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Sonipat News: परिचालकों की कमी से शादी के सीजन में बढ़ी समस्या
Tue, 28 Nov 2023 11:17 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 28 Nov 2023 11:17 PM IST
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सोनीपत के गोहाना सब डिपो में खड़ी बसें। संवाद
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गोहाना। शादी के सीजन में परिचालकों की कमी से रोडवेज बसों का संचालन रोडवेज के लिए चुनौती साबित हो रही है। रोडवेज के पास गोहाना बस डिपो में रोडवेज व किलोमीटर स्कीम की 76 बसे हैं जबकि परिचालकों की संख्या महज 90 है। शादियों के चलते इन दिनों करीब 20 से 25 परिचालक छुट्टी पर हैं। ऐसे में रोडवेज को परिचालकों की कमी खल रही है।
परिचालकों के अभाव में रोडवेज अधिकारियों को बसें बस अड्डा में ही खड़ी करनी पड़ रहा हैं। बसों का परिचालन नहीं होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साल के अंतिम महीनों नवंबर व दिसंबर में चालक व परिचालक अपनी बची हुई छुट्टियों के लिए आवेदन कर देते हैं। जिन परिचालकों की ड्यूटी लंबे रूटों पर लगी हुई है। उन परिचालकों को भी नियम के अनुसार साप्ताहिक अवकाश देने होते हैं। ऐसे में रोडवेज के लिए नवंबर व दिसंबर का महीना चुनौती भरा होता है। कम परिचालकों व चालकों के सहयोग से विभिन्न रूटों पर बसों का परिचालन किया जाता है। अधिकारियों के अनुसार किलोमीटर योजना की बसों पर प्राइवेट चालक होने से चालकों की कमी नहीं खलती। जबकि किलोमीटर व रोडवेज की बसों पर रोडवेज के परिचालक होने से परिचालकों की आवश्यकता अधिक होती है। परिचालकों की कमी के चलते कई बार कम सवारियों वाले रूटों को बंद भी करना पड़ता है।
वर्जन
शादियों का सीजन व साल के अंतिम महीनों के चलते परिचालक छुट्टियों पर चले जाते हैं जिससे परिचालकों की कमी हो जाती है। फिलहाल करीब 20 से 25 परिचालक छुट्टी पर चल रहे हैं। सभी रूटों पर नियमित तरीके से बसों का परिचालन किया जा सके, इसके लिए कारगर कदम उठाए जा रहे हैं।-रुपेंद्र, स्टेशन सुपरवाइजर (एसएस), बस अड्डा, गोहाना।
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परिचालकों के अभाव में रोडवेज अधिकारियों को बसें बस अड्डा में ही खड़ी करनी पड़ रहा हैं। बसों का परिचालन नहीं होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साल के अंतिम महीनों नवंबर व दिसंबर में चालक व परिचालक अपनी बची हुई छुट्टियों के लिए आवेदन कर देते हैं। जिन परिचालकों की ड्यूटी लंबे रूटों पर लगी हुई है। उन परिचालकों को भी नियम के अनुसार साप्ताहिक अवकाश देने होते हैं। ऐसे में रोडवेज के लिए नवंबर व दिसंबर का महीना चुनौती भरा होता है। कम परिचालकों व चालकों के सहयोग से विभिन्न रूटों पर बसों का परिचालन किया जाता है। अधिकारियों के अनुसार किलोमीटर योजना की बसों पर प्राइवेट चालक होने से चालकों की कमी नहीं खलती। जबकि किलोमीटर व रोडवेज की बसों पर रोडवेज के परिचालक होने से परिचालकों की आवश्यकता अधिक होती है। परिचालकों की कमी के चलते कई बार कम सवारियों वाले रूटों को बंद भी करना पड़ता है।
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शादियों का सीजन व साल के अंतिम महीनों के चलते परिचालक छुट्टियों पर चले जाते हैं जिससे परिचालकों की कमी हो जाती है। फिलहाल करीब 20 से 25 परिचालक छुट्टी पर चल रहे हैं। सभी रूटों पर नियमित तरीके से बसों का परिचालन किया जा सके, इसके लिए कारगर कदम उठाए जा रहे हैं।-रुपेंद्र, स्टेशन सुपरवाइजर (एसएस), बस अड्डा, गोहाना।
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