगम बन चुका है। निगम में शामिल गांव में रहने वाले लोगों को अपनी प्रॉपर्टी का टैक्स निगम कार्यालय में आकर भरना होगा।
मुख्यालय की ओर से सोनीपत नगर निगम में प्रॉपर्टी सर्वे के लिए मंजूरी मिल चुकी है। जिसके बाद नगर निगम ने 1.52 करोड़ रूपये का वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया है। अगले तीन माह में ‘मैप माई इंडिया’ नामक कंपनी सर्वे का काम पूरा कर लेगी।
-रोहताश बिश्नोई, कार्यकारी अधिकारी, नगर निगम
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पूरे एरिया में होना है निगम एक्ट के तहत सर्वे
पिछले साल 6 जुलाई को सरकार ने नगर परिषद को भंग करके नगर निगम का दर्जा दिया गया। इसके लिए सरकार ने आसपास के 26 गांवों को निगम में शामिल किया। अब निगम प्रशासन ने पुराने शहर में जहां निगम एक्ट के तहत सर्वे कराकर प्रॉपर्टी टैक्स धारकों की पहचान करनी हैं, वहीं नए शामिल एरिया में पहली बार शहरी निकाय विभाग में टैक्स जमा कराने के लिए डाटा एकत्र करना है।
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फिलहाल 2013 को आधार मानकर हो रही वसूली
प्रॉपटी टैक्स के लिए पूर्व की दरें 11 अक्टूबर 2013 को तय की गईं थीं। अब मौजूदा परिस्थिति के मुताबिक जीआईएस आधारित सर्वे होना है। इस सर्वे के मुताबिक हर प्रॉपर्टी का ब्योरा निगम के पास होगा। उसके बाद निगम नई दरों के हिसाब से प्रॉपर्टी टैक्स तय करेगा। नगर निगम सोनीपत में शामिल नए क्षेत्रों का संपत्ति कर सर्वे के बाद वसूला जाएगा, जो वित्त वर्ष 2015-16 से देय होगा। सर्वे को पूरा करने के बाद इसे निगम की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। इसके तहत भवन मालिक, भवन का खाता नंबर, प्लॉट नंबर, मालिक का नाम, फोन नंबर, भवन का क्षेत्रफल घर बैठे जान जा सकेगा।
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हर प्रॉपर्टी की बनेगी यूनीक आईडी
नगर निगम एरिया की हर प्रॉपर्टी की एक यूनीक आईडी बनेगी। कंप्यूटर स्क्रीन पर एक क्लिक से पूरी आईडी का बायोडॉटा निकल आएगा। गत जुलाई में सरकार की ओर से निगम की अधिसूचना जारी होने के बाद स्थानीय प्रशासन ने राई, मुरथल और सोनीपत ब्लॉक की 26 पंचायतों को निगम एरिया में शामिल कर लिया। इसके चलते निगम की जनसंख्या चार लाख को पार कर गई है।
हाउस टैक्स बनाने में रहेगी आसानी
रोहतक नगर निगम ने दो साल पहले इस तरह का सर्वे कराया था। इसके माध्यम से ही प्रत्येक मकान का नक्शा तैयार होता है। साथ ही सर्वे एजेंसी मकान को एक यूनीक नंबर देती है, जिसमें मकान का क्षेत्रफल, ऊंचाई-लंबाई, सदस्यों की संख्या, कारोबार से लेकर पूरी लोकेशन का ब्यौरा दर्ज करेगी। इसके आधार पर ही हर मकान का हाउस टैक्स तय होगा। पहले यह काम कर्मचारी फील्ड में जाकर करते थे, जिसमें गड़बड़ी या त्रुटि की गुंजाइश रहती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
निगम के गांवों को भी होगा सिटी का अहसास
सोनीपत शहर से लगते निगम एरिया में 26 गांवों की पंचायत शामिल है। अब तक उक्त गांवों में पंचायतें ही काम करती रही हैं। पहली बार गांवों में निगम शहरी अंदाज में न केवल विकास कार्य कराएगा, बल्कि रिकॉर्ड का ब्यौरा भी तैयार करेगा।
गांवों में पहली बार जाएंगे बिल
इस बार यह पहला मौका जब निगम में आए गांवों में भी प्रॉपटी टैक्स के बिल जाएंगे। 6 जुलाई 2015 के बाद सोनीपत को नप से नगर निगम बन चुका है। निगम में शामिल गांव में रहने वाले लोगों को अपनी प्रॉपर्टी का टैक्स निगम कार्यालय में आकर भरना होगा।
मुख्यालय की ओर से सोनीपत नगर निगम में प्रॉपर्टी सर्वे के लिए मंजूरी मिल चुकी है। जिसके बाद नगर निगम ने 1.52 करोड़ रूपये का वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया है। अगले तीन माह में ‘मैप माई इंडिया’ नामक कंपनी सर्वे का काम पूरा कर लेगी।
-रोहताश बिश्नोई, कार्यकारी अधिकारी, नगर निगम
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