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Sonipat News: प्रोफेसर को सुप्रीम कोर्ट से मिली अंतरिम जमानत, आज हो सकेगी रिहाई
Thu, 22 May 2025 01:11 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 22 May 2025 01:11 AM IST
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सोनीपत। अशोका विश्वविद्यालय, राई के एसोसिएट प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद को ऑपरेशन सिंदूर और भारतीय सेना की महिला अधिकारियों को लेकर सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी के मामले में सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई है। हालांकि उनकी रिहाई बुधवार को नहीं हो सकी। वीरवार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश आने के बाद रिहा किया जाएगा।
अली खान महमूदाबाद के खिलाफ राई थाना में दो मुकदमे दर्ज हैं। इनमें एक मुकदमा गांव जठेड़ी के सरपंच योगेश व दूसरा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया के बयान पर दर्ज किया गया था। जिसमें उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर दो दिन के रिमांड पर लिया था। रिमांड पूरा होने के बाद मंगलवार को अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
मामला ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना की महिला अधिकारियों कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह को लेकर की गई फेसबुक पोस्ट से जुड़ा है, जिस पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी।
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बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने प्रोफेसर अली खान को अंतरिम जमानत देते हुए यह निर्देश दिया है कि वह सोशल मीडिया पर इस प्रकरण से जुड़ा कोई नया पोस्ट नहीं करेंगे और अपना पासपोर्ट सोनीपत की अदालत में जमा कराएंगे। इसके साथ ही कोर्ट ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर मामले की जांच के लिए तीन आईपीएस अधिकारियों की विशेष जांच टीम गठित करने के आदेश भी दिए हैं।
बुधवार को नहीं हो सकी रिहाई
सुप्रीम कोर्ट से जारी आदेश की कॉपी वीरवार को सोनीपत पहुंचेगी, जिसके बाद प्रोफेसर अली खान को जेल से रिहा किया जाएगा। ऐसे में उन्हें बुधवार रात को भी जेल में रहना पड़ेगा।
अशोका विवि ने राहत व प्रसन्नता जाहिर की
अशोका विवि की तरफ से बयान जारी कर कहा गया है कि हम प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद को सर्वोच्च न्यायालय से अंतरिम जमानत दिए जाने से राहत और प्रसन्नता महसूस कर रहे हैं। इससे उनके परिवार और अशोका विश्वविद्यालय में सभी को बहुत राहत मिली है।
न्याय की हुई जीत
नागरिक अधिकार मंच के पदाधिकारी विमल किशोर ने कहा कि यह न्याय की जीत है। सभी को अपने विचार रखने का अधिकार है। वह वीरवार को रिहा हो जाएंगे।
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अली खान महमूदाबाद के खिलाफ राई थाना में दो मुकदमे दर्ज हैं। इनमें एक मुकदमा गांव जठेड़ी के सरपंच योगेश व दूसरा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया के बयान पर दर्ज किया गया था। जिसमें उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर दो दिन के रिमांड पर लिया था। रिमांड पूरा होने के बाद मंगलवार को अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
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मामला ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना की महिला अधिकारियों कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह को लेकर की गई फेसबुक पोस्ट से जुड़ा है, जिस पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी।
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बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने प्रोफेसर अली खान को अंतरिम जमानत देते हुए यह निर्देश दिया है कि वह सोशल मीडिया पर इस प्रकरण से जुड़ा कोई नया पोस्ट नहीं करेंगे और अपना पासपोर्ट सोनीपत की अदालत में जमा कराएंगे। इसके साथ ही कोर्ट ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर मामले की जांच के लिए तीन आईपीएस अधिकारियों की विशेष जांच टीम गठित करने के आदेश भी दिए हैं।
बुधवार को नहीं हो सकी रिहाई
सुप्रीम कोर्ट से जारी आदेश की कॉपी वीरवार को सोनीपत पहुंचेगी, जिसके बाद प्रोफेसर अली खान को जेल से रिहा किया जाएगा। ऐसे में उन्हें बुधवार रात को भी जेल में रहना पड़ेगा।
अशोका विवि ने राहत व प्रसन्नता जाहिर की
अशोका विवि की तरफ से बयान जारी कर कहा गया है कि हम प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद को सर्वोच्च न्यायालय से अंतरिम जमानत दिए जाने से राहत और प्रसन्नता महसूस कर रहे हैं। इससे उनके परिवार और अशोका विश्वविद्यालय में सभी को बहुत राहत मिली है।
न्याय की हुई जीत
नागरिक अधिकार मंच के पदाधिकारी विमल किशोर ने कहा कि यह न्याय की जीत है। सभी को अपने विचार रखने का अधिकार है। वह वीरवार को रिहा हो जाएंगे।